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बिना डॉक्टर व जांच के जनआरोग्य मेला की कर दी खानापूर्ति
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फोटो-4 गोंडा के मुजेहना में जनआरोग्य मेले का निरीक्षण करती सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों का गंभीरता से इलाज करने के बजाए सिर्फ खानापूर्ति की गई। मेले में शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी तक मनमानी कर रहे हैं। कहीं जांच की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी बनी हुई है।
रविवार को जिले के 52 स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेला आयोजित किए जाने का दावा किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छपिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर व बभनान में मरीजों का इलाज करने के लिए कोई ऐलोपैथिक डॉक्टर नहीं रहा। यहां खून व अन्य जांच करने के लिए लैब टेक्नीशियन भी नदारद रहे। मेले में आने वाले मरीजों को फार्मासिस्टों ने पैरासीटामॉल, आयरन व अन्य सामान्य दवाएं देकर घर भेज दिया। गर्भवती महिलाओं की जरूरी जांच भी नहीं हो सकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर मरीजों का आना शुरू हुआ। पीएचसी मसकनवा के फार्मासिस्ट रमेश यादव ने बताया कि पीएचसी में दवाओं की समुचित व्यवस्था है। एंटी स्नैक व एंटी रेबीज छोड़कर ज्यादातर दवाएं पीएचसी में उपलब्ध हैं।
महिला डॉक्टर की नहीं लगी ड्यूटी
जिले के अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले में आने वाले मरीजों की जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। पैरासीटामॉल, आयरन व कैल्शियम के टैबलेट मरीजों को देकर लौटा दिया जा रहा था। गर्भवती महिलाओं की जांच और उनके इलाज के लिए एक भी महिला डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी, जबकि शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को आदेश दिया है कि मेले में सभी प्रकार के चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगी होनी चाहिए। इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। स्थानीय लोगों की मानें तो मेले में प्रत्येक पीएचसी पर 20 से 30 लोग ही इलाज करवाने आते हैं।
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अधिकारियों ने परखी हकीकत
जिले में आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा व डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल ने निरीक्षण किया। सीएमओ ने मुजेहना सीएचसी के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनगाई व भोरहापारा तथा पड़री कृपाल के बिशुनपुर बैरिया पीएसची का निरीक्षण किया। सीएमओ ने डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को जन आरोग्य मेले का प्रचार-प्रसार कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिया।
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रविवार को जिले के 52 स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेला आयोजित किए जाने का दावा किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, छपिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर व बभनान में मरीजों का इलाज करने के लिए कोई ऐलोपैथिक डॉक्टर नहीं रहा। यहां खून व अन्य जांच करने के लिए लैब टेक्नीशियन भी नदारद रहे। मेले में आने वाले मरीजों को फार्मासिस्टों ने पैरासीटामॉल, आयरन व अन्य सामान्य दवाएं देकर घर भेज दिया। गर्भवती महिलाओं की जरूरी जांच भी नहीं हो सकी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसकनवा में सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर मरीजों का आना शुरू हुआ। पीएचसी मसकनवा के फार्मासिस्ट रमेश यादव ने बताया कि पीएचसी में दवाओं की समुचित व्यवस्था है। एंटी स्नैक व एंटी रेबीज छोड़कर ज्यादातर दवाएं पीएचसी में उपलब्ध हैं।
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महिला डॉक्टर की नहीं लगी ड्यूटी
जिले के अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले में आने वाले मरीजों की जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। पैरासीटामॉल, आयरन व कैल्शियम के टैबलेट मरीजों को देकर लौटा दिया जा रहा था। गर्भवती महिलाओं की जांच और उनके इलाज के लिए एक भी महिला डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी, जबकि शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को आदेश दिया है कि मेले में सभी प्रकार के चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगी होनी चाहिए। इसका प्रचार-प्रसार किया जाए। स्थानीय लोगों की मानें तो मेले में प्रत्येक पीएचसी पर 20 से 30 लोग ही इलाज करवाने आते हैं।
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अधिकारियों ने परखी हकीकत
जिले में आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा व डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल ने निरीक्षण किया। सीएमओ ने मुजेहना सीएचसी के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनगाई व भोरहापारा तथा पड़री कृपाल के बिशुनपुर बैरिया पीएसची का निरीक्षण किया। सीएमओ ने डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को जन आरोग्य मेले का प्रचार-प्रसार कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिया।