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Gonda News: सरकारी भवन में ताला, किराये के कमरे में चल रहा एएनएम सेंटर
Mon, 29 Dec 2025 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 29 Dec 2025 11:45 PM IST
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कटरा बाजार के बाबूपुर में झाड़ियों से घिरा एएनएम सेंटर। - संवाद
कटरा बाजार। नगर पंचायत के वार्ड नंबर सात बाबूपुर में करीब 12 हजार आबादी के इलाज के लिए बना एएनएम सेंटर खुद बीमार है। वर्ष 2021 में करीब 16 लाख रुपये की लागत से बना ये सरकारी भवन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण झाड़ियों से घिर गया है। ऐसे में अपना भवन होते हुए भी एएनएम सेंटर किराये के जर्जर कमरे से संचालित किया जा रहा है।
शाहजोत, बाबूपुर, जगतापुर और पांचूपुर गांव की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर नया सेंटर बनवाया गया था। 2024 में यह भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हो गया था। उसी समय एएनएम को नए भवन में बैठने को कहा गया था, किंतु वे किराये के पुराने कमरे से ही केंद्र संचालित करती रहीं। सभासद प्रतिनिधि व मकान मालिक लालबाबू तिवारी ने बताया कि पहले 500 रुपये मासिक किराया मिलता था, लेकिन 10 वर्ष से वह भी नहीं मिला। एएनएम शमा का कहना है कि नवनिर्मित एएनएम सेंटर के चारों ओर घनी झाड़ियां होने के कारण वहां बैठकर काम करना संभव नहीं है। इस सेंटर की सफाई के लिए वर्षों से कोई कर्मचारी नहीं आया है। नवनिर्मित भवन रखरखाव के अभाव में जर्जर होने लगा है।
सरकारी भवन होने के बावजूद एएनएम सेंटर किराये के कमरे में चलने को लेकर लोग सवाल कर रहे हैं। ब्लॉक अकाउंट मैनेजर मुख्तार ने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार, सेंटर सरकारी भवन में संचालित है। हालांकि जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट है।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. इंदू राणा ने बताया कि यदि नया भवन होने के बावजूद सेंटर किराये के कमरे में चल रहा है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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शाहजोत, बाबूपुर, जगतापुर और पांचूपुर गांव की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखकर नया सेंटर बनवाया गया था। 2024 में यह भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर हो गया था। उसी समय एएनएम को नए भवन में बैठने को कहा गया था, किंतु वे किराये के पुराने कमरे से ही केंद्र संचालित करती रहीं। सभासद प्रतिनिधि व मकान मालिक लालबाबू तिवारी ने बताया कि पहले 500 रुपये मासिक किराया मिलता था, लेकिन 10 वर्ष से वह भी नहीं मिला। एएनएम शमा का कहना है कि नवनिर्मित एएनएम सेंटर के चारों ओर घनी झाड़ियां होने के कारण वहां बैठकर काम करना संभव नहीं है। इस सेंटर की सफाई के लिए वर्षों से कोई कर्मचारी नहीं आया है। नवनिर्मित भवन रखरखाव के अभाव में जर्जर होने लगा है।
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सरकारी भवन होने के बावजूद एएनएम सेंटर किराये के कमरे में चलने को लेकर लोग सवाल कर रहे हैं। ब्लॉक अकाउंट मैनेजर मुख्तार ने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार, सेंटर सरकारी भवन में संचालित है। हालांकि जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट है।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. इंदू राणा ने बताया कि यदि नया भवन होने के बावजूद सेंटर किराये के कमरे में चल रहा है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।