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Gonda News: गोंडा में हर 100 पुरुषों में 55 तंबाकू की गिरफ्त में
Mon, 14 Sep 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:31 PM IST
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गोंडा। नशा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करने वाली समस्या है। जिले में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) के आंकड़े इसकी गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं। वर्ष 2019-21 के मुकाबले 2023-24 में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के युवाओं में तंबाकू और शराब के सेवन की प्रवृत्ति बढ़ी है। महिलाओं में दोनों के सेवन में कमी दर्ज की गई है।
एनएफएचएस-6 के अनुसार जिले में 55.4 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। पहले यह आंकड़ा 51.6 प्रतिशत था। यानी इसमें 3.8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब है कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के हर 100 पुरुषों में 55 से अधिक तंबाकू के सेवन की बात सर्वे में सामने आई है। शराब के सेवन में भी पुरुषों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2019-21 में 11.1 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते थे, जो 2023-24 में बढ़कर 19.1 प्रतिशत हो गया। पांच साल में इसमें आठ प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। यानी हर 100 पुरुषों में करीब 19 शराब का सेवन करते हैं।
महिलाओं में नशे के सेवन की स्थिति पुरुषों से अलग रही। तंबाकू का सेवन करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 18.0 से घटकर 15.7 रह गया। इसी तरह शराब का सेवन करने वाली महिलाओं का आंकड़ा 0.4 से घटकर 0.2 प्रतिशत हो गया। आंकड़े बताते हैं कि नशे से दूरी बनाने में महिलाओं का रुझान बेहतर हुआ है।
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नशे को आदत बनने से पहले रोकना जरूरी
किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता दिलीप शुक्ल का कहना है कि तंबाकू और शराब का सेवन स्वास्थ्य के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। खासकर युवाओं में नशे की शुरुआत को रोकना जरूरी है। अभिभावक बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें और नशे को लेकर खुलकर बातचीत करें। स्कूल-कॉलेजों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को इसके नुकसान बताने चाहिए।
तंबाकू से कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के अध्यक्ष डॉ. महमूद आलम का कहना है कि तंबाकू का सेवन मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर के साथ हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। शराब का लंबे समय तक सेवन लिवर, हृदय और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। नशे से बचाव का सबसे आसान रास्ता इसकी शुरुआत ही न करना है। जो लोग इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें शर्मिंदा करने के बजाय परामर्श और उपचार के लिए प्रेरित करना चाहिए।
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एनएफएचएस-6 के अनुसार जिले में 55.4 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। पहले यह आंकड़ा 51.6 प्रतिशत था। यानी इसमें 3.8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब है कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के हर 100 पुरुषों में 55 से अधिक तंबाकू के सेवन की बात सर्वे में सामने आई है। शराब के सेवन में भी पुरुषों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2019-21 में 11.1 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते थे, जो 2023-24 में बढ़कर 19.1 प्रतिशत हो गया। पांच साल में इसमें आठ प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। यानी हर 100 पुरुषों में करीब 19 शराब का सेवन करते हैं।
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महिलाओं में नशे के सेवन की स्थिति पुरुषों से अलग रही। तंबाकू का सेवन करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 18.0 से घटकर 15.7 रह गया। इसी तरह शराब का सेवन करने वाली महिलाओं का आंकड़ा 0.4 से घटकर 0.2 प्रतिशत हो गया। आंकड़े बताते हैं कि नशे से दूरी बनाने में महिलाओं का रुझान बेहतर हुआ है।
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नशे को आदत बनने से पहले रोकना जरूरी
किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता दिलीप शुक्ल का कहना है कि तंबाकू और शराब का सेवन स्वास्थ्य के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। खासकर युवाओं में नशे की शुरुआत को रोकना जरूरी है। अभिभावक बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें और नशे को लेकर खुलकर बातचीत करें। स्कूल-कॉलेजों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को इसके नुकसान बताने चाहिए।
तंबाकू से कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के अध्यक्ष डॉ. महमूद आलम का कहना है कि तंबाकू का सेवन मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर के साथ हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। शराब का लंबे समय तक सेवन लिवर, हृदय और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। नशे से बचाव का सबसे आसान रास्ता इसकी शुरुआत ही न करना है। जो लोग इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं, उन्हें शर्मिंदा करने के बजाय परामर्श और उपचार के लिए प्रेरित करना चाहिए।