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करवा चौथ आज, महिलाओं ने की खरीदारी
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:51 PM IST
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करवा चौथ हिंदुओं का परंपरागत एवं आस्था का महत्वपूर्ण त्योहार है। यह न केवल गोंडा में बल्कि पूरे भारत में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसमें सुहागिनें पति के दीर्घायु एवं उन्नति को लेकर निर्जला व्रत रखती हैं। इसके लिए सुहागिनें मिट्टी के घड़े का करवा, लाई, गट्टा या अन्य मिठाइयों का भोग लगाती हैं।
इसमें करवा को फेरा जाता है। गणेश व गौरी की पूजा करने के पश्चात सुहागिनें चंद्रमा का दर्शन करती हैं। इसके बाद वे जल ग्रहण कर व्रत तोड़ती हैं। गुरुवार को महिलाओें ने श्रंगार के लिए बाजारों में प्रसाधन सामग्री खरीदी।
करवा चौथ संकल्प का व्रत होता है, जिसे पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। सुहागिनें चावल के आंटे की चार आसा, डिब्बी, सूर्य, चंद्रमा, गौरी व गणेश बनाती हैं।
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इसके बाद कलश की स्थापना कर चौमुखी दीपक में दीपक जलाती हैं। पूजन के दौरान सुहागिनें सात बार कहती हैं चौमुख दिया चौमुख बाती, अर्घ्य देत सदा अहिबाती।
इसके बाद चंद्र का दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं। गुरुवार को करवा चौथ को लेकर बाजारों में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। इससे बाजार गुलजार रहा।
करवा चौथ पर पुरुष भी अपनी पत्नी को उपहार भेंट करते हैं। इसके लिए दुकानों पर महिलाओं व पुरुषों को खरीदारी करते देखा गया। कोई पत्नी के लिए वस्त्र खरीद रहा था तो कोई जेवर। करवा खरीदने गईं महिलाओं ने अपने पतियों के लिए भी गिफ्ट खरीदे।
महिलाओं ने पूजन के लिए चूड़ी, बिंदी सहित तमाम प्रकार के प्रसाधन और करवा, सींक आदि की खरीदारी की। नए परिधान भी खरीदे, जिसे पहन कर माता गौरी की पूजा करेंगी।
पंडित राजन मिश्र के अनुसार शुक्रवार को गणेश संकष्टी चतुर्थी है। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। शुक्रवार को शाम 8 बजकर तीन मिनट पर चंद्रोदय होगा। चंद्र के उदय होते ही महिलाएं पूजन कर चंद्र का दर्शन करेंगी।
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इसमें करवा को फेरा जाता है। गणेश व गौरी की पूजा करने के पश्चात सुहागिनें चंद्रमा का दर्शन करती हैं। इसके बाद वे जल ग्रहण कर व्रत तोड़ती हैं। गुरुवार को महिलाओें ने श्रंगार के लिए बाजारों में प्रसाधन सामग्री खरीदी।
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करवा चौथ संकल्प का व्रत होता है, जिसे पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। सुहागिनें चावल के आंटे की चार आसा, डिब्बी, सूर्य, चंद्रमा, गौरी व गणेश बनाती हैं।
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इसके बाद कलश की स्थापना कर चौमुखी दीपक में दीपक जलाती हैं। पूजन के दौरान सुहागिनें सात बार कहती हैं चौमुख दिया चौमुख बाती, अर्घ्य देत सदा अहिबाती।
इसके बाद चंद्र का दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं। गुरुवार को करवा चौथ को लेकर बाजारों में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। इससे बाजार गुलजार रहा।
करवा चौथ पर पुरुष भी अपनी पत्नी को उपहार भेंट करते हैं। इसके लिए दुकानों पर महिलाओं व पुरुषों को खरीदारी करते देखा गया। कोई पत्नी के लिए वस्त्र खरीद रहा था तो कोई जेवर। करवा खरीदने गईं महिलाओं ने अपने पतियों के लिए भी गिफ्ट खरीदे।
महिलाओं ने पूजन के लिए चूड़ी, बिंदी सहित तमाम प्रकार के प्रसाधन और करवा, सींक आदि की खरीदारी की। नए परिधान भी खरीदे, जिसे पहन कर माता गौरी की पूजा करेंगी।
पंडित राजन मिश्र के अनुसार शुक्रवार को गणेश संकष्टी चतुर्थी है। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। शुक्रवार को शाम 8 बजकर तीन मिनट पर चंद्रोदय होगा। चंद्र के उदय होते ही महिलाएं पूजन कर चंद्र का दर्शन करेंगी।