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Gonda News: लेखपालों के कार्य बहिष्कार से भटके किसान
Sat, 03 Oct 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:33 PM IST
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सदर व करनैलगंज तहसील में धरना देते लेखपाल। संवाद
रुपईडीह/करनैलगंज। लंबित मांगों से नाराज लेखपालों ने शनिवार को सदर और करनैलगंज तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों के काम से विरत रहने के कारण लोगों को निराश लौटना पड़ा।
सदर तहसील परिसर में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक लेखपालों ने धरना दिया। तहसील मंत्री आत्माराम वर्मा ने बताया कि प्रदेशस्तर पर आंदोलन शुरू हो गया है। 10 अक्तूबर को आंदोलन के अगले चरण में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। धरने के बाद एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम को ज्ञापन सौंपा गया। धरने में सदर तहसील के अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरपाल, ओमप्रकाश वर्मा, प्रशांत विक्रम सिंह, जितेंद्र कुमार पाल और विकास सिंह समेत अन्य लेखपाल शामिल रहे।
करनैलगंज तहसील में भी लेखपालों ने सभागार में धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। तहसील अध्यक्ष मनीष शुक्ल ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर फैय्याज अहमद खान, धर्मेंद्र तिवारी, आदित्य पांडेय, विष्णु प्रकाश शुक्ल, प्रभात कुमार, शांति देवी, शालिनी शुक्ला, बृजेश कुमार आदि मौजूद रहे। मनकापुर व तरबगंज में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया।
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निगवा बोध से खसरा लेने पहुंचे किसान जियालाल ने बताया कि लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें खसरा नहीं मिल सका। रुपईडीह के किसान राजेश कुमार ने बताया कि करीब दो वर्ष से वरासत का काम लंबित है। शनिवार को लेखपाल से मिलने पहुंचे थे लेकिन काम नहीं हुआ। खरहटिया निवासी राम सहज ने बताया कि बाढ़ में धान की फसल बर्बाद हो गई है। राहत और मुआवजे के लिए लेखपाल से मिलने आए थे लेकिन कामकाज ठप होने से लौटना पड़ा।
ये हैं मांगें
लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, लंबित अंतर मंडलीय स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। इसके अलावा 16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि न होने, पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से अवमुक्त करने तथा लेखपाल पद को तकनीकी घोषित करने की मांग उठाई गई।
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सदर तहसील परिसर में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक लेखपालों ने धरना दिया। तहसील मंत्री आत्माराम वर्मा ने बताया कि प्रदेशस्तर पर आंदोलन शुरू हो गया है। 10 अक्तूबर को आंदोलन के अगले चरण में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। धरने के बाद एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम को ज्ञापन सौंपा गया। धरने में सदर तहसील के अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरपाल, ओमप्रकाश वर्मा, प्रशांत विक्रम सिंह, जितेंद्र कुमार पाल और विकास सिंह समेत अन्य लेखपाल शामिल रहे।
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करनैलगंज तहसील में भी लेखपालों ने सभागार में धरना देकर मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। तहसील अध्यक्ष मनीष शुक्ल ने कहा कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर फैय्याज अहमद खान, धर्मेंद्र तिवारी, आदित्य पांडेय, विष्णु प्रकाश शुक्ल, प्रभात कुमार, शांति देवी, शालिनी शुक्ला, बृजेश कुमार आदि मौजूद रहे। मनकापुर व तरबगंज में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया।
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निगवा बोध से खसरा लेने पहुंचे किसान जियालाल ने बताया कि लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण उन्हें खसरा नहीं मिल सका। रुपईडीह के किसान राजेश कुमार ने बताया कि करीब दो वर्ष से वरासत का काम लंबित है। शनिवार को लेखपाल से मिलने पहुंचे थे लेकिन काम नहीं हुआ। खरहटिया निवासी राम सहज ने बताया कि बाढ़ में धान की फसल बर्बाद हो गई है। राहत और मुआवजे के लिए लेखपाल से मिलने आए थे लेकिन कामकाज ठप होने से लौटना पड़ा।
ये हैं मांगें
लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, लंबित अंतर मंडलीय स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की। इसके अलावा 16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि न होने, पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से अवमुक्त करने तथा लेखपाल पद को तकनीकी घोषित करने की मांग उठाई गई।

सदर व करनैलगंज तहसील में धरना देते लेखपाल। संवाद