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Gonda News: अगस्त में आ जाएगा एमबीबीएस का पहला बैच
Sun, 25 Feb 2024 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 25 Feb 2024 11:53 PM IST
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गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
कॉलेज में संसाधन, फैकल्टी व स्टाफ के मानकों की जांच के लिए मार्च के पहले सप्ताह में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की टीम निरीक्षण करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त माह से एमबीबीएस की सौ सीटों पर प्रवेश शुरू हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के 15 आचार्यों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सत्र 2024-25 की कक्षाएं शुरू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
आगामी पांच मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट की परीक्षा होगी। 14 जून को परिणाम आएगा तथा इसी माह काउंसिलिंग शुरू होने की संभावना है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने बताया कि लेटर ऑफ परमीशन (एलओपी) मिलने की सभी शर्तें पूरी कर ली गई हैं।
मार्च महीने के पहले सप्ताह में एनएमसी की टीम निरीक्षण करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो लेटर ऑफ परमीशन के साथ प्रवेश की हरी झंडी मिल जाएगी।
2.5 लाख में पूरा हो सकेगा एमबीबीएस बनने का सपना
सर्किट हाउस के सामने बने राजकीय मेडिकल कॉलेज के संचालन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों का भी एमबीबीएस बनने का सपना पूरा हो सकेगा। प्राचार्य ने बताया कि करीब 50,000 रुपये वार्षिक फीस की दर से महज 2.50 लाख रुपये में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की जा सकेगी। प्रतिभाशाली छात्रों को एमबीबीएस करने के लिए हर साल लाखों रुपये नहीं खर्च करने पड़ेंगे।
दूर होगी डॉक्टरों की कमी
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एचडी अग्रवाल के अनुसार, जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है। बाबू ईश्वर शरण अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों में करीब 40 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली हैं। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होते ही डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी। प्रशिक्षु छात्र मरीजों के बेहतर इलाज में सहयोग करेंगे। जिससे जिला स्तरीय अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों को लंबी लाइनें नहीं लगानी पड़ेंगी।
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कॉलेज में संसाधन, फैकल्टी व स्टाफ के मानकों की जांच के लिए मार्च के पहले सप्ताह में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) की टीम निरीक्षण करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त माह से एमबीबीएस की सौ सीटों पर प्रवेश शुरू हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के 15 आचार्यों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सत्र 2024-25 की कक्षाएं शुरू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
आगामी पांच मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट की परीक्षा होगी। 14 जून को परिणाम आएगा तथा इसी माह काउंसिलिंग शुरू होने की संभावना है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने बताया कि लेटर ऑफ परमीशन (एलओपी) मिलने की सभी शर्तें पूरी कर ली गई हैं।
मार्च महीने के पहले सप्ताह में एनएमसी की टीम निरीक्षण करेगी। सब कुछ ठीक रहा तो लेटर ऑफ परमीशन के साथ प्रवेश की हरी झंडी मिल जाएगी।
2.5 लाख में पूरा हो सकेगा एमबीबीएस बनने का सपना
सर्किट हाउस के सामने बने राजकीय मेडिकल कॉलेज के संचालन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों का भी एमबीबीएस बनने का सपना पूरा हो सकेगा। प्राचार्य ने बताया कि करीब 50,000 रुपये वार्षिक फीस की दर से महज 2.50 लाख रुपये में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की जा सकेगी। प्रतिभाशाली छात्रों को एमबीबीएस करने के लिए हर साल लाखों रुपये नहीं खर्च करने पड़ेंगे।
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दूर होगी डॉक्टरों की कमी
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एचडी अग्रवाल के अनुसार, जिले में डॉक्टरों की भारी कमी है। बाबू ईश्वर शरण अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों में करीब 40 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली हैं। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होते ही डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी। प्रशिक्षु छात्र मरीजों के बेहतर इलाज में सहयोग करेंगे। जिससे जिला स्तरीय अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों को लंबी लाइनें नहीं लगानी पड़ेंगी।
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