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Gonda News: गरीब बच्चों की शिक्षा के अनुदान में एक करोड़ रुपये का घोटाला

Fri, 27 Sep 2024 06:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Fri, 27 Sep 2024 06:07 PM IST
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One crore rupees scam in grants for education of poor children
गोंडा में परसपुर के पसका ​स्थित एसपीएसआर ​शिक्षा संस्थान
फर्जीवाड़ा : एक ही व्यक्ति ने 15 निजी स्कूलों की मान्यता हासिल कर कराया पंजीकरण
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ऑनलाइन कराया पंजीकरण, लेकिन न स्कूल के भवन मिले न बच्चे
डीएम नेहा शर्मा ने मामले की जांच के लिए बनाई विशेष जांच समिति

गोंडा। शिक्षा के क्षेत्र को कैसे भ्रष्टचार की दीमक खोखला कर रही है इसका ताजा उदाहरण जिले में देखने को मिला है। जरूरतमंद परिवार के बच्चों को काॅन्वेंट स्कूलों के स्तर की मुफ्त शिक्षा देने की सरकारी योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला उजागर हुआ है। एक व्यक्ति ने प्राथमिक स्तर के 15 स्कूलों की मान्यता कराकर आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण कराया। उन स्कूलों में छात्रों का आवेदन कराकर सरकारी अनुदान की करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि हड़प ली। पूरे मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने त्रिस्तरीय विशेष जांच समिति गठित की है।
बेसिक शिक्षा विभाग में अलाभित समूह के गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा के लिए कक्षा-एक में प्रवेश के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। इसके तहत आरटीई पोर्टल पर पंजीकृत स्कूलों में ऑनलाइन प्रवेश की प्रक्रिया होती है। इतना ही नहीं लॉटरी के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदित छात्रों का चयन होता है। प्रवेश होने पर प्रति छात्र 450 रुपये की दर से स्कूलों को फीस का अनुदान दिया जाता है।
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फर्जीवाड़ा करने वालों ने इसमें भी अनुदान हड़पने का तरीका खोज निकाला। बेसिक शिक्षा विभाग से मिलीभगत कर नंदौर परसपुर के निवासी प्रबंधक नाम ने 15 स्कूलों की मान्यता कराकर 500 से अधिक छात्रों का प्रवेश कराया। इसके साथ ही अनुदान तीन चरण में हासिल कर लिया। करीब एक करोड़ रुपये के अनुदान के घोटाले की रिपोर्ट बनी है। जब शिकायत हुई तो जांच में न तो स्कूल भवन ही मिला और न ही बच्चे। (संवाद)
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तीन सदस्यीय टीम करेगी पूरे मामले की जांच
आरटीई योजना में घपलेबाजी की जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें अपर उपजिलाधिकारी राजीव सक्सेना, वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर पटेल के साथ ही परसपुर ब्लाॅक के बीडीओ को जांच समिति में शामिल किया गया है। जांच टीम स्कूलों की मान्यता के साथ ही मान्यता की शर्तों के आधार पर संचालन की स्थिति, तय स्थान पर स्कूल का संचालन हो रहा है कि नहीं, इसके अलावा कक्षावार छात्र-छात्राओं का सत्यापन, फीस के रूप में मिले अनुदान के बारे में पड़ताल करेगी।


इन स्कूलों में हुआ प्रवेश के नाम पर खेल
निशुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए 15 स्कूलों के संचालन का खाका खींचा गया। इसमें दो ब्लाॅकों में एक ही व्यक्ति ने स्कूलों का संचालन शुरू किया। जांच में यह बात भी सामने आई कि एक ही समिति, एक ही भवन और शिक्षकों को दर्शाकर 15 स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इसमें परसपुर ब्लाॅक में आदर्श हरिजन शिक्षा समिति उल्टहवा माझा पसका, एसपीएसआर शिक्षण संस्थान पसका, श्रीभगवती सिंह राठौर प्राथमिक विद्यालय पसका पूरे गजराज, श्रीभगवती सिंह राठौर बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय पसका, आदर्श हरिजन शिक्षा समिति प्राथमिक विद्यालय नंदौर, आदर्श हरिजन शिक्षा समिति पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंदौर, आदर्श हरिजन शिक्षा समिति बालिका प्राथमिक विद्यालय नंदौर, आदर्श हरिजन शिक्षा समिति बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय नंदौर, हरिभगत बाबा मोनीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पसका, हरिभगत बाबा मोनीदास बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय पसका, भैय्या नागेश्वर सिंह माध्यमिक स्कूल सरैया नान्हूं, सावित्री देवी बाल शिक्षा निकेतन प्राथमिक विद्यालय पसका, बेलसर ब्लाॅक में आदर्श बाल विद्या मंदिर रगड़गंज, आदर्श किसान पीएस समिति बेलसर, आदर्श हरिजन शिक्षा पद्धति विद्यालय सांवलनगर जांच के दायरे में आए हैं।
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