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नहीं मिला इलाज, नशे में धुत कर्मचारी ने की अभद्रता
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गोंडा के महिला अस्पताल में सैंपल देने के लिए इंतजार करतेे तीमारदार। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं के साथ अमानवीय व्यवहार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की देररात प्रसवपीड़ा से तड़फ रही एक गर्भवती को बिना इलाज वापस कर दिया गया। वहीं, नशे में धुत कर्मचारी ने गर्भवती व तीमारदार से अभद्रता भी की।
विकासखंड पड़री कृपाल निवासी नितेश ने मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे उसकी पत्नी माधुरी उर्फ पार्वती को प्रसव पीड़ा हुई। पीड़िता को जिला महिला अस्पताल लाया गया, जहां स्टाफ ने भर्ती करने से मना कर दिया। इंकलाब फाउंडेेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह की पहल से महिला को भर्ती कर खून की जांच करवाने को कहा गया। रितेश ने आरोप लगाया कि जब वह चौथे मंजिल पर बने लैब में पहुंचा तो कोई लैब टेक्नीशियन नहीं था। वहां मौजूद नशे में धुत एक कर्मचारी अंदर से दरवाजा लॉक कर सो रहा था।
काफी देर तक आवाज देने के बाद दरवाजा खुला तो नशे में धुत एक कर्मचारी गुस्से में अभद्रता करते हुए सैंपल छीनकर फेंक दिया। जिससे गर्भवती का इलाज नहीं हो सका उसे बाहर निजी अस्पताल में सीजेरियन प्रसव कराना पड़ा। वहीं विगत शुक्रवार को भी वजीरगंज निवासी एक गर्भवती को पांच घंटे तक बेड न मिलने के बाद उसे बाहर सिजेरियन प्रसव कराना पड़ा था।
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शनिवार को गर्भवती का जांच न किए जाने संबंधी मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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विकासखंड पड़री कृपाल निवासी नितेश ने मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे उसकी पत्नी माधुरी उर्फ पार्वती को प्रसव पीड़ा हुई। पीड़िता को जिला महिला अस्पताल लाया गया, जहां स्टाफ ने भर्ती करने से मना कर दिया। इंकलाब फाउंडेेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह की पहल से महिला को भर्ती कर खून की जांच करवाने को कहा गया। रितेश ने आरोप लगाया कि जब वह चौथे मंजिल पर बने लैब में पहुंचा तो कोई लैब टेक्नीशियन नहीं था। वहां मौजूद नशे में धुत एक कर्मचारी अंदर से दरवाजा लॉक कर सो रहा था।
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काफी देर तक आवाज देने के बाद दरवाजा खुला तो नशे में धुत एक कर्मचारी गुस्से में अभद्रता करते हुए सैंपल छीनकर फेंक दिया। जिससे गर्भवती का इलाज नहीं हो सका उसे बाहर निजी अस्पताल में सीजेरियन प्रसव कराना पड़ा। वहीं विगत शुक्रवार को भी वजीरगंज निवासी एक गर्भवती को पांच घंटे तक बेड न मिलने के बाद उसे बाहर सिजेरियन प्रसव कराना पड़ा था।
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शनिवार को गर्भवती का जांच न किए जाने संबंधी मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ