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Gonda News: राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए कीर्तिवर्धन ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र
Sat, 31 Aug 2024 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 31 Aug 2024 12:44 AM IST
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गोंडा। यूएफए (उतरौला, फैजाबाद, इलाहाबाद) स्टेट हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाकर लोगों के आवागमन को बेहतर बनाने का जिम्मा स्थानीय सांसद और केंद्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लिया है। उन्होंने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर राज्यमार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है।
विदेश राज्यमंत्री ने पत्र में कहा कि भारत व नेपाल सीमा के निकट स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन तुलसीपुर से उतरौला, रेहरा, मनकापुर, नवाबगंज से तीर्थ स्थल अयोध्या व प्रयागराज को यह मार्ग जोड़ता है। लगभग 100 किलोमीटर लंबा यह मार्ग उत्तर प्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। जो उत्तर से दक्षिण प्रयागराज को जोड़ता है। इस मार्ग पर सामान्य आवागमन, यातायात के अलावा तमाम तीर्थयात्रियों का आवागमन रहता है। यही नहीं, तमाम बौद्ध धर्म के विदेशी व भारतीय अनुयायियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नेपाल से सटी उत्तरी सीमा पर कोई रेलमार्ग का आवागमन न होने से व्यापारिक व आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश का सीमावर्ती क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। इसकी महत्ता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्यमार्ग एसएच-30 को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके सड़क का पुनर्निर्माण कराने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय में भेजा है।
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विदेश राज्यमंत्री ने पत्र में कहा कि भारत व नेपाल सीमा के निकट स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन तुलसीपुर से उतरौला, रेहरा, मनकापुर, नवाबगंज से तीर्थ स्थल अयोध्या व प्रयागराज को यह मार्ग जोड़ता है। लगभग 100 किलोमीटर लंबा यह मार्ग उत्तर प्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। जो उत्तर से दक्षिण प्रयागराज को जोड़ता है। इस मार्ग पर सामान्य आवागमन, यातायात के अलावा तमाम तीर्थयात्रियों का आवागमन रहता है। यही नहीं, तमाम बौद्ध धर्म के विदेशी व भारतीय अनुयायियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नेपाल से सटी उत्तरी सीमा पर कोई रेलमार्ग का आवागमन न होने से व्यापारिक व आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह मार्ग बहुत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश का सीमावर्ती क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। इसकी महत्ता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्यमार्ग एसएच-30 को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके सड़क का पुनर्निर्माण कराने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय में भेजा है।
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