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Gonda News: लाहिड़ी की याद में गए देशभक्ति के तराने
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गोंडा के जिला कारागार परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं छात्राएं। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। स्वतंत्रता संग्राम के नायक शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी के 96 वें बलिदान दिवस पर शनिवार को जिला कारागार में देशभक्ति कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम की शुरुआत आर्य समाज के वैदिक मंत्रों के साथ जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चिरकुमारित्वा ने की।
शनिवार को जेल परिसर में लाहिड़ी के बलिदान स्थल पर स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित हुआ। इसके बाद उनकी शहादत को याद किया। लाहिड़ी जी को सलामी दी गई और राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। डीएम ने अमर शहीद लाहिड़ी के अंतिम वाक्य ‘मैं मरने नहीं जा रहा, अपितु आजाद भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूं’ को दोेहराते हुए कहा कि लाहिड़ी जी का जीवन राष्ट्र प्रेम का एक जीवंत उदाहरण है। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने संबोधित किया।
जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानी राम अचल आचार्य सहित अन्य सेनानियों के परिजनों को माला पहनाकर व अंगवस्तत्र से सम्मानित किया। अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च कर जिला कारागार में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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देशभक्ति गीतों की दी प्रस्तुति
कार्यक्रम जीआईसी जीजीआईसी, एलबीएस कॉलेज के छात्र, लार्ड कृष्णा स्कूल, नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज की संगीत अध्यापिका किरन पांडेय व सैफाली पांडेय सहित अन्य स्कूल के छात्र-छात्राओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं देश भक्ति गीत का प्रस्तुतीकरण किया गया। संचालन जेल अधीक्षक द्वारा किया गया। आंबेडकर चौराहे से तिरंगा रैली निकाली गई, जो कार्यक्रम स्थल पर आकर समाप्त हुई।
सीआरओ जयनाथ यादव, एएसपी शिवराज, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, एसडीएम विनोद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर, डीसी मनरेगा संत कुमार, डीसी एनआरएलएम नरेश बाबू सविता, डीपीआरओ लालजी दुबे, सीओ सदर शिल्पा वर्मा, सीओ सिटी लक्ष्मीकान्त गौतम, डीआईओएस राकेश कुमार, जेल प्रशासन अधिकारी, कर्मचारी, खंड विकास अधिकारी झंझरी, समाजसेवी धर्मवीर आर्य आदि रहे।
फांसी घर को किया नमन, समाधि स्थल पर नम रहीं आंखे
जिला कारागार में अमर शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को जहां फांसी दी गई थी, उसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। लोगों ने फांसी घर को नमन किया और वहां पहुंचने वालों की भीड़ रही। बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पहुंचे। समाधि स्थल पर पहुंचते ही लोगों की आंखें भी नम होती दिखीं।
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शनिवार को जेल परिसर में लाहिड़ी के बलिदान स्थल पर स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित हुआ। इसके बाद उनकी शहादत को याद किया। लाहिड़ी जी को सलामी दी गई और राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। डीएम ने अमर शहीद लाहिड़ी के अंतिम वाक्य ‘मैं मरने नहीं जा रहा, अपितु आजाद भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूं’ को दोेहराते हुए कहा कि लाहिड़ी जी का जीवन राष्ट्र प्रेम का एक जीवंत उदाहरण है। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने संबोधित किया।
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जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानी राम अचल आचार्य सहित अन्य सेनानियों के परिजनों को माला पहनाकर व अंगवस्तत्र से सम्मानित किया। अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च कर जिला कारागार में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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देशभक्ति गीतों की दी प्रस्तुति
कार्यक्रम जीआईसी जीजीआईसी, एलबीएस कॉलेज के छात्र, लार्ड कृष्णा स्कूल, नारी ज्ञानस्थली पीजी कॉलेज की संगीत अध्यापिका किरन पांडेय व सैफाली पांडेय सहित अन्य स्कूल के छात्र-छात्राओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं देश भक्ति गीत का प्रस्तुतीकरण किया गया। संचालन जेल अधीक्षक द्वारा किया गया। आंबेडकर चौराहे से तिरंगा रैली निकाली गई, जो कार्यक्रम स्थल पर आकर समाप्त हुई।
सीआरओ जयनाथ यादव, एएसपी शिवराज, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, एसडीएम विनोद कुमार सिंह, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर, डीसी मनरेगा संत कुमार, डीसी एनआरएलएम नरेश बाबू सविता, डीपीआरओ लालजी दुबे, सीओ सदर शिल्पा वर्मा, सीओ सिटी लक्ष्मीकान्त गौतम, डीआईओएस राकेश कुमार, जेल प्रशासन अधिकारी, कर्मचारी, खंड विकास अधिकारी झंझरी, समाजसेवी धर्मवीर आर्य आदि रहे।
फांसी घर को किया नमन, समाधि स्थल पर नम रहीं आंखे
जिला कारागार में अमर शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को जहां फांसी दी गई थी, उसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। लोगों ने फांसी घर को नमन किया और वहां पहुंचने वालों की भीड़ रही। बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पहुंचे। समाधि स्थल पर पहुंचते ही लोगों की आंखें भी नम होती दिखीं।