फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   No electricity in radiology for four days, three thousand patients returned

रेडियोलॉजी में चार दिन से बिजली नहीं, तीन हजार रोगी लौटे

Mon, 31 Oct 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 31 Oct 2022 11:03 PM IST
विज्ञापन
No electricity in radiology for four days, three thousand patients returned
गोंडा। संक्रामक बीमारियों के पांव पसारने से जिलेभर में हाहाकार मचा हुआ है। डेंगू व वायरल फीवर के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। मगर शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में केबल जलने से ठप हुई विद्युत आपूर्ति सोमवार शाम तक चालू नहीं हो सकी। ऐसे में चार दिन से न सिर्फ परिसर में अंधेरा है बल्कि सभी जांच मशीनें ठप पड़ी हैं। शुक्रवार से सोमवार तक करीब तीन हजार मरीजों को बिजली न होने की बात कहकर बिना जांच के ही लौटा दिया गया।
विज्ञापन

बदलते मौसम में जिला अस्पताल में हर रोज करीब 1600 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे। इनमें से 700 से अधिक लोगों को एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन व खून की विभिन्न जांचें करानी पड़ रही हैं। इमरजेंसी में भी इन दिनों मरीजों का तांता लगा रहता है। शुक्रवार सुबह से जिला अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में बिजली ठप होने से सोमवार तक तीन हजार से अधिक मरीजों को बिना जांच के ही लौटना पड़ा। सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज कराने आई संदेशवा निवासी ललिता ने बताया कि बेटे को तेज बुखार है। डॉक्टर ने खून की जांच लिखी है, मगर यहां बताया गया कि बिजली आने के बाद ही जांच हो पाएगी।
विज्ञापन

डुमरियाडीह के स्वामीनाथ ने बताया कि यहां चार दिन से जांच नहीं हो पा रही है। बाहर से जांच करानी पड़ी। इतना ही नहीं रेडियालॉजी विभाग में न सिर्फ जांचे ठप रही, बल्कि रेडियोलॉजिस्ट व एलटी भी नदारद रहे। मरीज व तीमारदार मोबाइल का टार्च जलाकर जिम्मेदारों को ढूंढते रहे ताकि पता कर सकें कि जांच कब शुरू होगी। शिवबख्श पुरवा निवासी रोहित टार्च जलाकर पैथालॉजी में घुसे तो वहां कुर्सियां खाली पड़ी थीं। निराश होकर वह बाहर से जांच कराने चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में गर्भवतियों को दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल पर जाने के लिए दर्जनों सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं, जिससे इनकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ने का खतरा बना रहता है। सोमवार को महिला अस्पताल में भी बिजली गुल होने के कारण लिफ्ट बंद रही। ऐसे में सिजेरियन व सामान्य प्रसव कराने वाली गर्भवतियों को दर्जनों सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ा। बिजली न होने से एसएनसीयू में संचालित कुछ मशीनें बंद हो गईं, जिससे भर्ती नवजातों की सांसें अटकने लगीं। हालांकि कुछ देर बाद जेनरेटर चलाकर मशीनें तो शुरू कर दी गईं मगर लिफ्ट का संचालन नहीं हो सका।
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में वैसे तो 24 घंटे आपूर्ति के लिए अलग से विद्युत लाइनें खींची गईं हैं, मगर फाल्ट की वजह से बिजली कटने पर चार बड़े जेनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए हर महीने लाखों रुपये के डीजल खपत होने का दावा तो किया जाता है मगर सोमवार को बिजली गुल होने पर जेनरेटर चलाने में कंजूसी देखी गई। इससे मरीजों को टार्च की रोशनी में इलाज कराना पड़ा।
अस्पताल के विद्युत कर्मचारी इस्लाम ने बताया कि दो दिन पहले जिला अस्पताल के रेडियालॉजी विभाग में केबल जल गया था। इसे बदलने के लिए जेई से स्टीमेट बनवाने व अन्य प्रक्रियाओं में समय लग गया। सोमवार को आंबेडकर चौराहा व डीएम आवास के पास तकनीकी समस्या होने के कारण मुख्य लाइन से ही बिजली बाधित है। जेई से बात करके ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।

जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदुबाला ने बताया कि तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। जेनरेटर चालू कराकर इमरजेंसी मशीनें व लाइटें संचालित की जा रही थीं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से बात की गई है, जल्द ही आपूर्ति शुरू होने का भरोसा दिलाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed