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तेज बारिश से सरयू उफनाई 36 गांवों में बाढ़ का खतरा

Mon, 22 Jun 2020 10:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 10:18 PM IST
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Heavy rain threatens floods in 36 villages of Saryu
गोंडा। तीन दिनों की बारिश से सरयू नदी उफान पर है और नदी में 1.34 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज होने से घाघरा तेवर में आ गई हैं। घाघरा नदी खतरे के निशान को छूने की ओर बढ़ रही है। नदी खतरे के निशान से सिर्फ 65 सेमी. दूर रह गई है और इससे तरबगंज व करनैलगंज क्षेत्र के कई गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ता दिख रहा है। बाढ़ की सुरक्षा के लिए बने एल्गिन चरसड़ी तटबंध पर भी खतरा बढ़ गया है। नदी में तेज बहाव होने से ऐली परसौली के पास बंधे में कटान भी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने दोनो तहसीलों के एसडीएम को सतर्कता बरतने के साथ ही जलस्तर की निगरानी शुरू करा दी है। वहीं सिंचाई एवं बाढ़ कार्य खंड के अधिकारी भी तटबंधों की सुरक्षा के लिए सर्तक हो गए हैं।
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1.35 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने से बढ़ी मुश्किल
करनैलगंज (गोंडा)। विभिन्न बैराजों से छोड़े गए बरसात के पानी ने घाघरा में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। घाघरा में पहुंचे 1 लाख 35 हजार क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज में ही बांध मरम्मत एवं कटान को रोकने के लिए किए गए कार्यों की कलई खुल गई। अब घाघरा में पानी का सैलाब बढ़ने लगा है। खतरे के निशान को छूने के लिए घाघरा बेताब हो गई है। खतरे के निशान से मात्र 65 सेंटीमीटर नीचे बह रही घाघरा अब लगातार तेजी पकड़ती जा रही है। एल्गिन चरसडी बांध पर खतरे का निशान 106.07 के सापेक्ष घाघरा अब 105.426 पर आ गई है। जो खतरे के निशान से मात्र 65 सेंटीमीटर नीचे है। सोमवार को ऐली परसौली बांध से सट कर घाघरा का बहाव शुरू हो गया है। जिस से बांध के नजदीक नदी पर बनाए गए पीपे के पुल से बहाव का रुख बदलने लगा और पानी का वेग इतना तेज हो गया कि ऐली परसोली बांध में कटान शुरू हो गई। आननफानन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीपे के पुल को हटवा कर बांध की कटान को रोकने का प्रयास किया।
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मात्र 1 लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे बांध में कटान शुरू हो गई तो भविष्य में इससे अधिक पानी छोड़े जाने पर खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल एल्गिन चरसड़ी बांध पर देखा जाए तो पिछले वर्ष बांध की मरम्मत एवं नए बांध का निर्माण किया गया। पूरे साल सरकारी महकमे का कोई भी अधिकारी उसे देखने तक नहीं गया। जून माह शुरू होने पर रैन कट्स व रैट होल भरने की प्रक्रिया शुरू की गई। उसके बाद बरसात होने के कारण वह कार्य भी ठप कर दिया गया। ग्राम नकहरा, गौरा सिंहपुर, परसावन के पास बंधे की स्थिति जस की तस पड़ी हुई है। जो आने वाले समय में खतरे का संकेत है। बाढ़ खंड के अधिकारी एमके सिंह बताते हैं कि पीपे का पुल नदी में होने के कारण पानी का बहाव सीधे होने के बजाय किनारे से होने लगा था। इसलिए बांध में थोड़ी सी दिक्कत आई थी। जिसे आनन-फानन में व्यवस्थित कर दिया गया। इसके अलावा एल्गिन चरसड़ी बांध पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। ऐली परसौली बांध को सुरक्षित कर लिया गया है। किसी बांध को कोई खतरा अब नही है।
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ऐली परसौली के पास कटान से मची खलबली
उमरी बेगमगंज (गोंडा)। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है, जिससे भिखारीपुर सकालरा तटबंध पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार की सुबह ऐली परसोली के बिशुनपुर के सामने कटान करके नदी बांध के करीब पहुंच गई है। फिलहाल बांध को बचाने के लिए बनाए जा रहे नए स्थलों का निर्माण अभी अधूरा है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुए स्थलों का निर्माण नही हो पाया है। तेजी से कटान करते हुए नदी बांध के नजदीक पहुंच गई है। बांध से नदी को महज 4 मीटर ही दूूर है।
पीपे के पुल की वजह से पानी से कटान शुरू हो गया था। विभाग ने 4 जून को ही पीडब्ल्यूडी विभाग को पीपे के पुल को हटाने के लिए कहां गया था, बचाव कार्य शुरू है बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। -करुणाकर त्रिपाठी अवर अभियंता बाढ़ कार्य खंड गोंडा

नदी के जलस्तर बढ़ रहे हैं और विभाग के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। रणनीति तैयार कर स्थिति से निपटने की योजना बनाई जा रही है। -राकेश पांडे अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड- 2
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