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हेराफेरी कर कब्जा रहे करोड़ों की आरक्षित जमीन
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गोंडा के नवाबगंज में फुटबाल मैदान के लिए आरक्षित भूमि।-संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। अयोध्या विकास प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल होते ही नवाबगंज तहसील क्षेत्र में हाइवे व सड़क किनारे स्थित जमीनों की कीमत आसमान छूने लगी हैं। इसका फायदा उठाने के लिए सक्रिय भू-माफिया अब तहसील कर्मियों की साठगांठ से राजस्व दस्तावेजों में हेराफेरी कर आरक्षित श्रेणी की खाली पड़ी जमीनों को कब्जाने के खेल में जुटे हैं। नवाबगंज कस्बा स्थित पुलिस थाने के बगल में सरकारी स्वामित्व में दर्ज फुटबाल मैदान के लिए आरक्षित एक एकड़ से अधिक जमीन को कुछ इसी अंदाज में कब्जाने का मामला उजागर हुआ है। डीएम डॉ. उज्जवल कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हेराफेरी के इस खेल से जुड़े संदिग्धों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण होने के साथ ही अयोध्या प्राधिकरण का दायरा भी बढ़ाया गया है। इसमें नवाबगंज नगर पालिका के साथ ही आसपास के 63 गांव क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इस कारण जिले की नवाबगंज तहसील से जुड़े इलाकों में जमीनों की बाजारी कीमत अभी से आसमान छूने लगी है। कस्बा नवाबगंज में थाने के पास बाजार से सटी जमीन की कीमत प्राधिकरण क्षेत्र में आने के बाद व्यवसायिक तौर पर करोड़ों में आंकी जाने लगी है। इससे मोटी कमाई करने को सरकारी स्वामित्व में दर्ज खाली पड़ी जमीनों को राजस्व दस्तावेज में हेराफेरी कर कब्जाने का खेल भी शुरू हो गया है।
फुटबाल मैदान को आरक्षित जमीन में हेरफेर
नवाबगंज थाने के पास फुटबाल ग्राउंड के लिए आरक्षित (नान जेड ए) भूमि के रिकार्ड में हेराफेरी करने का मामला पकड़ में आया है। थाने के दक्षिण - पूर्व स्थित गाटा संख्या - 2427, 2430 व 2431 में दर्ज यह जमीन फुटबाल ग्राउंड के लिए आरक्षित है और नान जेड ए श्रेणी में आती है।
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धंधेबाजों ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के ही राजस्व अभिलेख में हेराफेरी कर एक एकड़ से अधिक जमीन का स्वामित्व परिवर्तित कर दिया। इसी तरह बंजर में दर्ज गाटा संख्या 2428 व 2429 की जमीन के अभिलेख में भी हुई छेड़छाड़ सामने आई है। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव को सौंपी है।
नपेंगे जिम्मेदार, दुरुस्त होगी गलत प्रविष्टि
हेराफेरी में आशंकित सभी गाटा संख्या की जमीनों से जुड़े राजस्व दस्तावेजों की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित तहसीलदार से जमीनों के स्वामित्व से जुड़े सभी राजस्व रिकार्ड के साथ इनके रखरखाव से जुड़े तहसील स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा विवरण भी तलब किया गया है।
जांच के दौरान दस्तावेजों में फेरबदल करने के आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाने के साथ ही अभिलेखों में दर्ज गलत प्रविष्टियों को भी सही कराया जाएगा। जयनाथ यादव, मुख्य राजस्व अधिकारी
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण होने के साथ ही अयोध्या प्राधिकरण का दायरा भी बढ़ाया गया है। इसमें नवाबगंज नगर पालिका के साथ ही आसपास के 63 गांव क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इस कारण जिले की नवाबगंज तहसील से जुड़े इलाकों में जमीनों की बाजारी कीमत अभी से आसमान छूने लगी है। कस्बा नवाबगंज में थाने के पास बाजार से सटी जमीन की कीमत प्राधिकरण क्षेत्र में आने के बाद व्यवसायिक तौर पर करोड़ों में आंकी जाने लगी है। इससे मोटी कमाई करने को सरकारी स्वामित्व में दर्ज खाली पड़ी जमीनों को राजस्व दस्तावेज में हेराफेरी कर कब्जाने का खेल भी शुरू हो गया है।
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फुटबाल मैदान को आरक्षित जमीन में हेरफेर
नवाबगंज थाने के पास फुटबाल ग्राउंड के लिए आरक्षित (नान जेड ए) भूमि के रिकार्ड में हेराफेरी करने का मामला पकड़ में आया है। थाने के दक्षिण - पूर्व स्थित गाटा संख्या - 2427, 2430 व 2431 में दर्ज यह जमीन फुटबाल ग्राउंड के लिए आरक्षित है और नान जेड ए श्रेणी में आती है।
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धंधेबाजों ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के ही राजस्व अभिलेख में हेराफेरी कर एक एकड़ से अधिक जमीन का स्वामित्व परिवर्तित कर दिया। इसी तरह बंजर में दर्ज गाटा संख्या 2428 व 2429 की जमीन के अभिलेख में भी हुई छेड़छाड़ सामने आई है। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव को सौंपी है।
नपेंगे जिम्मेदार, दुरुस्त होगी गलत प्रविष्टि
हेराफेरी में आशंकित सभी गाटा संख्या की जमीनों से जुड़े राजस्व दस्तावेजों की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित तहसीलदार से जमीनों के स्वामित्व से जुड़े सभी राजस्व रिकार्ड के साथ इनके रखरखाव से जुड़े तहसील स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा विवरण भी तलब किया गया है।
जांच के दौरान दस्तावेजों में फेरबदल करने के आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई के घेरे में लाने के साथ ही अभिलेखों में दर्ज गलत प्रविष्टियों को भी सही कराया जाएगा। जयनाथ यादव, मुख्य राजस्व अधिकारी