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Gonda News: 47 मजरों में आई बाढ़, 10 हजार की आबादी प्रभावित
Mon, 28 Sep 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:31 PM IST
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गोंडा में बाढ़ के हालात व जायजा लेते अधिकारी। संवाद
करनैलगंज/उमरी बेगमगंज/विश्नोहरपुर। सरयू का जलस्तर सोमवार को भी बढ़ता रहा। शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी 106.650 मीटर पर पहुंच गई। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 58 सेंटीमीटर ऊपर है। लगातार बढ़ते पानी से बहुवन मदार माझा के पास बांध पर दबाव बढ़ गया है। माझा क्षेत्र के 47 मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इससे 10 हजार की आबादी प्रभावित है।
उमरी बेगमगंज के माझा क्षेत्र में पानी घरों तक पहुंच गया है। विश्नोहरपुर क्षेत्र के साकीपुर के चहलवा, टाड़ी, शुक्लपुरवा, अट्ठाईसा और गोकुला टेपरा समेत कई मजरे पानी से घिर गए हैं। दत्तनगर का बाड़ी माझा भी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। ब्योंदा माझा में 14 मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। ग्राम प्रशासक केशवराम यादव ने बताया कि चारों तरफ फिर पानी आ गया है। बाजार से गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी पानी चढ़ने लगा है।
आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव व तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने बताया कि ऐली परसौली, गढ़ी, जबरनगर, बहादुरपुर, कड़ौरा, परास पट्टी पुरवार और परास पट्टी मझवार समेत सात गांवों के 47 मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए 86 नाव और चार मोटरबोट लगाई गई हैं। ऐली परसौली से लंच पैकेट का वितरण भी शुरू कराया गया है।
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घर बचाएं या सामान, ग्रामीणों के सामने दोहरी चुनौती
-- माझा क्षेत्र के मोहनलाल ने बताया कि परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं या घर में रखा अनाज और जरूरी सामान बचाएं, यही समझ नहीं आ रहा। खेतों में पानी भरने से फसलें डूब गई हैं। पशुओं के लिए चारे और सुरक्षित जगह का इंतजाम भी मुश्किल हो गया है।
-- टाड़ी और बैसिया की ओर पानी बढ़ रहा है। फूलचंद, रामसजीवन, श्रीचंद और रामू समेत ग्रामीणों ने बताया कि पानी छप्पर के किनारे तक पहुंच गया है। रात जागकर गुजारनी पड़ रही है। महेश यादव ने बताया कि मवेशियों के लिए हरा चारा लाने के लिए नदी पार करनी पड़ रही है। ग्रामीण गंगाराम ने कहा कि पानी दोबारा बढ़ने से बची फसल भी अब बचने की उम्मीद नहीं है। दुल्लापुर, माझाराठ और दुर्गागंज के कई मजरे भी पानी से घिर गए हैं।
तालाब से निकला मगरमच्छ
ब्योंदा माझा में सोमवार दोपहर तालाब से निकलकर एक मगरमच्छ किनारे पर आ गया। राघवराम के घर के पास मगरमच्छ देखकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रशासक को सूचना दी। इसके बाद लोगों को वहां जाने से रोक दिया गया और वन विभाग को जानकारी दी गई। रेंजर अभिषेक सिंह ने बताया कि सूचना मिली है और टीम मौके पर भेजी गई है।
जलस्तर घटते ही कटानरोधी काम होंगे तेज
बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है लेकिन बढ़ने की गति धीमी हुई है। डिस्चार्ज में भी मामूली कमी आई है। जलस्तर घटने पर संवेदनशील स्थानों पर कटान रोकने के उपाय तेज किए जाएंगे।
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगी हैं। राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए नावें लगाई गई हैं। एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी मौके पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से जानकारी की जा रही है।
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उमरी बेगमगंज के माझा क्षेत्र में पानी घरों तक पहुंच गया है। विश्नोहरपुर क्षेत्र के साकीपुर के चहलवा, टाड़ी, शुक्लपुरवा, अट्ठाईसा और गोकुला टेपरा समेत कई मजरे पानी से घिर गए हैं। दत्तनगर का बाड़ी माझा भी पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। ब्योंदा माझा में 14 मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। ग्राम प्रशासक केशवराम यादव ने बताया कि चारों तरफ फिर पानी आ गया है। बाजार से गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी पानी चढ़ने लगा है।
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आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव व तहसीलदार आशुतोष पांडेय ने बताया कि ऐली परसौली, गढ़ी, जबरनगर, बहादुरपुर, कड़ौरा, परास पट्टी पुरवार और परास पट्टी मझवार समेत सात गांवों के 47 मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए 86 नाव और चार मोटरबोट लगाई गई हैं। ऐली परसौली से लंच पैकेट का वितरण भी शुरू कराया गया है।
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घर बचाएं या सामान, ग्रामीणों के सामने दोहरी चुनौती
तालाब से निकला मगरमच्छ
ब्योंदा माझा में सोमवार दोपहर तालाब से निकलकर एक मगरमच्छ किनारे पर आ गया। राघवराम के घर के पास मगरमच्छ देखकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रशासक को सूचना दी। इसके बाद लोगों को वहां जाने से रोक दिया गया और वन विभाग को जानकारी दी गई। रेंजर अभिषेक सिंह ने बताया कि सूचना मिली है और टीम मौके पर भेजी गई है।
जलस्तर घटते ही कटानरोधी काम होंगे तेज
बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है लेकिन बढ़ने की गति धीमी हुई है। डिस्चार्ज में भी मामूली कमी आई है। जलस्तर घटने पर संवेदनशील स्थानों पर कटान रोकने के उपाय तेज किए जाएंगे।
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगी हैं। राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए नावें लगाई गई हैं। एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी मौके पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से जानकारी की जा रही है।

गोंडा में बाढ़ के हालात व जायजा लेते अधिकारी। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात व जायजा लेते अधिकारी। संवाद

गोंडा में बाढ़ के हालात व जायजा लेते अधिकारी। संवाद