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Gonda News: फरवरी में पड़ रही अप्रैल जैसी गर्मी, किसानों की बढ़ी चिंता

Thu, 06 Feb 2025 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Thu, 06 Feb 2025 11:27 PM IST
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Heat like April in February, increased concern of farmers
गोंडा। मौसम में आए बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फरवरी में ही अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है। नवंबर व दिसंबर माह में भी जरूरी कोहरा व ठंड नहीं पड़ी, इससे गेहूं की फसल प्रभावित होने की संभावना है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार गेहूं के दाने सिकुड़ जाएंगे।
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जिले में एक लाख 46 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई है। इस बार नवंबर व दिसंबर में अपेक्षा से कम ठंड पड़ी। फरवरी की शुरुआत में ही दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
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वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक उपेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए कोहरा और ठंड बहुत जरूरी होता है। गेहूं का जब परागण होता है तो तापमान बहुत कम होना चाहिए। कल्ले निकलते समय कोहरा होना जरूरी होता है। नवंबर में जरूरी ठंड नहीं पड़ी। अब फरवरी में भी तापमान बढ़ता जा रहा है। इससे गेहूं समेत सभी रबी के फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
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इटियाथोक के किसान रमेश कुमार ने बताया कि ठंड के साथ मौजूदा समय में शीत व कोहरे की जरूरत होती है। इससे गेहूं के पौधे का विकास होने के साथ ही बालियां भी अच्छी निकलती हैं। पिछले साल भी किसानों को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था। गेहूं के पैदावार पर इसका काफी असर पड़ा था। महादेवा कला निवासी जोखूराम ने बताया कि गेहूं की फसल अधिक तापमान में खराब हो जाती है। पिछले साल भी पैदावार कम हुई थी। प्रगतिशील किसान रमेश सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल में बालियां तो फरवरी के महीने में आती ही हैं, लेकिन बोआई के बाद से ही इसे कम तापमान की जरूरत होती है। गेहूं की बालियां लगने तक ठंडा मौसम और कम तापमान की जरूरत है। दो दिन से तापमान में वृद्धि देखी जा रही है।

नमी के लिए सिंचाई करें किसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, तापमान और बढ़ता है तो गेहूं के पौधों की वृद्धि प्रभावित होगी। इसका असर पैदावार और गुणवत्ता पर पड़ेगा। फिलहाल सुबह-शाम की ठंड है। ऐसे में किसान खेतों में नमी रखने के लिए समय-समय पर सिंचाई करते रहें, जिससे गेहूं की अच्छी पैदावार हो सके।
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