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गाय के अवशेष मिलने से ग्रामीणों में रोष
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मजूपुर ग्रामसभा के जंगल में बनी गोशाला की पांच गायों को सोमवार की रात गो तस्करों ने काटा और मीट व हड्डियां लेकर भाग निकले। मंगलवार की सुबह गायों के अवशेष देखकर ग्रामीण भड़क उठे। सूचना पर पुलिस के साथ ही एसडीएम इगलास कुलदेव सिंह व इगलास से भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी मौके पर पहुंचे तो उनके खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। लोगों का गुस्सा देखते हुए इगलास व खैर थानों से भी फोर्स मौके पर बुला लिया गया।
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में सफल हो सके। इसके बाद जेसीबी के जरिए गड्ढा खुदवाकर अवशेष दफन कराए गए। गोंडा थाने के उप निरीक्षक जनमेद सिंह की ओर से अज्ञात गो तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मंगलवार सुबह करीब छह बजे गोशाला का केयर टेकर गायों को चारा डालने पहुंचा तो गोशाला के पास ही खेतों में पांच गायों के कटे सिर व खाल पड़ी देखी।
मीट व हड्डी गायब थी। उसने गांव में खबर दी तो लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर थाना प्रभारी संदीप कुमार सिंह, विधायक राजकुमार सहयोगी, एसडीएम कुलदेव सिंह भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पहले भी गोशाला की गायों को गो तस्कर काट चुके हैं लेकिन उन घटनाओं को दबा दिया गया।
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48 थे गोवंश, 34 बचे
ग्राम पंचायत सचिव राजीव दीक्षित ने विधायक व अधिकारियों को बताया कि गोशाला में 48 गोवंश थे। अब 34 ही मौजूद हैं। उधर गोशाला की अव्यवस्थाओं पर विधायक ने पंचायत सचिव को जमकर हड़काया। काफी जद्दोजहद के बाद तय हुआ कि पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
इसका अध्यक्ष ग्राम प्रधान होगा। समिति गोशाला का सुचारू रूप से संचालन करेगी। गोशाला की चारदीवारी निर्माण का भी अधिकारियों ने आश्वासन दिया। तब तक मौजूद गोवंश को सुरक्षा की दृष्टि से चिंता की नगरिया स्थित गोशाला में भेजने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई थी।
कानों में लगे थे जियो टैग
घटनास्थल पर गायों के जो अवशेष मिले हैं उनके कानों में जियो टैगिंग थी। इससे साफ था कि वह गायें गोशाला से ही संबंधित थीं। लोगों का कहना है कि चारदीवारी न होने से गो मांस की तस्करी करने वाले आसानी से घटना को अंजाम दे रहे हैं।
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करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में सफल हो सके। इसके बाद जेसीबी के जरिए गड्ढा खुदवाकर अवशेष दफन कराए गए। गोंडा थाने के उप निरीक्षक जनमेद सिंह की ओर से अज्ञात गो तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मंगलवार सुबह करीब छह बजे गोशाला का केयर टेकर गायों को चारा डालने पहुंचा तो गोशाला के पास ही खेतों में पांच गायों के कटे सिर व खाल पड़ी देखी।
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मीट व हड्डी गायब थी। उसने गांव में खबर दी तो लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर थाना प्रभारी संदीप कुमार सिंह, विधायक राजकुमार सहयोगी, एसडीएम कुलदेव सिंह भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पहले भी गोशाला की गायों को गो तस्कर काट चुके हैं लेकिन उन घटनाओं को दबा दिया गया।
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48 थे गोवंश, 34 बचे
ग्राम पंचायत सचिव राजीव दीक्षित ने विधायक व अधिकारियों को बताया कि गोशाला में 48 गोवंश थे। अब 34 ही मौजूद हैं। उधर गोशाला की अव्यवस्थाओं पर विधायक ने पंचायत सचिव को जमकर हड़काया। काफी जद्दोजहद के बाद तय हुआ कि पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
इसका अध्यक्ष ग्राम प्रधान होगा। समिति गोशाला का सुचारू रूप से संचालन करेगी। गोशाला की चारदीवारी निर्माण का भी अधिकारियों ने आश्वासन दिया। तब तक मौजूद गोवंश को सुरक्षा की दृष्टि से चिंता की नगरिया स्थित गोशाला में भेजने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई थी।
कानों में लगे थे जियो टैग
घटनास्थल पर गायों के जो अवशेष मिले हैं उनके कानों में जियो टैगिंग थी। इससे साफ था कि वह गायें गोशाला से ही संबंधित थीं। लोगों का कहना है कि चारदीवारी न होने से गो मांस की तस्करी करने वाले आसानी से घटना को अंजाम दे रहे हैं।