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पति, ससुर व सास को 10 साल की सजा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2016 11:31 PM IST
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तीन साल पहले हुई दहेज हत्या के एक मामले में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार तृतीय ने पति समेत सास व ससुर को 10-10 साल की सजा सुनाई है।
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मनपुर हरिवंश गांव का है। अभियोजन अधिकारी वेद प्रकाश वर्मा के अनुसार नगर कोतवाली में 21 मई 2013 को थाना मोतीगंज क्षेत्र के ग्राम दुल्लापुर मौजा गौरवा कानूनगो निवासी सुषमा ने आरोपी पति मित्तल सोनकर, ससुर जगदंबा प्रसाद व सास रेशमा निवासी लक्ष्मनपुर हरिवंश के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सुषमा ने अपनी पुत्री अनीता का विवाह मित्तल सोनकर के साथ घटना से छह साल पूर्व किया था। साथ ही अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज भी दिया। लेकिन ससुरालीजन दहेज में मोटरसाइकिल व 51 हजार रुपये की मांग को लेकर लगातार अनीता को प्रताड़ित करते रहे। इसी मांग को लेकर 21 मई 2013 को अनीता की हत्या कर दी गई।
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सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन अधिकारी ने गवाहों के बयान अदालत में कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुन पत्रावलियों का अवलोकन किया। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार तृतीय ने पति मित्तल सोनकर, ससुर जगदंबा सोनकर व सास रेशमा को दहेज हत्या में दोषी पाते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है।
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मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मनपुर हरिवंश गांव का है। अभियोजन अधिकारी वेद प्रकाश वर्मा के अनुसार नगर कोतवाली में 21 मई 2013 को थाना मोतीगंज क्षेत्र के ग्राम दुल्लापुर मौजा गौरवा कानूनगो निवासी सुषमा ने आरोपी पति मित्तल सोनकर, ससुर जगदंबा प्रसाद व सास रेशमा निवासी लक्ष्मनपुर हरिवंश के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सुषमा ने अपनी पुत्री अनीता का विवाह मित्तल सोनकर के साथ घटना से छह साल पूर्व किया था। साथ ही अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज भी दिया। लेकिन ससुरालीजन दहेज में मोटरसाइकिल व 51 हजार रुपये की मांग को लेकर लगातार अनीता को प्रताड़ित करते रहे। इसी मांग को लेकर 21 मई 2013 को अनीता की हत्या कर दी गई।
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सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन अधिकारी ने गवाहों के बयान अदालत में कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुन पत्रावलियों का अवलोकन किया। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार तृतीय ने पति मित्तल सोनकर, ससुर जगदंबा सोनकर व सास रेशमा को दहेज हत्या में दोषी पाते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है।