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बिना डाक्टर के संचालित काजीदेवर सीएचसी
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मोतीगंज (गोंडा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र काजीदेवर में इस समय किसी भी एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती न होने से क्षेत्र के 25 हजार लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काजीदेवर में तैनात रहे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार बीते 6 जून को पीजी करने के लिए गोरखपुर चले गए। तब से यहां पर स्थाई रूप से किसी भी डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है।
विकास खंड झंझरी अन्तर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काजीदेवर में इन दिनों अव्यवस्था ही नजर आएगी। न तो किसी भी कर्मचारी का आने का समय है और न ही जाने का। दवा वितरण कक्ष में मौजूद फार्मासिस्ट आनंद सिंह ने बताया कि यहां पर इस समय फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल किसी तरह से संचालित किया जा रहा है। वहीं रात्रि में भी दूसरे फार्मासिस्ट वीरेन्द्र पांडेय व सूर्य प्रताप देखते हैं। शुक्रवार को क्षेत्र के बहादीपुर निवासी हरिपाल सिंह बुखार व फाइलेरिया से पीड़ित थे लेकिन चिकित्सक न होने के कारण मायूस होकर लौट गए। सीहांगाव निवासी वृजराज मिश्र ने बताया कि अस्पताल में अक्सर यहां पर डॉक्टर गायब रहते हैं। मात्र एक महिला चिकित्सक रेहाना के सहारे पूरे अस्पताल की ओपीडी की व्यवस्था है। वहीं इस संबंध में संबद्ध किए गए डॉक्टर संत प्रताप वर्मा से जब दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी तैनाती हलधरमऊ में हैं। हमारी हाजिरी यहीं लगती है। हम केवल काजीदेवर का वित्तीय प्रभार देखते हैं।
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विकास खंड झंझरी अन्तर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काजीदेवर में इन दिनों अव्यवस्था ही नजर आएगी। न तो किसी भी कर्मचारी का आने का समय है और न ही जाने का। दवा वितरण कक्ष में मौजूद फार्मासिस्ट आनंद सिंह ने बताया कि यहां पर इस समय फार्मासिस्ट के सहारे ही अस्पताल किसी तरह से संचालित किया जा रहा है। वहीं रात्रि में भी दूसरे फार्मासिस्ट वीरेन्द्र पांडेय व सूर्य प्रताप देखते हैं। शुक्रवार को क्षेत्र के बहादीपुर निवासी हरिपाल सिंह बुखार व फाइलेरिया से पीड़ित थे लेकिन चिकित्सक न होने के कारण मायूस होकर लौट गए। सीहांगाव निवासी वृजराज मिश्र ने बताया कि अस्पताल में अक्सर यहां पर डॉक्टर गायब रहते हैं। मात्र एक महिला चिकित्सक रेहाना के सहारे पूरे अस्पताल की ओपीडी की व्यवस्था है। वहीं इस संबंध में संबद्ध किए गए डॉक्टर संत प्रताप वर्मा से जब दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी तैनाती हलधरमऊ में हैं। हमारी हाजिरी यहीं लगती है। हम केवल काजीदेवर का वित्तीय प्रभार देखते हैं।
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