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Gonda News: अपहरण के आरोपी को हाईकोर्ट से मिली राहत
Tue, 09 Dec 2025 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:11 PM IST
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गोंडा। अपहरण कर पीटने, बंधक बनाने और जबरन जमीन का बैनामा कराने के मामले में आरोपी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अग्रिम सुनवाई तक पुलिस की बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
उमरीबेगमगंज के गंगरौली गोड़ियनपुरवा निवासी अनिल कुमार निषाद ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 20 मार्च 2025 को रात में 10 बजे ग्राम अहलाद पुरवा अमदही निवासी अनूप कुमार सिंह, उनके भाई अजय प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, अजय प्रताप सिंह के बेटे आदर्श सिंह और ठेकेदार लेखराज ने उनका अपहरण कर लिया और अपने घर ले जाकर पीटने लगे। बेटा विनोद मौके पर पहुंचा तो उसे भी बंधक बना लिया और यातना देने लगे। 21 मार्च को पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी देते हुए बेटे से जबरन एक बीघा जमीन का बैनामा करा लिया। विवेचना में पुलिस ने आदर्श और लेखराज को क्लीन चिट दे दी और अपराध का साक्ष्य मिलने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। आरोपी सुनील कुमार ने विवेचक/थानाध्यक्ष को पक्षकार बनाकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका दायर कर आरोप पत्र निरस्त करने की मांग की। याची के अधिवक्ता ने कहा कि घटना के समय आरोपी की मौजूदगी रायबरेली में थी। बीते शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने मामले के तथ्य व परिस्थितियों पर विचार करते हुए अग्रिम सुनवाई तिथि तक आरोपी के खिलाफ पुलिस की किसी भी बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विवेचक/थानाध्यक्ष को नोटिस जारी करने और मामले की सुनवाई के लिए फरवरी 2026 में सूची में शामिल करने का आदेश दिया है।
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उमरीबेगमगंज के गंगरौली गोड़ियनपुरवा निवासी अनिल कुमार निषाद ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 20 मार्च 2025 को रात में 10 बजे ग्राम अहलाद पुरवा अमदही निवासी अनूप कुमार सिंह, उनके भाई अजय प्रताप सिंह, सुनील कुमार सिंह, अजय प्रताप सिंह के बेटे आदर्श सिंह और ठेकेदार लेखराज ने उनका अपहरण कर लिया और अपने घर ले जाकर पीटने लगे। बेटा विनोद मौके पर पहुंचा तो उसे भी बंधक बना लिया और यातना देने लगे। 21 मार्च को पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी देते हुए बेटे से जबरन एक बीघा जमीन का बैनामा करा लिया। विवेचना में पुलिस ने आदर्श और लेखराज को क्लीन चिट दे दी और अपराध का साक्ष्य मिलने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। आरोपी सुनील कुमार ने विवेचक/थानाध्यक्ष को पक्षकार बनाकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में रिट याचिका दायर कर आरोप पत्र निरस्त करने की मांग की। याची के अधिवक्ता ने कहा कि घटना के समय आरोपी की मौजूदगी रायबरेली में थी। बीते शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने मामले के तथ्य व परिस्थितियों पर विचार करते हुए अग्रिम सुनवाई तिथि तक आरोपी के खिलाफ पुलिस की किसी भी बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विवेचक/थानाध्यक्ष को नोटिस जारी करने और मामले की सुनवाई के लिए फरवरी 2026 में सूची में शामिल करने का आदेश दिया है।
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