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Gonda News: दो घंटे में बना पर्चा, जांच के पंजीकरण में छूटे पसीने
Tue, 19 Mar 2024 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:21 PM IST
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गोंडा। रात में ठंड व दिन में तीखी धूप के चलते वायरल का प्रकोप तेज हो गया है। भीड़ बढ़ने से महाराजा देवीबख्श सिंह मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चरमरा गई है।
पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी तक मारा मारी मची हुई है। पर्चा कटवाने के लिए मरीजों को दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है। जांच के लिए खून का नमूना देने में एक घंटे से अधिक का समय लगता है। मंगलवार को 1458 मरीजों ने ओपीडी का पर्चा बनवाया। इसमें से 347 मरीजों को खून की जांच लिखी गई।
रुपईडीह से आई सुनीता ने बताया कि उसके बच्चे को तेज बुखार था। सुबह नौ बजे अस्पताल आई थीं। पर्चा कटवाने से लेकर जांच का नमूना देने में ही एक बज गए। अब कल जांच रिपोर्ट मिलेगी तो डॉक्टर को दिखाकर दवा लेंगे। इसी प्रकार दिग्विजयनाथ गोस्वामी, अर्चना तिवारी आदि को पर्चा कटवाने में कई घंटे लग गए।
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एक ही काउंटर पर 347 का पंजीकरण
वायरल के मरीजों का उपचार करने के पहले डॉक्टर खून की जांच का परामर्श देते हैं। क्षेत्रीय निदान केंद्र में जांच के लिए पहले पंजीकरण करवाकर वायल में बारकोड चस्पा करना पड़ता है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए केवल एक ही पंजीकरण काउंटर खोला गया है। मंगलवार को धक्कामुक्की होने के कारण मरीजों में आपसी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान 347 लोगों का पंजीकरण किया गया।
बढ़ाए जाएंगे काउंटर
उप प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डाॅ. एम. डब्ल्यू खान क अनुसार मौसम बदलने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। भीड़ बढ़ने से थोड़ी समस्या जरूर हो रही है। जांच के लिए पंजीकरण का काउंटर बढ़ाया जाएगा।
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पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी तक मारा मारी मची हुई है। पर्चा कटवाने के लिए मरीजों को दो घंटे तक लाइन में लगना पड़ रहा है। जांच के लिए खून का नमूना देने में एक घंटे से अधिक का समय लगता है। मंगलवार को 1458 मरीजों ने ओपीडी का पर्चा बनवाया। इसमें से 347 मरीजों को खून की जांच लिखी गई।
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रुपईडीह से आई सुनीता ने बताया कि उसके बच्चे को तेज बुखार था। सुबह नौ बजे अस्पताल आई थीं। पर्चा कटवाने से लेकर जांच का नमूना देने में ही एक बज गए। अब कल जांच रिपोर्ट मिलेगी तो डॉक्टर को दिखाकर दवा लेंगे। इसी प्रकार दिग्विजयनाथ गोस्वामी, अर्चना तिवारी आदि को पर्चा कटवाने में कई घंटे लग गए।
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एक ही काउंटर पर 347 का पंजीकरण
वायरल के मरीजों का उपचार करने के पहले डॉक्टर खून की जांच का परामर्श देते हैं। क्षेत्रीय निदान केंद्र में जांच के लिए पहले पंजीकरण करवाकर वायल में बारकोड चस्पा करना पड़ता है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए केवल एक ही पंजीकरण काउंटर खोला गया है। मंगलवार को धक्कामुक्की होने के कारण मरीजों में आपसी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान 347 लोगों का पंजीकरण किया गया।
बढ़ाए जाएंगे काउंटर
उप प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डाॅ. एम. डब्ल्यू खान क अनुसार मौसम बदलने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। भीड़ बढ़ने से थोड़ी समस्या जरूर हो रही है। जांच के लिए पंजीकरण का काउंटर बढ़ाया जाएगा।