{"_id":"6839f54b76d80b7e320e4d5f","slug":"gonda-news-bhagwat-katha-gonda-news-c-100-1-slko1028-138534-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: कुछ समय ऐसा निकालो प्रेम कर लो राम से...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: कुछ समय ऐसा निकालो प्रेम कर लो राम से...
Fri, 30 May 2025 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 30 May 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
परसपुर के पूरेरोहनी में कथा सुनाते प्रवाचक पं. अवध नरायन मिश्रा। - संवाद
परसपुर (गोंडा)। जिंदगी जब तक रहेगी फुरसत न होगी काम से, कुछ समय ऐसा निकालो प्रेम कर लो राम से... जीवन जब तक रहेगा काम से कभी भी फुरसत मिलने वाली नहीं है। गृहस्थ में रहकर भी प्रभु चरणों में बैठकर भजन व आराधना अवश्य करनी चाहिए। केवल भगवत भक्ति व कर्म ही साथ जाएंगे। ये बातें नगर पंचायत परसपुर के आंटा दक्षिणी वार्ड-2 पूरे रोहनी में बृहस्पतिवार रात प्रवाचक पं. अवध नारायण मिश्र ने संगीतमयी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ में कहीं। प्रवाचक ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। इस मौके पर आचार्य आशुतोष पांडेय, मंगल प्रसाद विश्वकर्मा, सभासद कृष्णकुमार सैनी, रामदीन विश्वकर्मा, बाबा गोपाल दास, जगदीश तिवारी, पांडेय विश्वकर्मा, शिव किशोर पांडेय मौजूद रहे।
श्रीराम और भरत का प्रेम देख श्रोता भावविभोर
पसका (गोंडा)। भ्रात प्रेम एक मजबूत और महत्वपूर्ण संबंध है जो भाइयों को एक-दूसरे से जोड़ता है। उन्हें एक-दूसरे के साथ गहरा भावनात्मक संबंध प्रदान करता है। ये बातें परसपुर के सिंगरिया के शृंगि ऋषि आश्रम के महादेवन मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में प्रवाचक श्याम भूषण जी महाराज ने कहीं। प्रवाचक ने कहा कि भरत को अपने ननिहाल से वापस आने के बाद पिता की मृत्यु और भाई श्रीराम का माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन जाने का पता चला। वह निषाद राज से जानकारी लेकर अपनी माताओं के साथ चित्रकूट पर्वत पर जाते हैं। भरत ने श्रीराम के चरणों में गिरकर क्षमा मांगी। राम ने भरत को गले लगा लिया। भरत के मुख से दशरथ की मृत्यु का समाचार सुन श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण सहित व्याकुल हो उठे। श्रीराम को वापस अयोध्या चलने के लिए भरत मिन्नतें करते हैं। इस पर श्रीराम कहते हैं- रघुकुल रीति सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई...। (संवाद)
श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता है मिसाल
पसका (गोंडा)। सच्ची मित्रता का मूल्य धन या पद में नहीं, बल्कि दिल की भक्ति और स्नेह में है। सुदामा चरित्र हमें सिखाता है कि सच्चे मित्र एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं। ये बातें परसपुर के अंदूपुर के दुर्गा पुरवा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में प्रवाचक पं. रमेश पांडेय ने कहीं। प्रवाचक ने कहा कि अपनी पत्नी के बार-बार कहने पर सुदामा जी श्रीकृष्ण से मिलने के लिए गए। सुदामा ने श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा, बल्कि निस्वार्थ भाव से मिलने के लिए गए। श्रीकृष्ण ने सुदामा की सच्ची मित्रता को पहचाना और उनकी हर संभव मदद की। कथा में संजय शुक्ल, अरविंद शुक्ल, रिंकू, धर्मेंद्र, महेंद्र, पिंकू पांडेय आदि मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
भंडारे के साथ श्रीराम कथा संपन्न
बालपुर (गोंडा)। हलधरमऊ के हड़ियागाड़ा गोकुला घाट शिव हनुमान मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिवस भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजक रमेश सिंह ने बताया कि देर रात तक भंडारा चलता रहा। इस दौरान विजय पाल सिंह, रितेंद्र पाल सिंह, रमेश सिंह, अनुपम सिंह, अशोक सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
श्रीराम और भरत का प्रेम देख श्रोता भावविभोर
पसका (गोंडा)। भ्रात प्रेम एक मजबूत और महत्वपूर्ण संबंध है जो भाइयों को एक-दूसरे से जोड़ता है। उन्हें एक-दूसरे के साथ गहरा भावनात्मक संबंध प्रदान करता है। ये बातें परसपुर के सिंगरिया के शृंगि ऋषि आश्रम के महादेवन मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ में प्रवाचक श्याम भूषण जी महाराज ने कहीं। प्रवाचक ने कहा कि भरत को अपने ननिहाल से वापस आने के बाद पिता की मृत्यु और भाई श्रीराम का माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन जाने का पता चला। वह निषाद राज से जानकारी लेकर अपनी माताओं के साथ चित्रकूट पर्वत पर जाते हैं। भरत ने श्रीराम के चरणों में गिरकर क्षमा मांगी। राम ने भरत को गले लगा लिया। भरत के मुख से दशरथ की मृत्यु का समाचार सुन श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण सहित व्याकुल हो उठे। श्रीराम को वापस अयोध्या चलने के लिए भरत मिन्नतें करते हैं। इस पर श्रीराम कहते हैं- रघुकुल रीति सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई...। (संवाद)
विज्ञापन
श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता है मिसाल
पसका (गोंडा)। सच्ची मित्रता का मूल्य धन या पद में नहीं, बल्कि दिल की भक्ति और स्नेह में है। सुदामा चरित्र हमें सिखाता है कि सच्चे मित्र एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हैं। ये बातें परसपुर के अंदूपुर के दुर्गा पुरवा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में प्रवाचक पं. रमेश पांडेय ने कहीं। प्रवाचक ने कहा कि अपनी पत्नी के बार-बार कहने पर सुदामा जी श्रीकृष्ण से मिलने के लिए गए। सुदामा ने श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा, बल्कि निस्वार्थ भाव से मिलने के लिए गए। श्रीकृष्ण ने सुदामा की सच्ची मित्रता को पहचाना और उनकी हर संभव मदद की। कथा में संजय शुक्ल, अरविंद शुक्ल, रिंकू, धर्मेंद्र, महेंद्र, पिंकू पांडेय आदि मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
भंडारे के साथ श्रीराम कथा संपन्न
बालपुर (गोंडा)। हलधरमऊ के हड़ियागाड़ा गोकुला घाट शिव हनुमान मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिवस भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजक रमेश सिंह ने बताया कि देर रात तक भंडारा चलता रहा। इस दौरान विजय पाल सिंह, रितेंद्र पाल सिंह, रमेश सिंह, अनुपम सिंह, अशोक सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। (संवाद)