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धान खरीद में गड़बड़ी पड़ेगी भारी, क्रय केन्द्र प्रभारियों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
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गोंडा। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने धान खरीद में जनपद के सभी क्रय प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर किसानों से धान खरीद में शिथिलता बरतने या बिचौलियों का धान खरीदने की शिकायत मिली तो केंद्र प्रभारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी क्रय एजेंसियों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के धान क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा अक्सर यह शिकायत की जाती है कि उन्हें क्रय केंद्रों पर काफी समय तक इंतजार कराया जाता है अथवा कोई न कोई कमी बताकर धान खरीद करने से मना किया जाता है।
साथ ही केंद्र प्रभारियों द्वारा किसानों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी मिलीं हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में कुल 98 धान क्रय केंद्र संचालित हैं, इनमें खाद्य विपणन विभाग के 13, पीसीएफ के 24 यूपीएसएस के 22, यूपीपीसीयू के 35 तथा भारतीय खाद्य निगम व मंडी समिति के 2-2 केंद्र हैं।
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उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर किसानों को सहयोग प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान को परेशान न होना पड़े। इसके बावजूद किसानों की ओर से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई हैं।
लापरवाह व किसानों का धान खरीदने में आनाकानी करने वाली क्रय एजेंसी के जिला प्रभारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि धान क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों की सहायता के लिए यह आवश्यक है कि क्रय एजेंसी के जिला प्रभारी प्रतिदिन अधिक से अधिक क्रय केंद्रों का निरीक्षण करें और वहां पर व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करते हुए किसानों से फीड बैक भी प्राप्त करें और यदि किसी क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की जा रही है अथवा किसानों का शोषण करने की पुष्टि होती है तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के साथ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए।
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जिलाधिकारी ने सभी क्रय एजेंसियों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के धान क्रय केंद्रों पर किसानों द्वारा अक्सर यह शिकायत की जाती है कि उन्हें क्रय केंद्रों पर काफी समय तक इंतजार कराया जाता है अथवा कोई न कोई कमी बताकर धान खरीद करने से मना किया जाता है।
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साथ ही केंद्र प्रभारियों द्वारा किसानों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी मिलीं हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में कुल 98 धान क्रय केंद्र संचालित हैं, इनमें खाद्य विपणन विभाग के 13, पीसीएफ के 24 यूपीएसएस के 22, यूपीपीसीयू के 35 तथा भारतीय खाद्य निगम व मंडी समिति के 2-2 केंद्र हैं।
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उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर किसानों को सहयोग प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान को परेशान न होना पड़े। इसके बावजूद किसानों की ओर से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई हैं।
लापरवाह व किसानों का धान खरीदने में आनाकानी करने वाली क्रय एजेंसी के जिला प्रभारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाय। उन्होंने कहा कि धान क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों की सहायता के लिए यह आवश्यक है कि क्रय एजेंसी के जिला प्रभारी प्रतिदिन अधिक से अधिक क्रय केंद्रों का निरीक्षण करें और वहां पर व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करते हुए किसानों से फीड बैक भी प्राप्त करें और यदि किसी क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की जा रही है अथवा किसानों का शोषण करने की पुष्टि होती है तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के साथ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए।