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पौने पांच लाख किसानों की फंस सकती सम्मान निधि
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फोटो-4 गोंडा के जनसेवा केंद्र पर ई-केवाईसी सत्यापन कराता युवक। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। ई-केवाईसी सत्यापन न करवाने वाले जिले के करीब पौने पांच लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि की 11वीं किस्त मिलना मुश्किल हो जाएगी। सम्मान निधि के लाभार्थी पांच लाख किसानों में से सिर्फ 23,765 लोगों ने ई-केवाईसी सत्यापन करवाया है, जबकि करीब पौने पांच लाख से अधिक किसानों ने ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित रहना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत निधि का लाभ ले रहे किसानों को अब ई-केवाईसी सत्यापन करानी होगी। ई-केवाईसी न कराने पर किसानों को 11वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसे लेकर शासन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिले में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से अब तक 5,09503 किसान जुड़े हैं। सम्मान निधि की दस किस्त मिल चुकी है। अब 11वीं किस्त देने की तैयारी की जा रही है। उपकृषि निदेशक शैैलेंद्र कुमार शाही ने बताया कि अब शासन ने योजना के लाभार्थी सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन जरूरी कर दिया है। पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपने पंजीकरण का ई-केवाईसी सत्यापन जरूर करवाएं। प्रक्रिया तभी पूरी मानी जाएगी, जब लाभार्थी का आधार लिंक मोबाइल नंबर उसके खाते से लिंक हो जाएगा। किसान खुद या अपने करीबी जनसेवा केंद्रों पर जाकर ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं। सिर्फ मात्र 13,765 किसानों ने ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की है।
कैसे करें ई-केवाईसी सत्यापन
प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लाभार्थी किसान जनसेवा केन्द्रों के अलावा खुद से भी ई-केवाईसी सत्यापन कर सकते हैं। सत्यापन के लिए पीएम किसान के पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना होगा। उसके बाद पोर्टल पर पंजीकृत आधार संख्या दर्ज करना होगा। स्कीन पर प्रदर्शित कैप्चा का विवरण दर्ज होने के बाद अपने आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। पंजीकृत मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करने पर केवाई पंजीकरण सफल हो जाएगा। वहीं जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, उनको जनसेवा केद्र पर जाकर बायोमैट्रिक सत्यापन करवाना पड़ेगा।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सभी किसानों को ई-केवाईसी सत्यापन करवाना अनिवार्य है। जब तक किसानों का आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर उसके खाते से लिंक नहीं हो जाएगा तब तक उस किसान को किसान सम्माननिधि की 11वीं किस्त नहीं मिलेगी। सभी किसान 31 मार्च तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन अवश्य करवा लें। शैलेंद्र कुमार शाही, उपकृषि निदेशक
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प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत निधि का लाभ ले रहे किसानों को अब ई-केवाईसी सत्यापन करानी होगी। ई-केवाईसी न कराने पर किसानों को 11वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसे लेकर शासन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिले में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से अब तक 5,09503 किसान जुड़े हैं। सम्मान निधि की दस किस्त मिल चुकी है। अब 11वीं किस्त देने की तैयारी की जा रही है। उपकृषि निदेशक शैैलेंद्र कुमार शाही ने बताया कि अब शासन ने योजना के लाभार्थी सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी सत्यापन जरूरी कर दिया है। पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपने पंजीकरण का ई-केवाईसी सत्यापन जरूर करवाएं। प्रक्रिया तभी पूरी मानी जाएगी, जब लाभार्थी का आधार लिंक मोबाइल नंबर उसके खाते से लिंक हो जाएगा। किसान खुद या अपने करीबी जनसेवा केंद्रों पर जाकर ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं। सिर्फ मात्र 13,765 किसानों ने ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की है।
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कैसे करें ई-केवाईसी सत्यापन
प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लाभार्थी किसान जनसेवा केन्द्रों के अलावा खुद से भी ई-केवाईसी सत्यापन कर सकते हैं। सत्यापन के लिए पीएम किसान के पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना होगा। उसके बाद पोर्टल पर पंजीकृत आधार संख्या दर्ज करना होगा। स्कीन पर प्रदर्शित कैप्चा का विवरण दर्ज होने के बाद अपने आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। पंजीकृत मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करने पर केवाई पंजीकरण सफल हो जाएगा। वहीं जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, उनको जनसेवा केद्र पर जाकर बायोमैट्रिक सत्यापन करवाना पड़ेगा।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सभी किसानों को ई-केवाईसी सत्यापन करवाना अनिवार्य है। जब तक किसानों का आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर उसके खाते से लिंक नहीं हो जाएगा तब तक उस किसान को किसान सम्माननिधि की 11वीं किस्त नहीं मिलेगी। सभी किसान 31 मार्च तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन अवश्य करवा लें। शैलेंद्र कुमार शाही, उपकृषि निदेशक