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Gonda News: जिले में बनेगा बाढ़ शरणालय, 36 गांव को मिलेगी सहूलियत
Wed, 10 Jan 2024 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 10 Jan 2024 11:53 PM IST
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गोंडा। जिले में बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए स्थायी बाढ़ शरणालय बनेगा। इसके लिए आपदा एवं राहत विभाग ने सभी उप जिलाधिकारियों से जमीन मांगी है। इससे खासकर 36 गांवों समेत जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों को विशेष राहत मिलेगी।
आपदा राहत विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि करनैलगंज, तरबगंज व नवाबगंज इलाकों में नदियों के उफान से बारिश के दिनों में गुजर-बसर मुश्किल हो जाता है। इसे देखते हुए स्थाई शरणालय के लिए जमीन मांगी गई है। इसके बाद महिला, पुरुषों के साथ मवेशियों के ठहरने के लिए सुविधाओं से लैस बाढ़ शरणालय बनाया जाएगा। एक ही इमारत में समुचित इंतजाम होंगे। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से इतर जमीन चिह्नित करने की मांग की गई है।
पंचायत स्तर पर होगा बाढ़ शरणालय का निर्माण
मौजूदा समय में करनैलगंज के गौरा सिन्नापुर में एकमात्र स्थाई बाढ़ शरणालय है। जिले में सरयू, घाघरा व टेढ़ी नदियों के जलस्तर बढ़ने से आसपास के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आते रहे हैं। आपदा राहत विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि लगभग 36 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित रहे हैं, लेकिन सभी पंचायतों में राहत देने के लिए शरणालय निर्माण की योजना है।
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भूमि चिह्नित करने के लिए तहसीलों को भेजा पत्र
एडीएम सुरेश कुमार सोनी के अनुसार बाढ़ शरणालय बनाने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को जमीन चिह्नित करने के लिए पत्र भेजा गया है। जमीन मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थाई बाढ़ शरणालय बनाया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
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आपदा राहत विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि करनैलगंज, तरबगंज व नवाबगंज इलाकों में नदियों के उफान से बारिश के दिनों में गुजर-बसर मुश्किल हो जाता है। इसे देखते हुए स्थाई शरणालय के लिए जमीन मांगी गई है। इसके बाद महिला, पुरुषों के साथ मवेशियों के ठहरने के लिए सुविधाओं से लैस बाढ़ शरणालय बनाया जाएगा। एक ही इमारत में समुचित इंतजाम होंगे। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से इतर जमीन चिह्नित करने की मांग की गई है।
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पंचायत स्तर पर होगा बाढ़ शरणालय का निर्माण
मौजूदा समय में करनैलगंज के गौरा सिन्नापुर में एकमात्र स्थाई बाढ़ शरणालय है। जिले में सरयू, घाघरा व टेढ़ी नदियों के जलस्तर बढ़ने से आसपास के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आते रहे हैं। आपदा राहत विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि लगभग 36 से अधिक गांव बाढ़ प्रभावित रहे हैं, लेकिन सभी पंचायतों में राहत देने के लिए शरणालय निर्माण की योजना है।
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भूमि चिह्नित करने के लिए तहसीलों को भेजा पत्र
एडीएम सुरेश कुमार सोनी के अनुसार बाढ़ शरणालय बनाने के लिए सभी उपजिलाधिकारियों को जमीन चिह्नित करने के लिए पत्र भेजा गया है। जमीन मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थाई बाढ़ शरणालय बनाया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।