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पैसे के अभाव में छूटी पढ़ाई, कंपनी से करार कर गांव में शुरू किया ऑनलाइन बिजनेस

Wed, 04 Nov 2020 09:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 09:51 PM IST
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Missed studies due to lack of money, tied up with company and started online business in village
गोंडा के खजुरी निधि गांव में जैविक खाद तैयार कर दिखाते सुरेश कुमार। - फोटो : GONDA
बेलसर (गोंडा)। पैसे के अभाव में पढ़ाई तो नही कर सके लेकिन अपने हुनर से आनलाइन बिजनेस करके लाखों की आमदनी घर बैठे कर रहे हैं। अब यह बेरोजगारों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। हम बात कर रहे हैं परसपुर ब्लाक के खुजरी निधि गांव के सुरेश कुमार सिंह की, जो कक्षा 8 पास करने के बाद पैसे के अभाव में आगे की पढ़ाई नही कर सके। कई शहरों में नौकरी के लिए दौड़भाग किया और प्राइवेट डिस्ट्रीब्यूटर के यहां दिल्ली में नौकरी किया। वहां कंप्यूटर सीखने के साथ ही आनलाइन बिजनेस के तरीके सीखे। इसके बाद आनलाइन बिजनेस कंपनी अमेजन से करार किया और अब अपने गांव से ही आनलाइन बिजनेस कर रहे हैं। वह भी गांव में ही मिलने वाले गिलोय, उपल, मिट्टी और आम की लकड़ी ही आनलाइन बिक्री कर रहे हैं।
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दिल्ली से आनलाइन बिजनेस की जानकारी करने के बाद वह अपने गांव पहुंचा और कम्प्यूटर खरीद कर सिस्टम तैयार किया। इसके बाद उन्होने अपने बिजनेस सेंटर पर आनलाइन ही गोबर के बनने वाले उपल, आम की लकड़ी, गिलोय, मिट्टी आदि की खूबियों के साथ मूल्य तय करके अपलोड़ किया। आनलाइन ही लोग बुकिंग करने लगे और आर्डर आने लगा। ऑर्डर के अनुसार माल को पैक करा दिया जाता है। कोरियर वाले घर से माल ले कर चले जाते हैं। सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि 50 ग्राम से 18 किग्रा तक का माल ऑनलाइन बेचा जाता है। बताया कि गिलोय, आम की लकड़ी, उपला की मांग बाहर काफी है। किसान गोबर की खाद 1000 रुपए ट्राली बेचता है। जबकि ऑनलाइन पांच उपला की कीमत 399 रुपए है। गोबर से तैयार जैविक खाद की सबसे अधिक डिमांड जम्बू कश्मीर में गई है। 22 दिनों में 700 किलो ग्राम से 5 किलोग्राम के पैक में भेजी जा चुकी है। बताया प्रति माह 50 से 70 हजार की बचत हो जाती है।
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प्राइवेट नौकरी में नही हो रही थी कमाई तो निकाला रास्ता
विकास खंड परसपुर के ग्राम पंचायत खजुरी निधि के राजस्व गांव कपनी गांव निवासी सुरेश कुमार सिंह ने कक्षा 8 तक पढ़ाई किया। ऊपर की पढ़ाई के लिए पैसा न होने के कारण बाहर जा कर प्राइवेट नौकरी शुरू किया। लेकिन नौकरी में मिलने वाले पैसों से संतुष्ट नहीं हुए। साथ ही मन में इस बात का मलाल था कि हमारे जैसे न जाने कितने युवा नौकरी के लिए शहरो में भटक रहे है। जिनको मिल भी गई है, उनको मिलने वाला पैसा भी काफी कम है। इस पैसे से परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि कई जगहों पर नौकरी किया लेकिन मेरे अंदर बस एक बात थी नौकरी वहां करूं, जहां से कुछ व्यवसाय करने के तरीके सीख सकूं। काम कि तलाश में वह दिल्ली के एक डिस्टीब्यूटर के यहां पहुंच गए। जहां पर कुछ दिन काम करने के बाद उसने ऑनलाइन काम करने की सलाह दिया। उसके बताए गए निर्देशो के अनुसार मैंने अमेजन कंपनी से अनुबंध किया। अपना जीएसटी बनवाया कम्प्यूट ,प्रिंटर ,खरीदा और आनलाइन बिजनेस शुरू कर दिया।
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