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लापरवाह डॉक्टरों की बनेगी सूची
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2015 11:25 PM IST
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जिले में चार महीने या उससे अधिक समय से गायब चल रहे डॉक्टरों की कुंडली एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग में तैयार की जाने लगी है। सीएमओ ने इस संबंध में जिलेभर के सीएचसी-पीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी कर ऐसे डाक्ॅटरों की सूची मांगी है, जो महीनों से गायब हैं।
बताया जाता है कि शासन से ऐसे चिकित्सकों की सूची निदेशालय से मांगी गई है। ताकि गायब रहने वाले डॉक्टरों को नौकरी से बर्खास्त कर उनकी जगह नए चिकित्सकों की तैनाती की जा सके। स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश में जुटी हुई है।
इसके लिए जहां वह प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है तो वहीं दूसरी ओर महीनों से गायब चल रहे डॉक्टर भी सरकार के निशाने पर हैं। इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने के लिए उसकी तरफ से हर जिलों से गायब डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा गया है।
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गोंडा जिले में स्वास्थ्य विभाग की 16 सीएचसी/पीएचसी के अलावा 50 स्वास्थ्य केेंद्र हैं। जहां सीएमओ के अधीन कुल मिलाकर 90 डॉक्टर कार्यरत हैं। लेकिन इनमें कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो महीनों ड्यूटी पर ही नहीं आते। जबकि बैकडोर से इनके वेतन का भुगतान भी विभागीय लोगों की मिलीभगत से चोरी-छिपे होता रहता है।
ऐसे डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने निदेशालय से इनकी सूची मुख्यालय तलब की है, ताकि इन्हें पीएमएस की सेवा से बर्खास्त करके इनके स्थान पर नए डॉक्टरों की तैनाती की जा सके। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का कहना है कि निदेशालय से आए निर्देशों के क्रम में सीएचसी-पीएचसीवार ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार करवाई जा रही है।
जो डॉक्टर चार महीने या उससे ज्यादा समय से ड्यूटी से गायब हैं, उनकी पूरी रिपोर्ट निदेशालय को तीन दिन के भीतर भेज दी जाएगी, ताकि ऊपर से उनके खिलाफ जो संभव कार्रवाई हो, वह पूरी की जा सके।
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बताया जाता है कि शासन से ऐसे चिकित्सकों की सूची निदेशालय से मांगी गई है। ताकि गायब रहने वाले डॉक्टरों को नौकरी से बर्खास्त कर उनकी जगह नए चिकित्सकों की तैनाती की जा सके। स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश में जुटी हुई है।
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इसके लिए जहां वह प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है तो वहीं दूसरी ओर महीनों से गायब चल रहे डॉक्टर भी सरकार के निशाने पर हैं। इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने के लिए उसकी तरफ से हर जिलों से गायब डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा गया है।
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गोंडा जिले में स्वास्थ्य विभाग की 16 सीएचसी/पीएचसी के अलावा 50 स्वास्थ्य केेंद्र हैं। जहां सीएमओ के अधीन कुल मिलाकर 90 डॉक्टर कार्यरत हैं। लेकिन इनमें कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो महीनों ड्यूटी पर ही नहीं आते। जबकि बैकडोर से इनके वेतन का भुगतान भी विभागीय लोगों की मिलीभगत से चोरी-छिपे होता रहता है।
ऐसे डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने निदेशालय से इनकी सूची मुख्यालय तलब की है, ताकि इन्हें पीएमएस की सेवा से बर्खास्त करके इनके स्थान पर नए डॉक्टरों की तैनाती की जा सके। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा का कहना है कि निदेशालय से आए निर्देशों के क्रम में सीएचसी-पीएचसीवार ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार करवाई जा रही है।
जो डॉक्टर चार महीने या उससे ज्यादा समय से ड्यूटी से गायब हैं, उनकी पूरी रिपोर्ट निदेशालय को तीन दिन के भीतर भेज दी जाएगी, ताकि ऊपर से उनके खिलाफ जो संभव कार्रवाई हो, वह पूरी की जा सके।