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बारिश के बाद तालाब में तब्दील हुआ राजमार्ग, पचास हजार यात्रियों को परेशानी
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गोंडा। मानसून की पहली बरसात ने ही जलभराव से निपटने के प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। बरसात के बाद गोंडा-बलरामपुर राजमार्ग पर इटियाथोक बाजार के पास सड़क पर हुए जलभराव के बाद वह छोटे तालाब में तब्दील हो गयी।
इससे इस व्यस्त रूट पर आने-जाने वाले को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटी कारें तो पानी में लगभग डूब गयी जबकि बाइक, साइकिल सवार व पैदल लोग भी बमुश्किल निकल पा रहे हैं।
जिले की सबसे महत्वपूर्ण सड़क मार्ग में से एक गोंडा-बलरामपुर राजमार्ग पर इटियाथोक के पास सड़क पर हुआ जलभराव बरसात से निपटने को प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम के दावे की जमीनी हकीकत दिखाता है।
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पानी भर जाने के कारण गोंडा से बलरामपुर,तुलसीपुर, बढ़नी,सिद्धार्थनगर व पड़ासी देश नेपाल तकि जाने वालों करीब पचास हजार लोगों को इस तालाब को पार करके यात्रा कर परेशानी झेलनी पड़ रही है। मानसून की दस्तक के बाद जिले में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है जिससे गोंडा बलरामपुर स्टेट हाईवे बिसुही पुल के पास तालाब बन गया।
क्षेत्रीय लोगों की लगातार शिकायत के बाद भी लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने समय रहते इस परेशानी से राहत दिलाने को कोई कार्य नहीं किया। रविवार की सुबह से शुरू हुई बारिश सोमवार को भी जारी रही।
गोंडा बलरामपुर स्टेट हाईवे पर बिसुही पुल के पास सड़क न बनाए जाने से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। दो दिनों की बारिश की वजह से यहां काफी मात्रा में पानी भर गया। इस रास्ते से पैदल निकलना भी लोगों का मुश्किल हो गया है।
कई दोपहिया चालक इन गहरे गड्ढों में गिरकर घायल तक हो चुके हैं। क्षेत्रीय निवासी वहीद अंसारी, स्वामी प्रसाद ,सरस चंद्र व रोहित दूबे ने बताया कि शिकायत के बाद भी प्रशासन ने सड़क मार्ग हुए जल भराव की निकासी को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
गोंडा बलरामपुर रोड पर घुटने तक भरे पानी से निकलते समय व्याप्त गड्ढों में गिरकर आधा दर्जन से अधिक राहगीर चोट खा चुके हैं। इटियाथोक कस्बे के निवासी सरस शुक्ल ने बताया कि गड्ढे में भरे पानी से निकलते समय करीब आधा दर्जन लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं जिनका स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज करवाया गया।
इटियाथोक कस्बे में जलनिकासी न होने के कारण जहां सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई वहीं लोगों के घरों में भी पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह समस्या हर बारिश के बाद उन्हे झेलनी पड़ती है कई बार क्षेत्रीय विधायक विनय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया गया लेकिन विधायक जी भी नही सुन रहे हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री के आने की आहट से गड्ढा भरा था लेकिन कुछ समय बाद फिर से सड़क क्षतिग्रस्त हो गयी।
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इससे इस व्यस्त रूट पर आने-जाने वाले को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटी कारें तो पानी में लगभग डूब गयी जबकि बाइक, साइकिल सवार व पैदल लोग भी बमुश्किल निकल पा रहे हैं।
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जिले की सबसे महत्वपूर्ण सड़क मार्ग में से एक गोंडा-बलरामपुर राजमार्ग पर इटियाथोक के पास सड़क पर हुआ जलभराव बरसात से निपटने को प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम के दावे की जमीनी हकीकत दिखाता है।
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पानी भर जाने के कारण गोंडा से बलरामपुर,तुलसीपुर, बढ़नी,सिद्धार्थनगर व पड़ासी देश नेपाल तकि जाने वालों करीब पचास हजार लोगों को इस तालाब को पार करके यात्रा कर परेशानी झेलनी पड़ रही है। मानसून की दस्तक के बाद जिले में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है जिससे गोंडा बलरामपुर स्टेट हाईवे बिसुही पुल के पास तालाब बन गया।
क्षेत्रीय लोगों की लगातार शिकायत के बाद भी लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने समय रहते इस परेशानी से राहत दिलाने को कोई कार्य नहीं किया। रविवार की सुबह से शुरू हुई बारिश सोमवार को भी जारी रही।
गोंडा बलरामपुर स्टेट हाईवे पर बिसुही पुल के पास सड़क न बनाए जाने से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। दो दिनों की बारिश की वजह से यहां काफी मात्रा में पानी भर गया। इस रास्ते से पैदल निकलना भी लोगों का मुश्किल हो गया है।
कई दोपहिया चालक इन गहरे गड्ढों में गिरकर घायल तक हो चुके हैं। क्षेत्रीय निवासी वहीद अंसारी, स्वामी प्रसाद ,सरस चंद्र व रोहित दूबे ने बताया कि शिकायत के बाद भी प्रशासन ने सड़क मार्ग हुए जल भराव की निकासी को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
गोंडा बलरामपुर रोड पर घुटने तक भरे पानी से निकलते समय व्याप्त गड्ढों में गिरकर आधा दर्जन से अधिक राहगीर चोट खा चुके हैं। इटियाथोक कस्बे के निवासी सरस शुक्ल ने बताया कि गड्ढे में भरे पानी से निकलते समय करीब आधा दर्जन लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं जिनका स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज करवाया गया।
इटियाथोक कस्बे में जलनिकासी न होने के कारण जहां सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई वहीं लोगों के घरों में भी पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह समस्या हर बारिश के बाद उन्हे झेलनी पड़ती है कई बार क्षेत्रीय विधायक विनय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया गया लेकिन विधायक जी भी नही सुन रहे हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री के आने की आहट से गड्ढा भरा था लेकिन कुछ समय बाद फिर से सड़क क्षतिग्रस्त हो गयी।