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Gonda News: मुआवजा देने पर माने किसान, कंपनी ने किया सर्वे
Mon, 17 Feb 2025 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 17 Feb 2025 11:01 PM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। पेट्रोलियम पदार्थों की तलाश करने के लिए ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने करनैलगंज क्षेत्र के दो गांवों में डेरा डाल दिया है। सोमवार को ऑयल इंडिया लिमिटेड व अल्फा जियो इंडिया लिमिटेड की टीम ने करनैलगंज क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थों की खोज के लिए सेस्मिक सर्वे शुरू किया। खोदाई का विरोध करने पर ग्राम प्रधान ने किसानों को मुआवजा दिलवाया।
ग्राम पंचायत पैरोरी में जांच टीम ने प्रयोगशाला वैन को स्थापित कर दिनारी, कुम्हरौरा में तार बिछाकर जांच शुरू की। प्रोजेक्ट मैनेजर मृत्युंजय सिंह ने बताया कि जहां-जहां टीम को सैटेलाइट से सिग्नल मिल रहे हैं, वहां खोदाई की जा रही है। जांच टीम के सदस्य ने बताया कि 100 फीट नीचे गहराई तक सीधी रेखा में खोदाई की जाएगी। इसके बाद नियंत्रित विस्फोट कराया जाएगा। विस्फोट से पांच किलोमीटर तक गहराई बढ़ जाएगी। फिर डाले गए केबल व स्कैनर से स्कैन कर डाटा को लैब में संग्रहीत किया जाएगा। इस डाटा की जांच देहरादून लैब में कराई जाएगी। तब जाकर पता चलेगा कि पेट्रोलियम है या ठोस धातु है। इस काम में 200 कर्मचारी लगाए गए हैं।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुफीस खान ने बताया कि जहीर खां, आजम खां, सईद खां, इम्तियाज खां, अमजद खां, सूफियान खां, जमाल, सऊद, ताज मोहम्मद, शमशाद खां, बृजमोहन आदि के खेत को दिनारी में चिह्नित किया गया है। मगर किसानों ने खड़ी फसल में खोदाई कराने से इन्कार कर दिया। किसानों व जांच टीम में नोकझोंक भी हुई। बाद में ग्राम प्रधान के कहने पर टीम ने फसल की क्षतिपूर्ति के तौर पर किसानों को डेढ़ हजार रुपये प्रति प्वाइंट के हिसाब से धनराशि उपलब्ध कराने पर मामला शांत हुआ।
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ग्राम पंचायत पैरोरी में जांच टीम ने प्रयोगशाला वैन को स्थापित कर दिनारी, कुम्हरौरा में तार बिछाकर जांच शुरू की। प्रोजेक्ट मैनेजर मृत्युंजय सिंह ने बताया कि जहां-जहां टीम को सैटेलाइट से सिग्नल मिल रहे हैं, वहां खोदाई की जा रही है। जांच टीम के सदस्य ने बताया कि 100 फीट नीचे गहराई तक सीधी रेखा में खोदाई की जाएगी। इसके बाद नियंत्रित विस्फोट कराया जाएगा। विस्फोट से पांच किलोमीटर तक गहराई बढ़ जाएगी। फिर डाले गए केबल व स्कैनर से स्कैन कर डाटा को लैब में संग्रहीत किया जाएगा। इस डाटा की जांच देहरादून लैब में कराई जाएगी। तब जाकर पता चलेगा कि पेट्रोलियम है या ठोस धातु है। इस काम में 200 कर्मचारी लगाए गए हैं।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुफीस खान ने बताया कि जहीर खां, आजम खां, सईद खां, इम्तियाज खां, अमजद खां, सूफियान खां, जमाल, सऊद, ताज मोहम्मद, शमशाद खां, बृजमोहन आदि के खेत को दिनारी में चिह्नित किया गया है। मगर किसानों ने खड़ी फसल में खोदाई कराने से इन्कार कर दिया। किसानों व जांच टीम में नोकझोंक भी हुई। बाद में ग्राम प्रधान के कहने पर टीम ने फसल की क्षतिपूर्ति के तौर पर किसानों को डेढ़ हजार रुपये प्रति प्वाइंट के हिसाब से धनराशि उपलब्ध कराने पर मामला शांत हुआ।
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