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तीन साल में टूट गई 64 करोड़ से बनी दो प्रमुख सड़कें
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गोंडा। जिले की दो प्रमुख सड़कें तीन साल में जवाब देने लगी हैं। 64 करोड़ से दोनों सड़कों का निर्माण तीन साल पहले ही पूरे हुए थे। टू-लेन बनी इन सड़कों का हाल यह है, अब हजारों गड्ढे सड़क में हो गए हैं और लगातार सड़क टूट रही है।
मिश्रौलिया क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण होने से बहराइच जाने वाले बड़े वाहनों को कटरा होकर भेजा जा रहा है, इससे इन दोनों सड़कों की दशा खराब हो चुकी है। ऐसे में वाहनों का आवागमन से हादसेे की आशंका बढ़ गई है।
जिले में अंबेडकर चौराहे से कटरा बाजार तक 19 किमी टू-लेन रोड़ का निर्माण हुआ था। 28 करोड़ रुपये उस समय खर्च हुए थे। इसके निर्माण से एक अच्छी सड़क मिली थी। तीन साल में सड़क जगह-जगह टूट गई है, और गड्ढे हो गए हैं।
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करनैलगंज से कटरा बाजार होते हुए कुकुरभुकवा मार्ग का निर्माण भी हुआ था। करीब 28 किमी लंबी सड़क बनाने पर 36 करोड़ रुपये खर्च हुआ था। सड़क भी बहराइच मार्ग से कटरा व करनैलगंज को जोड़ती थी।
दोनों सड़कों के बन जाने से राह आसान हो गई थी, लेकिन सड़कें बर्बाद हो रही है। भारी भरकम वाहनों का आवागमन बढ़ने से सड़कों का दम निकल रहा है। माना जा रहा है कि बारिश में सड़क के गड्ढे होने से गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं। हादसे की संभावना भी हो रही है।
दोनों सड़कों के निर्माण में भी मानक की अनदेखी की गई। आंबेडकर चौराहे से कटरा जाते समय ही पता चल जाता है कि निर्माण में कितना खेल हुआ। पूरे रास्ते में एक दर्जन के करीब मोड़ पहले से जानलेवा थे।
अब सड़कों के जगह-जगह टूटने से खतरा और बढ़ गया है। सड़क निर्माण का साल तो 2016- 17 है लेकिन तीन साल पहले ही सड़क का निर्माण पूरा हुए है। इतने कम समय में सड़कों के ध्वस्त होने से निर्माण पर सवाल उठना तय है।
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मिश्रौलिया क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण होने से बहराइच जाने वाले बड़े वाहनों को कटरा होकर भेजा जा रहा है, इससे इन दोनों सड़कों की दशा खराब हो चुकी है। ऐसे में वाहनों का आवागमन से हादसेे की आशंका बढ़ गई है।
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जिले में अंबेडकर चौराहे से कटरा बाजार तक 19 किमी टू-लेन रोड़ का निर्माण हुआ था। 28 करोड़ रुपये उस समय खर्च हुए थे। इसके निर्माण से एक अच्छी सड़क मिली थी। तीन साल में सड़क जगह-जगह टूट गई है, और गड्ढे हो गए हैं।
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करनैलगंज से कटरा बाजार होते हुए कुकुरभुकवा मार्ग का निर्माण भी हुआ था। करीब 28 किमी लंबी सड़क बनाने पर 36 करोड़ रुपये खर्च हुआ था। सड़क भी बहराइच मार्ग से कटरा व करनैलगंज को जोड़ती थी।
दोनों सड़कों के बन जाने से राह आसान हो गई थी, लेकिन सड़कें बर्बाद हो रही है। भारी भरकम वाहनों का आवागमन बढ़ने से सड़कों का दम निकल रहा है। माना जा रहा है कि बारिश में सड़क के गड्ढे होने से गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं। हादसे की संभावना भी हो रही है।
दोनों सड़कों के निर्माण में भी मानक की अनदेखी की गई। आंबेडकर चौराहे से कटरा जाते समय ही पता चल जाता है कि निर्माण में कितना खेल हुआ। पूरे रास्ते में एक दर्जन के करीब मोड़ पहले से जानलेवा थे।
अब सड़कों के जगह-जगह टूटने से खतरा और बढ़ गया है। सड़क निर्माण का साल तो 2016- 17 है लेकिन तीन साल पहले ही सड़क का निर्माण पूरा हुए है। इतने कम समय में सड़कों के ध्वस्त होने से निर्माण पर सवाल उठना तय है।