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जवान का शव घर पहुंचा, मचा कोहराम
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फोटो-19-गोंडा में अमित कुमार सिंह। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। उत्तरकाशी में बीते दिनों बर्फ का स्लैब टूटने से हुए हादसे में शहर के भार्गव कॉलोनी के रहने वाले एयरफोर्स के सार्जेँट अमित कुमार सिंह शहीद हो गए थे। बुधवार को उनका शव घर लाया गया। अमित का पार्थिव शरीर घर पर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर पर थोड़ी देर रखने के बाद अयोध्या अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। बता दें कि वह एडवांस माउंटिंग कोर्स के प्रशिक्षण में गए थे।
उत्तरकाशी में एडवांस माउंटिंग कोर्स की ट्रेनिंग के दौरान हादसा हो गया था। प्रशिक्षण के समय आइस स्लाइडिंग के दौरान जवान अमित कुमार सिंह सहित 29 जवान घटना में शहीद हुए थे। शहीद अमित का शव बुधवार को घर पहुंचा तो मां, अमित की पत्नी का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। वहीं, एक साल का मासूम बेटा अपने सिर से पिता का साया उठने से अनजान था। सेना के जवान की मौजूदगी में जवान का पार्थिव शरीर उनके आवास से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। अयोध्या में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की तैयारी की गई थी
जयपुर के एयरफोर्स हेडक्वार्टर में तैनात था
शहीद के साथी कर्मचारी सुशील कुमार साहनी ने बताया कि हम लोग जयपुर, राजस्थान में एयरफोर्स के हेड क्वार्टर में तैनात हैं। सितंबर में अमित जयपुर गया था। जयपुर में उसकी पत्नी जॉब करती है। 14 सितंबर को शहीद अमित एडवांस माउंट ट्रेनिंग कोर्स के लिए गया था। चार अक्तूबर को सबमिट एडवांस करने गए थे, टॉप से कुछ दूरी पर दो सौ मीटर नीचे बर्फ का स्लैब टूट कर गिर गया। उस ग्रुप में 41 लोग थे, जिसमें सात मास्टर व 34 ट्रेनर थे। उसमें 11 लोगों की जान बच गई बाकी 29 लोग नीचे चले गए।
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उन्होंने बताया कि 2006 में एयरफोर्स में भर्ती हुए थे। साथी अमित सिंह के बारे में बताते सुशील का गला रूंध गया। बताया कि बहुत अच्छा व्यवहार था। सभी से घुलमुल कर रहना और परिवार जैसा मानते थे। इसके साथ ही वह रोने लगा।
पिता ने किया अंतिम संस्कार, हालत बिगड़ी
शहीद अमित सिंह का अंतिम संस्कार उनके पिता राम पुकार सिंह ने अयोध्या में किया। इस दौरान उनकी हालत भी कई बार बिगड़ी। दिल को थाम कर आंखों से दर्द के आंसू बहाते रहे। शहीद के भाई अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मेरा भाई उत्तरकाशी में माउंट एडवांस की ट्रेनिंग के लिए गया था। तभी आइस लैंडिंग हुई, जिसमें उसके साथ में जो लोग ट्रेनिंग में थे, वहां लोग दब गए थे।
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उत्तरकाशी में एडवांस माउंटिंग कोर्स की ट्रेनिंग के दौरान हादसा हो गया था। प्रशिक्षण के समय आइस स्लाइडिंग के दौरान जवान अमित कुमार सिंह सहित 29 जवान घटना में शहीद हुए थे। शहीद अमित का शव बुधवार को घर पहुंचा तो मां, अमित की पत्नी का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। वहीं, एक साल का मासूम बेटा अपने सिर से पिता का साया उठने से अनजान था। सेना के जवान की मौजूदगी में जवान का पार्थिव शरीर उनके आवास से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। अयोध्या में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की तैयारी की गई थी
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जयपुर के एयरफोर्स हेडक्वार्टर में तैनात था
शहीद के साथी कर्मचारी सुशील कुमार साहनी ने बताया कि हम लोग जयपुर, राजस्थान में एयरफोर्स के हेड क्वार्टर में तैनात हैं। सितंबर में अमित जयपुर गया था। जयपुर में उसकी पत्नी जॉब करती है। 14 सितंबर को शहीद अमित एडवांस माउंट ट्रेनिंग कोर्स के लिए गया था। चार अक्तूबर को सबमिट एडवांस करने गए थे, टॉप से कुछ दूरी पर दो सौ मीटर नीचे बर्फ का स्लैब टूट कर गिर गया। उस ग्रुप में 41 लोग थे, जिसमें सात मास्टर व 34 ट्रेनर थे। उसमें 11 लोगों की जान बच गई बाकी 29 लोग नीचे चले गए।
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उन्होंने बताया कि 2006 में एयरफोर्स में भर्ती हुए थे। साथी अमित सिंह के बारे में बताते सुशील का गला रूंध गया। बताया कि बहुत अच्छा व्यवहार था। सभी से घुलमुल कर रहना और परिवार जैसा मानते थे। इसके साथ ही वह रोने लगा।
पिता ने किया अंतिम संस्कार, हालत बिगड़ी
शहीद अमित सिंह का अंतिम संस्कार उनके पिता राम पुकार सिंह ने अयोध्या में किया। इस दौरान उनकी हालत भी कई बार बिगड़ी। दिल को थाम कर आंखों से दर्द के आंसू बहाते रहे। शहीद के भाई अजीत कुमार सिंह ने कहा कि मेरा भाई उत्तरकाशी में माउंट एडवांस की ट्रेनिंग के लिए गया था। तभी आइस लैंडिंग हुई, जिसमें उसके साथ में जो लोग ट्रेनिंग में थे, वहां लोग दब गए थे।

फोटो-20-गोंडा के भार्गव कॉलोनी में शहीद सैनिक को सलामी देते एयरफोर्स के जवान। -संवाद- फोटो : GONDA