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गो आश्रय केंद्र में गर्मी से बचाव के करें प्रबंध : निदेशक
Sat, 04 Apr 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:19 PM IST
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पसका। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. एमपी सिंह ने शुक्रवार देर शाम चंगेरी स्थित गो आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक पंजिका, भूसा स्टॉक, कैश बुक, भ्रमण पंजिका, टीकाकरण पंजिका, चोकर स्टॉक, भरण-पोषण एवं श्रमिक उपस्थिति पंजिका की जांच की गई।
प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. खिलाड़ी शंकर ने बताया कि निदेशक ने गर्मी से बचाव के लिए पशु शेड के चारों ओर जूट के बोरे बांधकर उन पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। साथ ही पशुओं के पानी की चरनी की नियमित सफाई व स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गोशाला से संबंधित चारागाह में समय से हरे चारे की बोआई कराने, गेहूं कटाई के समय सस्ते दाम पर भूसे का पर्याप्त भंडारण करने और आसपास के किसानों को भूसा दान के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।
निदेशक ने गोशाला में पशुओं की संख्या अधिक होने पर अतिरिक्त शेड निर्माण एवं बायोगैस प्लांट स्थापित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही बाहर घूम रहे निराश्रित गोवंश को गोशाला में संरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोशाला में नवाचार करने वाले ग्राम प्रधानों को शासन स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर मंडलीय अपर निदेशक डॉ. अरविंद सरोज, डॉ. एसके शर्मा, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. खिलाड़ी शंकर ने बताया कि निदेशक ने गर्मी से बचाव के लिए पशु शेड के चारों ओर जूट के बोरे बांधकर उन पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। साथ ही पशुओं के पानी की चरनी की नियमित सफाई व स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गोशाला से संबंधित चारागाह में समय से हरे चारे की बोआई कराने, गेहूं कटाई के समय सस्ते दाम पर भूसे का पर्याप्त भंडारण करने और आसपास के किसानों को भूसा दान के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।
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निदेशक ने गोशाला में पशुओं की संख्या अधिक होने पर अतिरिक्त शेड निर्माण एवं बायोगैस प्लांट स्थापित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही बाहर घूम रहे निराश्रित गोवंश को गोशाला में संरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोशाला में नवाचार करने वाले ग्राम प्रधानों को शासन स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर मंडलीय अपर निदेशक डॉ. अरविंद सरोज, डॉ. एसके शर्मा, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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