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बिना फायर एनओसी चल रहे 22 होटल व 50 गेस्ट हाउस
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फोटो-20-गोंडा के होटल गोनार्द में जांच करते मुख्य अग्निशमन अधिकारी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। लखनऊ के एक होटल में आग लगने से हुए हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद जिले का प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। शहर में बिना फायर एनओसी के होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, पैथोलॉजी, गेस्टहाउस समेत बड़े मार्केटिंग कॉम्पलेक्स का संचालन हो रहा है। 22 होटल, 50 गेस्टहाउस समेत 100 निजी अस्पताल व 200 क्लीनिक संचालित हैं। कुल 400 भवनों में सिर्फ दो होटल के मालिकों ने अग्निशमन विभाग से एनओसी ली है। बाकी बिना फायर विभाग की एनओसी के संचालित हैं। यहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। यदि आग से हादसा हुआ तो लोगों की जान जा सकती है।
शहर के मुख्य मार्गों पर होटल, मॉल, निजी अस्पताल ऐसे हैं, जोकि दो मंजिला भवन में संचालित हो रहे हैं। इनमें आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं है। मुख्य मार्गों पर संचालित भवनों में फायर टेंडर पहुंच सकता है, लेकिन 24 से अधिक भवन ऐसे हैं, जिनका संचालन संकरी गलियों में है। पार्किंग समेत अन्य जरूरी सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। जिला प्रशासन ने आवेदनों पर नक्शा पास कर दिया मगर मानकों को ध्यान नहीं रखा।
आग से बचाव के इंतजाम करें
सोमवार को लखनऊ में हुए हादसे के बाद अधिकारियों ने शहर के होटलों, रेस्टोरेंट समेत निजी अस्पताल का निरीक्षण कर आग से बचाव के इंतजाम करने के मालिकानों को निर्देश दिए हैं। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के नेतृत्व में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने शहर के होटल गोनार्द, होटल सूरज समेत कई होटलों, रेस्टोरेंट, निजी अस्पताल व मॉल का निरीक्षण कर अग्निशमन सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए है।
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ये है फायर एनओसी की गाइड लाइन
अग्निशमन विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, पैथालोजी, गेस्टहाउस समेत बड़े मार्केटिंग काम्पलेक्स के लिए गाइडलाइन जारी की है। गाइड लाइन के मुताबिक, ऐसे भवनों में फायर एक्सटिंग्यूशर, फायर सिस्टम जैसे होजरील, फायर हाईड्रेंट, फायर पंप, वाटर टैंक को क्रियाशील दशा में रखा जाए। भवन में आने जाने वाले मार्ग को सदैव अवरोध मुक्त रखा जाए। आग बुझाने के सिस्टम यदि क्रियाशील दशा में न हों तो या उपयोग करने का तरीका न मालूम हो तो मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सिस्टम की जानकारी करके उसे उपयोग में ला सकते हैं।
ऑनलाइन करें, मिलेगी एनओसी
शहर में होटल, रेस्तरां, गेस्टहाउस, मॉल समेत बड़े मार्केटिंग कांपलेक्स जहां लोगों की भीड़ होती है। ऐसे मालिकानों को फायर एनओसी अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए अग्निशमन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। तभी उन्हें एनओसी मिलेगी। बिना एनओसी के संचालन करने वालों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की तैयारी की है।
बिना एनओसी के शहर में संचालित मॉल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, पैथोलॉजी, गेस्टहाउस समेत बड़े मार्केटिंग काम्पलेक्स के मालिकों को नोटिस भेजी गई है। सभी को फायर एनओसी लेने के बाद संचालन करने के निर्देश दिए हैं। जिससे हादसों से बचा जा सके। रामसुमेर त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
वर्जन-
पर्यटन, अग्निशमन व नगरपालिका के साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस आदि में मानक के अनुसार व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराने तथा निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी
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शहर के मुख्य मार्गों पर होटल, मॉल, निजी अस्पताल ऐसे हैं, जोकि दो मंजिला भवन में संचालित हो रहे हैं। इनमें आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं है। मुख्य मार्गों पर संचालित भवनों में फायर टेंडर पहुंच सकता है, लेकिन 24 से अधिक भवन ऐसे हैं, जिनका संचालन संकरी गलियों में है। पार्किंग समेत अन्य जरूरी सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। जिला प्रशासन ने आवेदनों पर नक्शा पास कर दिया मगर मानकों को ध्यान नहीं रखा।
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आग से बचाव के इंतजाम करें
सोमवार को लखनऊ में हुए हादसे के बाद अधिकारियों ने शहर के होटलों, रेस्टोरेंट समेत निजी अस्पताल का निरीक्षण कर आग से बचाव के इंतजाम करने के मालिकानों को निर्देश दिए हैं। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के नेतृत्व में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने शहर के होटल गोनार्द, होटल सूरज समेत कई होटलों, रेस्टोरेंट, निजी अस्पताल व मॉल का निरीक्षण कर अग्निशमन सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए है।
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ये है फायर एनओसी की गाइड लाइन
अग्निशमन विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, पैथालोजी, गेस्टहाउस समेत बड़े मार्केटिंग काम्पलेक्स के लिए गाइडलाइन जारी की है। गाइड लाइन के मुताबिक, ऐसे भवनों में फायर एक्सटिंग्यूशर, फायर सिस्टम जैसे होजरील, फायर हाईड्रेंट, फायर पंप, वाटर टैंक को क्रियाशील दशा में रखा जाए। भवन में आने जाने वाले मार्ग को सदैव अवरोध मुक्त रखा जाए। आग बुझाने के सिस्टम यदि क्रियाशील दशा में न हों तो या उपयोग करने का तरीका न मालूम हो तो मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सिस्टम की जानकारी करके उसे उपयोग में ला सकते हैं।
ऑनलाइन करें, मिलेगी एनओसी
शहर में होटल, रेस्तरां, गेस्टहाउस, मॉल समेत बड़े मार्केटिंग कांपलेक्स जहां लोगों की भीड़ होती है। ऐसे मालिकानों को फायर एनओसी अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए अग्निशमन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। तभी उन्हें एनओसी मिलेगी। बिना एनओसी के संचालन करने वालों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की तैयारी की है।
बिना एनओसी के शहर में संचालित मॉल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, पैथोलॉजी, गेस्टहाउस समेत बड़े मार्केटिंग काम्पलेक्स के मालिकों को नोटिस भेजी गई है। सभी को फायर एनओसी लेने के बाद संचालन करने के निर्देश दिए हैं। जिससे हादसों से बचा जा सके। रामसुमेर त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
वर्जन-
पर्यटन, अग्निशमन व नगरपालिका के साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस आदि में मानक के अनुसार व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराने तथा निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी