{"_id":"687939999e37edc2c309d154","slug":"in-some-places-the-warehouse-was-locked-and-in-some-places-the-farmers-were-cheated-by-over-rating-gonda-news-c-100-1-gon1001-140948-2025-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: गोदाम में ताला तो कहीं ओवररेटिंग से ठगे गए अन्नदाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: गोदाम में ताला तो कहीं ओवररेटिंग से ठगे गए अन्नदाता
Thu, 17 Jul 2025 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 17 Jul 2025 11:27 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। धान की रोपाई अपने चरम पर है। बारिश के बाद गन्ने में यूरिया के छिड़काव की जरूरत है, लेकिन किसानों को मिल नहीं पा रही है। पूरे दिन अन्नदाता समितियों के चक्कर काटते रहते हैं। जहां खाद उपलब्ध होती है, वहां अधिक दाम वसूलने का आरोप लगाया जाता है। जिले में एक लाख 24 हजार हेक्टेयर में धान की बोआई की जानी है। बृहस्पतिवार को जिले में खाद वितरण की जमीनी हकीकत पर पेश है रिपोर्ट :
नौ बजे तक ही बांटी यूरिया
साधन सहकारी समिति माधवगंज में सुबह 08:53 बजे खाद वितरण बंद हो चुका था। कोई एक बोरी तो कोई दो बोरी यूरिया साइकिल व बाइक पर लादे दिखाई पड़ा। नौ बजे के बाद पहुंचे लोग मायूस लौट रहे थे। खाद लेकर जा रहे बाबागंज निवासी किसान शिवनंद कुमार व विशंभरपुर निवासी प्रवेश वर्मा ने बताया कि 280 रुपये बोरी यूरिया मिली है। जबकि यूरिया का निर्धारित मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी है। समिति के सह सचिव अखिलेश पांडेय ने बताया कि 250 बोरी खाद मिली थी, सुबह वितरण करने के बाद खत्म हो गई। 280 रुपये में नहीं बल्कि 270 रुपये बोरी खाद दी गई है।
चार घंटे से बैठे किसान, नहीं खुला समितियों का ताला
साधन सहकारी समिति धानेपुर में पूर्वाह्न 11:54 बजे किसानों की भीड़ लगी थी। सुबह आठ बजे से बैठे किसान मायूस होकर लौटने लगे। पांडेय पुरवा निवासी रामबदल ने बताया कि करीब चार घंटे से समिति खुलने का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक समिति नहीं खुली। हनुमंत भारी निवासी हरीराम, पूरे सिधारी निवासी रामदेव, विश्वंभरपुर निवासी शिवशंकर सहित दर्जनों किसान समिति खुलने का इंतजार करते रहे। धानेपुर के सचिव राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि बुधवार को खाद का वितरण किया गया है। अभी खाद उपलब्ध नहीं है। मां का इलाज कराने गोरखपुर आया हूं।
विज्ञापन
समिति पर लगा ताला
साधन सहकारी समिति आटा में अपराह्न 02:42 बजे ताला लटक रहा था। बैसनपुरवा निवासी किसान रवि सिंह व रणवीर सिंह समिति खुलने का इंतजार कर रहे थे। थोड़ी देर में कड़रू तारा निवासी बालकराम भी आए, लेकिन उन्हें भी निराश लौटना पड़ा। बालकराम ने बताया कि धान रोपाई व गन्ने में छिड़काव के लिए यूरिया की जरूरत है। अब बाहर से खरीदनी पड़ेगी। समिति के सचिव कमलापति तिवारी ने बताया अभी खाद नहीं है। 500 बोरी यूरिया का आवंटन हुआ है। समिति पर खाद पहुंचते ही वितरण शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
नौ बजे तक ही बांटी यूरिया
साधन सहकारी समिति माधवगंज में सुबह 08:53 बजे खाद वितरण बंद हो चुका था। कोई एक बोरी तो कोई दो बोरी यूरिया साइकिल व बाइक पर लादे दिखाई पड़ा। नौ बजे के बाद पहुंचे लोग मायूस लौट रहे थे। खाद लेकर जा रहे बाबागंज निवासी किसान शिवनंद कुमार व विशंभरपुर निवासी प्रवेश वर्मा ने बताया कि 280 रुपये बोरी यूरिया मिली है। जबकि यूरिया का निर्धारित मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी है। समिति के सह सचिव अखिलेश पांडेय ने बताया कि 250 बोरी खाद मिली थी, सुबह वितरण करने के बाद खत्म हो गई। 280 रुपये में नहीं बल्कि 270 रुपये बोरी खाद दी गई है।
विज्ञापन
चार घंटे से बैठे किसान, नहीं खुला समितियों का ताला
साधन सहकारी समिति धानेपुर में पूर्वाह्न 11:54 बजे किसानों की भीड़ लगी थी। सुबह आठ बजे से बैठे किसान मायूस होकर लौटने लगे। पांडेय पुरवा निवासी रामबदल ने बताया कि करीब चार घंटे से समिति खुलने का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक समिति नहीं खुली। हनुमंत भारी निवासी हरीराम, पूरे सिधारी निवासी रामदेव, विश्वंभरपुर निवासी शिवशंकर सहित दर्जनों किसान समिति खुलने का इंतजार करते रहे। धानेपुर के सचिव राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि बुधवार को खाद का वितरण किया गया है। अभी खाद उपलब्ध नहीं है। मां का इलाज कराने गोरखपुर आया हूं।
विज्ञापन
समिति पर लगा ताला
साधन सहकारी समिति आटा में अपराह्न 02:42 बजे ताला लटक रहा था। बैसनपुरवा निवासी किसान रवि सिंह व रणवीर सिंह समिति खुलने का इंतजार कर रहे थे। थोड़ी देर में कड़रू तारा निवासी बालकराम भी आए, लेकिन उन्हें भी निराश लौटना पड़ा। बालकराम ने बताया कि धान रोपाई व गन्ने में छिड़काव के लिए यूरिया की जरूरत है। अब बाहर से खरीदनी पड़ेगी। समिति के सचिव कमलापति तिवारी ने बताया अभी खाद नहीं है। 500 बोरी यूरिया का आवंटन हुआ है। समिति पर खाद पहुंचते ही वितरण शुरू किया जाएगा।