{"_id":"d999d7ba63af1410ee908f09c7c30942","slug":"no-relief-from-the-logging-road-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर जलभराव से राहत नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर जलभराव से राहत नहीं
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम का तीन दिन के भीतर इटियाथोक की तालाब बनी सड़क को दुरुस्त कराने का आदेश हवा हवाई साबित हो गया। दस दिन पहले डीएम अजय कुमार उपाध्याय और विधायक नन्दिता शुक्ला ने विद्युत उपकेन्द्र से सरयू नहर कालोनी तक की करीब दो किलोमीटर लम्बी तालाब बन चुकी सड़क को तीन दिन के भीतर ठीक कराने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी थी।
सड़क का स्थलीय निरीक्षण करते समय डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने कस्बे वासियों को तीन दिन में रास्ते को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन निर्देश के दस दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्रीय लोगों को सड़क के गड्ढों व जल भराव से मुक्ति नहीं मिल पायी। आज भी वाहन व लोग किसी तरह जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। इटियाथोक बाजार गोंडा-बलरामपुर मुख्य मार्ग पर स्थित है।
जलभराव को देखते हुए डीएम ने सड़क के दोनों तरफ कच्ची नाली बनाये जाने का निर्देश मातहतों को दिया था। लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीें हो पाया। दस दिन बीतने के बाद अब तक यहां मात्र एक ट्रक पत्थर गिरा है। जो पूरी तरह अपर्याप्त है। कई जगहों पर सड़क के बीचो-बीच पत्थरों के ढेर लगें हैं। लेकिन पीडब्ल्यूडी के श्रमिक इसे गड्ढों में नहीं भर पायें हैं।
विज्ञापन
बताया जाता है कि सड़क की सूरत संवारने के लिये यहां 500 मीटर सीसी रोड की स्वीकृति शासन से मिली है, जो लोंगों के साथ छलावा है। रोजाना इस मार्ग से बलरामपुर जाने वाले वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं। जिससे रोजाना जाम लगा रहता है। चोटहिल होकर लोग घायल हो जाते हैं। क्षेत्र के हर्षित शुक्ला छोटू, पीयूष शुक्ला, मोहित उपाध्याय, आमिर खां, रोहित दूबे ने बताया कि प्रशासन की लापरवाही से क्षेत्र की हजारों की आबादी रोजाना मुश्किलों का सामना कर रही है।
विज्ञापन
सड़क का स्थलीय निरीक्षण करते समय डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने कस्बे वासियों को तीन दिन में रास्ते को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन निर्देश के दस दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्रीय लोगों को सड़क के गड्ढों व जल भराव से मुक्ति नहीं मिल पायी। आज भी वाहन व लोग किसी तरह जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। इटियाथोक बाजार गोंडा-बलरामपुर मुख्य मार्ग पर स्थित है।
विज्ञापन
जलभराव को देखते हुए डीएम ने सड़क के दोनों तरफ कच्ची नाली बनाये जाने का निर्देश मातहतों को दिया था। लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीें हो पाया। दस दिन बीतने के बाद अब तक यहां मात्र एक ट्रक पत्थर गिरा है। जो पूरी तरह अपर्याप्त है। कई जगहों पर सड़क के बीचो-बीच पत्थरों के ढेर लगें हैं। लेकिन पीडब्ल्यूडी के श्रमिक इसे गड्ढों में नहीं भर पायें हैं।
विज्ञापन
बताया जाता है कि सड़क की सूरत संवारने के लिये यहां 500 मीटर सीसी रोड की स्वीकृति शासन से मिली है, जो लोंगों के साथ छलावा है। रोजाना इस मार्ग से बलरामपुर जाने वाले वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं। जिससे रोजाना जाम लगा रहता है। चोटहिल होकर लोग घायल हो जाते हैं। क्षेत्र के हर्षित शुक्ला छोटू, पीयूष शुक्ला, मोहित उपाध्याय, आमिर खां, रोहित दूबे ने बताया कि प्रशासन की लापरवाही से क्षेत्र की हजारों की आबादी रोजाना मुश्किलों का सामना कर रही है।