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Gonda News: तीन लाख मरीजों का बनेगा हेल्थ कार्ड
Sat, 06 Apr 2024 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 06 Apr 2024 11:18 PM IST
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गोंडा। पहला सुख निरोगी काया को माना जाता है, लेकिन खानपान में अनियमितता के चलते बड़ी आबादी बीमारी की चपेट में आ रही है। जिले के तीन लाख लोगों का हर महीने विभिन्न अस्पतालों में नियमित उपचार चल रहा है। इन बीमारों के नियमित इलाज के लिए डिजिटल हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत जिले के 39 अस्पतालों की यूनिक आईडी तैयार की जा रही है। यहां इलाज कराने वाले मरीजों का पूरा विवरण ऑनलाइन होगा। फिर डिजिटल हेल्थ कार्ड से मरीजों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मरीजों को डॉक्टर के पास जाते समय पुरानी जांच व दवाओं के पर्चे संजोकर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों का हेल्थ कार्ड देखकर ही डॉक्टर पहले से चल रहे ट्रीटमेंट, जांच व दवाओं का विवरण जान लेंगे।
प्रथम चरण में आयुष्मान भारत मिशन से जुड़े गोल्डन कार्डधारकों का डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाकर सरकारी व निजी अस्पतालों के डॉक्टरों का ऑनलाइन विवरण अंकित होगा। आयुष्मान भारत मिशन से जुड़े अस्पतालों में आरोग्य मित्र तथा अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की जांच व इलाज का पूरा विवरण ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
आयुष्मान भारत मिशन के जिला सूचना प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाने के लिए आरोग्य मित्रों काे प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जल्द ही कार्ड बनाने का काम शुरू होगा।
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डिजिटल हेल्थ कार्ड मरीज व डॉक्टर दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। मरीज के पुराने इलाज की पूरी जानकारी डॉक्टर के पास पहले ही पहुंच जाने से जहां मरीजों को ओपीडी में देखने में कम समय लगेगा वहीं मरीज को भी पहले से ही पता चल सकेगा कि उसका नंबर कितने बजे और किस डॉक्टर के पास आएगा। देखने में आधार कार्ड की तरह ही दिखने वाला हेल्थ कार्ड पूरी तरह से डिजिटल बेस तकनीक युक्त होगा। इसका भी अपना एक यूनिक आईडी नंबर होगा। इसी से मरीज की पहचान होगी। इसी यूनिक हेल्थ आईडी से संबंधित मरीज के इलाज की हिस्ट्री का विवरण भी बस एक क्लिक पर देखा जा सकेगा। इस हेल्थ कार्ड से यह भी पता चल सकेगा कि मरीज को स्वास्थ्य संबंधित किन-किन सरकारी योजनाओं का फायदा मिल रहा है।
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प्रथम चरण में आयुष्मान भारत मिशन से जुड़े गोल्डन कार्डधारकों का डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाकर सरकारी व निजी अस्पतालों के डॉक्टरों का ऑनलाइन विवरण अंकित होगा। आयुष्मान भारत मिशन से जुड़े अस्पतालों में आरोग्य मित्र तथा अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की जांच व इलाज का पूरा विवरण ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
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आयुष्मान भारत मिशन के जिला सूचना प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाने के लिए आरोग्य मित्रों काे प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जल्द ही कार्ड बनाने का काम शुरू होगा।
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डिजिटल हेल्थ कार्ड मरीज व डॉक्टर दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। मरीज के पुराने इलाज की पूरी जानकारी डॉक्टर के पास पहले ही पहुंच जाने से जहां मरीजों को ओपीडी में देखने में कम समय लगेगा वहीं मरीज को भी पहले से ही पता चल सकेगा कि उसका नंबर कितने बजे और किस डॉक्टर के पास आएगा। देखने में आधार कार्ड की तरह ही दिखने वाला हेल्थ कार्ड पूरी तरह से डिजिटल बेस तकनीक युक्त होगा। इसका भी अपना एक यूनिक आईडी नंबर होगा। इसी से मरीज की पहचान होगी। इसी यूनिक हेल्थ आईडी से संबंधित मरीज के इलाज की हिस्ट्री का विवरण भी बस एक क्लिक पर देखा जा सकेगा। इस हेल्थ कार्ड से यह भी पता चल सकेगा कि मरीज को स्वास्थ्य संबंधित किन-किन सरकारी योजनाओं का फायदा मिल रहा है।