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पुरानी काउंसलिंग निरस्त
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2015 11:33 PM IST
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शिक्षकों की पदोन्नति के लिए हुई काउंसलिंग में धांधली पर बीएसए ने पुरानी काउंसलिंग को निरस्त करते हुए नए सिरे से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कराने का निर्देश दिया है। यह काउंसिलिंग अब 24 जुलाई को होगी। परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति के लिए 14 जुलाई को महिला व निशक्त अध्यापकों की काउंसलिंग हुई थी।
नियमत: अध्यापकों की वरिष्ठता क्रम में इनसे तैनाती वाले स्कूल का चयन भी कराया जाना था, लेकिन यहां शिक्षक नेताओं व विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सेटिंग से नियम विरुद्ध काउंसलिंग करा ली गई। इसमें उन अध्यापकों को भी शामिल कर लिया गया, जो पात्र नहीं थे। यही नही कई खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर मनचाहे स्कूलों की सूची भी सार्वजनिक नहीं की गई।
इसके अलावा निचले क्रम वाले अध्यापकों को पहले ही बुलाकर उनको मनचाहा स्कूल दिला दिया गया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी अजयकुमार उपाध्याय के पास पहुंची तो उन्होंने 15 जुलाई को हुई काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए पत्रावली तलब कर ली थी।
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अहम बात यह भी थी कि यह सब कार्रवाई प्रभारी बीएसए एके राय की उपस्थिति में हो रही थी। सोमवार को बीएसए डॉ. फतेहबहादुर सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली और निर्देश दिया कि दो दिन के अंदर वह अपने क्षेत्रों की प्रमाणित प्रधानाध्यापक रिक्त वाले विद्यालयों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
साथ ही जिन अध्यापकों की तीन साल के अंदर पदोन्नति हुई थी और उन्होंने पदोन्नति नहीं ली है, उनका नाम पदोन्नति सूची में न शामिल करते हुए सूची उपलब्ध कराई जाए। बीएसए ने बताया कि पुरानी काउंसंलिंग को निरस्त कर दिया गया है। नए सिरे से काउंसलिंग 24 जुलाई को होगी।
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नियमत: अध्यापकों की वरिष्ठता क्रम में इनसे तैनाती वाले स्कूल का चयन भी कराया जाना था, लेकिन यहां शिक्षक नेताओं व विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की सेटिंग से नियम विरुद्ध काउंसलिंग करा ली गई। इसमें उन अध्यापकों को भी शामिल कर लिया गया, जो पात्र नहीं थे। यही नही कई खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर मनचाहे स्कूलों की सूची भी सार्वजनिक नहीं की गई।
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इसके अलावा निचले क्रम वाले अध्यापकों को पहले ही बुलाकर उनको मनचाहा स्कूल दिला दिया गया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी अजयकुमार उपाध्याय के पास पहुंची तो उन्होंने 15 जुलाई को हुई काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए पत्रावली तलब कर ली थी।
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अहम बात यह भी थी कि यह सब कार्रवाई प्रभारी बीएसए एके राय की उपस्थिति में हो रही थी। सोमवार को बीएसए डॉ. फतेहबहादुर सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली और निर्देश दिया कि दो दिन के अंदर वह अपने क्षेत्रों की प्रमाणित प्रधानाध्यापक रिक्त वाले विद्यालयों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
साथ ही जिन अध्यापकों की तीन साल के अंदर पदोन्नति हुई थी और उन्होंने पदोन्नति नहीं ली है, उनका नाम पदोन्नति सूची में न शामिल करते हुए सूची उपलब्ध कराई जाए। बीएसए ने बताया कि पुरानी काउंसंलिंग को निरस्त कर दिया गया है। नए सिरे से काउंसलिंग 24 जुलाई को होगी।