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परिवहन विभाग के दफ्तर से गायब हो रहीं फाइलें
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गोंडा। परिवहन विभाग में आए दिन नये मामले सामने आते रहते हैं। कभी कर्मचारी के साथ दलालों की भिड़ंत तो कभी बिचौलिये दफ्तर में बैठकर रैकेट चलाते पकड़े जाते हैं। हालांकि सरकार की ओर से बरती गई सख्ती और पिछले दिनों हुए कुछ विवादों के बाद से विभाग में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप काफी हद तक कम हुआ है। लेकिन अभी भी लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां तक लाइसेंस, पंजीकरण और वाहन ट्रांसफर की फाइलें भी कार्यालय से लापता हो रही हैं।
लगभग साल भर पूर्व एक ट्रक को कुछ बिचौलियों ने फर्जी ढंग ट्रांसफर करा दिया। इससे पूरे कार्यालय की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई थी। इसके बाद एआरटीओ की ओर से कार्यालय में फाइनेंस की एनओसी बिना कन्फर्मेशन के न जारी करने के लिए आदेश दिये गये थे। सबसे बड़ी बात ये रही कि इस पूरे मामले के बाद कार्यालय से वाहन से जुड़े मूल दस्तावेज गायब हो गये थे जो कि आज तक नहीं मिले। ऐसे में कार्यालय के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। अब लॉकडाउन के दौरान लाइसेंस के लिए जमा आवेदकों की फाइलें भी कार्यालय से गायब हो गई हैं।
कर्मचारियों को दिये कड़े निर्देश
संभागीय निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के पहले जो भी लोग लाइसेंस के आवेदन के लिए आये थे, उनमें से सभी डिटेल खंगाली जा रही है। कुछ एक को छोड़कर सभी की फाइलें अभिलेखों में हैं। जिनकी नहीं हैं उनकी भी खोज की जा रही हैं।
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अगर किसी प्रकार की लापरवाही हुई तो जिम्मदारों पर कार्रवाई की जायेगी। इस बारे में आरटीओ प्रशासन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कौन लापरवाही कर रहा है इसकी पड़ताल कराई जायेगी और उसकी जिम्मेदारी का निर्धारण भी होगा।
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लगभग साल भर पूर्व एक ट्रक को कुछ बिचौलियों ने फर्जी ढंग ट्रांसफर करा दिया। इससे पूरे कार्यालय की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई थी। इसके बाद एआरटीओ की ओर से कार्यालय में फाइनेंस की एनओसी बिना कन्फर्मेशन के न जारी करने के लिए आदेश दिये गये थे। सबसे बड़ी बात ये रही कि इस पूरे मामले के बाद कार्यालय से वाहन से जुड़े मूल दस्तावेज गायब हो गये थे जो कि आज तक नहीं मिले। ऐसे में कार्यालय के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। अब लॉकडाउन के दौरान लाइसेंस के लिए जमा आवेदकों की फाइलें भी कार्यालय से गायब हो गई हैं।
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कर्मचारियों को दिये कड़े निर्देश
संभागीय निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के पहले जो भी लोग लाइसेंस के आवेदन के लिए आये थे, उनमें से सभी डिटेल खंगाली जा रही है। कुछ एक को छोड़कर सभी की फाइलें अभिलेखों में हैं। जिनकी नहीं हैं उनकी भी खोज की जा रही हैं।
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अगर किसी प्रकार की लापरवाही हुई तो जिम्मदारों पर कार्रवाई की जायेगी। इस बारे में आरटीओ प्रशासन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कौन लापरवाही कर रहा है इसकी पड़ताल कराई जायेगी और उसकी जिम्मेदारी का निर्धारण भी होगा।