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चुनाव ड्यूटी में अधिकारी, फरियादी वापस लौटे
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:16 AM IST
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पंचायत चुनाव के अंतिम चरण का मतदान कराने के लिए अधिकारी व कर्मचारी चुनावी क्षेत्र में ड्यूटी निभाने चले गए। पुलिस कार्यालय में अधिकारियों की गैरमौजूदगी में आए फरियादियों को मायूस होना पड़ा। गुरुवार को जनपद के बेलसर, वजीरगंज, नवाबगंज व तरबगंज ब्लॉक क्षेत्र में डीडीसी व बीडीसी पद के लिए मतदान होना था।
पुलिस के आला अधिकारी समेत सभी राजपत्रित अधिकारियों व थानाध्यक्षों को चुनावी क्षेत्र की कमान सौंपी गई थी। 25 अक्तूबर को थाना उमरीबेगमगंज क्षेत्र के परासपट्टी मझवार गांव में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों में हुई कहासुनी के बाद एक प्रत्याशी व उसके समर्थकों ने फायरिंग कर दी थी जिसमें चार लोग घायल हो गए थे।
इससे प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए सभी थानाध्यक्षों को चुनाव में लगा दिया। थानों के ज्यादातर कर्मचारियों को भी चुनाव में लगा दिया गया। इससे पुलिस कार्यालय समेत थाने खाली हो गए।
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थानों पर सुनवाई के अभाव में फरियादी गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तो वहां भी उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं मिला, एक कर्मचारी मिला तो उसने रटा रटाया जुमला- ‘साहब रहेंगे तो आना, सब काम हो जाएगा’ कहकर फरियादियों को लौटा दिया।
थाना कटरा बाजार क्षेत्र के निंदूरा गांव निवासी परवीन बानो पत्नी निसार खां ने बताया कि 14 अक्तूबर की सुबह गांव के कुछ लोगों ने उसका मड़हा फूंक दिया।
जब उसने विरोध किया तो मारपीट करने पर आमादा हो गए। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने वह थाना कटरा बाजार गई तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और लौटा दिया। परवीन ने बताया कि वह एसपी से मिलने आई थी। मगर वे मिले नहीं। एक कर्मचारी ने लौटा दिया।
कोेतवाली नगर क्षेत्र के मलारी गांव के मजरे मोटाजोत निवासी खेमराज ने बताया कि वह सरकुलर रोड के रहने वाले एक बिल्डिंग मटेरियल के कारोबारी के यहां लोडर चलाता है।
खेमराज के मुताबिक 8 अक्तूबर की दोपहर वह गाड़ी पर सरिया व सीमेंट लादकर धानेपुर बेचने गया था। वहां से 18 हजार रुपये लेकर देर रात लौट रहा था।
उतरौला मार्ग पर मकबूल पुराही गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे से धमकाकर रुपये व मोबाइल फोन लूट लिया। खेमराज ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस ने उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की। वह कप्तान से मिलने आया था लेकिन वह नहीं मिले। एक कर्मचारी मिला तो उसने लौटा दिया।
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पुलिस के आला अधिकारी समेत सभी राजपत्रित अधिकारियों व थानाध्यक्षों को चुनावी क्षेत्र की कमान सौंपी गई थी। 25 अक्तूबर को थाना उमरीबेगमगंज क्षेत्र के परासपट्टी मझवार गांव में चुनाव प्रचार के दौरान दो पक्षों में हुई कहासुनी के बाद एक प्रत्याशी व उसके समर्थकों ने फायरिंग कर दी थी जिसमें चार लोग घायल हो गए थे।
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इससे प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए सभी थानाध्यक्षों को चुनाव में लगा दिया। थानों के ज्यादातर कर्मचारियों को भी चुनाव में लगा दिया गया। इससे पुलिस कार्यालय समेत थाने खाली हो गए।
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थानों पर सुनवाई के अभाव में फरियादी गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तो वहां भी उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं मिला, एक कर्मचारी मिला तो उसने रटा रटाया जुमला- ‘साहब रहेंगे तो आना, सब काम हो जाएगा’ कहकर फरियादियों को लौटा दिया।
थाना कटरा बाजार क्षेत्र के निंदूरा गांव निवासी परवीन बानो पत्नी निसार खां ने बताया कि 14 अक्तूबर की सुबह गांव के कुछ लोगों ने उसका मड़हा फूंक दिया।
जब उसने विरोध किया तो मारपीट करने पर आमादा हो गए। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने वह थाना कटरा बाजार गई तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और लौटा दिया। परवीन ने बताया कि वह एसपी से मिलने आई थी। मगर वे मिले नहीं। एक कर्मचारी ने लौटा दिया।
कोेतवाली नगर क्षेत्र के मलारी गांव के मजरे मोटाजोत निवासी खेमराज ने बताया कि वह सरकुलर रोड के रहने वाले एक बिल्डिंग मटेरियल के कारोबारी के यहां लोडर चलाता है।
खेमराज के मुताबिक 8 अक्तूबर की दोपहर वह गाड़ी पर सरिया व सीमेंट लादकर धानेपुर बेचने गया था। वहां से 18 हजार रुपये लेकर देर रात लौट रहा था।
उतरौला मार्ग पर मकबूल पुराही गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे से धमकाकर रुपये व मोबाइल फोन लूट लिया। खेमराज ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस ने उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की। वह कप्तान से मिलने आया था लेकिन वह नहीं मिले। एक कर्मचारी मिला तो उसने लौटा दिया।