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पुलिस प्रताड़ना से आहत छात्र ने फांसी लगाकर दी जान
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परसपुर (गोंडा)। रास्ते में पड़ा मिला सिम एक परिवार के लिए काल बन गया। क्षेत्र के एक चौकी इंचार्ज व दो सिपाहियों ने सिम पाने वाले लड़के व उसके पिता को चौकी लाकर गंभीर रूप से शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी। उससे दो किस्तों में 17 हजार रुपये भी ले लिए गये। प्रताड़ना से आहत 16 वर्षीय हाईस्कूल के छात्र ने घर में फांसी लगा ली। पुलिस मृत लड़के के पिता पर तहरीर बदलने का दबाव बनाती रही। गांववासियों के साथ मृतक का पिता थाने पर बैठा रहा। मामला बनते न देख पुलिस ने शाम को लड़के का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। सीओ ने कहा कि जांच की जा रही है।
ग्राम चरसड़ी निवासी अरविंद सिंह ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाते हुए बताया कि उसका पुत्र नितिन सिंह उर्फ राज को रास्ते में एक सिम पड़ा मिला था। उसने सिम अपनी बहन के नाम पोर्ट करवा लिया था। उस नंबर पर फोन आने पर उसने अपना पूरा पता बताया। इस पर पुलिस उसे थाना क्षेत्र परसपुर के चौकी शाहपुर ले आयी। शनिवार को पूरा दिन उसे प्रताड़ित किया गया और शाम को आठ हजार रुपये लेकर समझौता कर उसे छोड़ दिया गया।
इसके बाद फिर शनिवार को चौकी इंचार्ज सत्येंद्र वर्मा, सिपाही रविंद्र सिंह व सुरेश सिंह ने अरविंद व उसके लड़के को चौकी पर बुलवाया। तीनों लोगों ने उसे व लड़के को बुरी तरह से शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पूरे दिन चौकी में बैठाकर बार-बार मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते रहे। शाम को नौ हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया। इसी खौफ व प्रताड़ना से आहत उसके इकलौते लड़के नितिन ने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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मृतक नितिन सिंह उर्फ राज के पिता अरविंद सिंह ने बताया कि उसका पुत्र काफी होनहार था। वह हाईस्कूल का छात्र था। पहली बार पुलिस दोनों को पकड़कर चौकी लाई। उसके बाद वह डरकर दिल्ली चला गया था लेकिन पुन: दूसरी बार जब चौकी की पुलिस लड़के को बुलाने का दबाव बनाकर उन्हें प्रताड़ित करने लगी तो उसने अपने पुत्र को दिल्ली से बुला लिया। उसके आने के दूसरे दिन उसे चौकी ले जाया गया जहां दोनों को काफी प्रताड़ित किया गया। दो किस्तों में 17 हजार रुपये देकर रात में घर आया।
इसी खौफ व प्रताड़ना से आजिज आकर उसके पुत्र ने सोमवार की सुबह फांसी लगा ली। उसकी पुत्री प्रतिभा सिंह ने शोर मचाया। उसने बेटे को फंदे से उतारकर सीएचसी पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पिता ने बताया कि राज इकलौता था। उससे बड़ी उसकी बेटी है। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि पुत्र तो चला गया अब किसके सहारे जिंदा रहे। थाने पर बैठे पिता की आंखों के आंसू सूख गए हैं।
वह बस एकटक लोगों को निहार रहा था। उसने कहा कि उनकी पत्नी को कई गंभीर बीमारी है। अगर उसको कुछ हो गया तो वह भी जिंदा नहीं रहेगा। नितिन की मौत से उसकी मां व बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
करनैलगंज के सीओ मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। प्रकरण की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, परसपुर के प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि घटना की तहरीर मिली है। उच्चाधिकारियों को प्रकरण से अवगत कराया गया है। तहरीर बदलवाने की बात निराधार है।
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ग्राम चरसड़ी निवासी अरविंद सिंह ने थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाते हुए बताया कि उसका पुत्र नितिन सिंह उर्फ राज को रास्ते में एक सिम पड़ा मिला था। उसने सिम अपनी बहन के नाम पोर्ट करवा लिया था। उस नंबर पर फोन आने पर उसने अपना पूरा पता बताया। इस पर पुलिस उसे थाना क्षेत्र परसपुर के चौकी शाहपुर ले आयी। शनिवार को पूरा दिन उसे प्रताड़ित किया गया और शाम को आठ हजार रुपये लेकर समझौता कर उसे छोड़ दिया गया।
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इसके बाद फिर शनिवार को चौकी इंचार्ज सत्येंद्र वर्मा, सिपाही रविंद्र सिंह व सुरेश सिंह ने अरविंद व उसके लड़के को चौकी पर बुलवाया। तीनों लोगों ने उसे व लड़के को बुरी तरह से शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पूरे दिन चौकी में बैठाकर बार-बार मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते रहे। शाम को नौ हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया। इसी खौफ व प्रताड़ना से आहत उसके इकलौते लड़के नितिन ने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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मृतक नितिन सिंह उर्फ राज के पिता अरविंद सिंह ने बताया कि उसका पुत्र काफी होनहार था। वह हाईस्कूल का छात्र था। पहली बार पुलिस दोनों को पकड़कर चौकी लाई। उसके बाद वह डरकर दिल्ली चला गया था लेकिन पुन: दूसरी बार जब चौकी की पुलिस लड़के को बुलाने का दबाव बनाकर उन्हें प्रताड़ित करने लगी तो उसने अपने पुत्र को दिल्ली से बुला लिया। उसके आने के दूसरे दिन उसे चौकी ले जाया गया जहां दोनों को काफी प्रताड़ित किया गया। दो किस्तों में 17 हजार रुपये देकर रात में घर आया।
इसी खौफ व प्रताड़ना से आजिज आकर उसके पुत्र ने सोमवार की सुबह फांसी लगा ली। उसकी पुत्री प्रतिभा सिंह ने शोर मचाया। उसने बेटे को फंदे से उतारकर सीएचसी पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पिता ने बताया कि राज इकलौता था। उससे बड़ी उसकी बेटी है। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि पुत्र तो चला गया अब किसके सहारे जिंदा रहे। थाने पर बैठे पिता की आंखों के आंसू सूख गए हैं।
वह बस एकटक लोगों को निहार रहा था। उसने कहा कि उनकी पत्नी को कई गंभीर बीमारी है। अगर उसको कुछ हो गया तो वह भी जिंदा नहीं रहेगा। नितिन की मौत से उसकी मां व बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
करनैलगंज के सीओ मुन्ना उपाध्याय ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। प्रकरण की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, परसपुर के प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि घटना की तहरीर मिली है। उच्चाधिकारियों को प्रकरण से अवगत कराया गया है। तहरीर बदलवाने की बात निराधार है।