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Gonda News: गैस संकट से 200 छोटी दुकानें बंद, रेस्टोरेंट के मेन्यू से पिज्जा-पास्ता गायब

Fri, 13 Mar 2026 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Fri, 13 Mar 2026 11:41 PM IST
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Gas crisis forces 200 small shops to close, pizza and pasta disappear from restaurant menus
पीपल चौराहा ​स्थित एक दुकान पर चल रही डीजल भट्ठी। -संवाद
गोंडा। जिले में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से खाद्य कारोबार पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। बड़े होटल-रेस्टोरेंट से लेकर छोटे स्ट्रीट वेंडर तक गैस के लिए परेशान हैं। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र आर्य का कहना है कि अब तक 200 से अधिक छोटे व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं, जबकि कई रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू से करीब 70 प्रतिशत फास्टफूड आइटम हटा दिए हैं।
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काली भवानी मंदिर के पास संचालित रेस्टोरेंट के संचालक विशाल कुशवाहा ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उनके यहां पिज्जा, चाइनीज राइस, वेज मंचूरियन, पनीर चिली, पास्ता, चीज राइस, सेजवान राइस, बर्गर-पिज्जा जैसे करीब 30 प्रकार के फास्टफूड बनना बंद हो गए हैं। इन व्यंजनों के बनाने में गैस की खपत अधिक होती है।
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व्यापारी नेता यशपाल सिंह सलूजा ने बताया कि उनके रेस्टोरेंट से भी सभी चाइनीज फास्टफूड आइटम मेन्यू कार्ड से हटाने पड़े हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित शक्ति रसोई की संचालिका रंजना ने बताया कि गैस की कमी के कारण समोसा बनाना बंद कर दिया है। गैस संकट का सबसे अधिक असर छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों पर पड़ा है। गुरुनानक चौराहे पर ठेला लगाने वाले वीरेंद्र प्रसाद ने कोयले की भट्ठी बनाकर किसी तरह रोजगार फिर से शुरू किया है।
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हॉस्टलों में लगी इलेक्ट्रॉनिक रोटी मशीन, व्यापारी बना रहे डीजल भट्ठी
जिले के कई कॉलेज के हॉस्टलों में भी गैस सिलिंडर खत्म होने की स्थिति बन गई है। इसे देखते हुए संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। एससीपीएम नर्सिंग कॉलेज के प्रशासक धीरज दूबे ने बताया कि हॉस्टल में करीब 400 विद्यार्थी रहते हैं। फिलहाल कुछ दिनों के लिए सिलिंडर उपलब्ध है, लेकिन इसके बाद रोटी बनाने की इलेक्ट्रॉनिक मशीन और इंडक्शन से खाना बनाने की व्यवस्था की गई है। अवध नर्सिंग कॉलेज के हॉस्टल में भी सिर्फ दो-तीन दिन का गैस स्टॉक बचा है। प्रधानाचार्य अनिल सिंह ने बताया कि इसके बाद समस्या बढ़ सकती है। वहीं, कई व्यापारी अब डीजल भट्ठी का इस्तेमाल कर खाद्य पदार्थ तैयार कर रहे हैं।
इंडक्शन की मांग में बेतहाशा वृद्धि
गैस संकट के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मांग अचानक बढ़ गई है। होलसेल विक्रेता मनीष कुमार ने बताया कि पहले प्रतिदिन 150-160 इंडक्शन चूल्हों की मांग होती थी, लेकिन अब प्रतिदिन करीब 300 इंडक्शन की बिक्री हो रही है। उन्होंने बताया कि करीब 1900 इंडक्शन चूल्हों के ऑर्डर अभी लंबित हैं, जबकि सप्लाई बहुत सीमित है। दिल्ली से सामान मंगाने में भी परेशानी हो रही है और कई एजेंसियों के फोन तक नहीं उठ रहे हैं।

व्यापार मंडल ने डीएम से की मुलाकात
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन से मुलाकात कर कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत से उत्पन्न समस्या से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र आर्य ने बताया कि गैस संकट के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
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