फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   fire,awarness

जागरूकता से कम होंगी आग लगने की घटनाएं, जान-माल की नहीं होगी क्षति

Tue, 29 Mar 2022 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
fire,awarness
गोंडा। तेजी से बढ़ रही गर्मी के मद्देनजर संभावित अग्निकांडों से बचाव को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने जनसामान्य को बचाव के टिप्स देते हुए सचेत किया। कहा कि गर्मी के दिनों में तेज पछुआ हवा चलती है तो गांवों में अग्निकांड बड़े पैमाने पर होते हैं। घर, खेत, खलिहान एवं जानमाल को भारी क्षति पहुंचती है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इन घटनाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।
विज्ञापन

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि बहुत छोटी-छोटी सावधानियां बरत कर हम अग्निकांड की घटनाओं को रोक सकते हैं। कहा कि गर्मी में लगने वाली आग से गांव अत्यधिक प्रभावित होते हैं। रसोई घर यदि फूस का हो तो उसकी दीवार पर मिट्टी का लेप अवश्य लगा दें। रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए। आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू अथवा मिट्टी तथा दो बाल्टी पानी अवश्य रखें। हवन आदि का काम सुबह नौ बजे से पहले संपन्न कर लें। शार्ट सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायरिंग की समय पर मरम्मत करा लें।
विज्ञापन

बताया कि मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखें एवं उनकी निगरानी अवश्य करते रहें। गर्मी के दिनों में दिन में तेज व गर्म हवाएं चलती हैं इसलिए जहां तक संभव हो गर्मियों में दिन का खाना नौ बजे सुबह से पूर्व बना लें तथा रात का खाना शाम छह बजे के बाद बनाएं। डीएम ने बताया कि बिजली के ढीले तारों से निकली चिंगारी भी आग लगने का कारण बन जाती है। जहां ढीले तार दिखें उसकी सूचना बिना देर किए बिजली विभाग को दें। यदि कहीं आग की घटना होती है तो सभी लोग जुटकर आग बुझाने का प्रयास करें और अग्निशमन विभाग को सूचना दें। अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेटकर या लुढ़क कर उसे बुझाने का प्रयास करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दीपक, लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें जहां से गिरकर आग लगने की संभावना हो। फसल काटने के बाद खेत में छोड़े डंठलों में आग न लगाएं। भोजन बनाने का कार्य तेज हवा के समय न करें। जलती हुई माचिस की तीली व अधजली बीड़ी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर न फेंकें। खाना बनाते समय ढीले-ढाले और पॉलिस्टर के कपड़े न पहनें। हमेशा सूती कपड़े पहनकर ही खाना बनाएं। सार्वजनिक स्थानों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि गांवों में प्रचार-प्रसार के लिए क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed