{"_id":"611e90278ebc3e7a21130598","slug":"farmer-who-got-cheated-got-justice-gonda-news-lko591982137","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसपी के दरबार में ठगी के शिकार किसान को मिला न्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसपी के दरबार में ठगी के शिकार किसान को मिला न्याय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। एसबीआई की शाखा के एक खाता धारक ने किसान क्रेडिट कार्ड पर डेढ़ लाख का लोन लिया था। उसने लोन बकाया कि किस्त जमा करने के लिए केसीसी एजेंट को 96 हजार दे दिए। मगर एजेंट ने रुपये बैंक खाते में जमा करने के बजाय हड़प लिए। किसान को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने एसपी से शिकायत दर्ज कराई। एसपी ने किसान के 96 हजार वापस करा दिए।
एसपी संतोष कुुमार मिश्रा ने बताया कि थाना इटियाथोक क्षेत्र के रहने वाले देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी पुत्र सूर्य प्रसाद त्रिपाठी ने जनपद बलरामपुर की स्टेट बैंक शाखा में अपना खाता खुलवाया था। जहां से उन्होंने केसीसी पर डेढ़ लाख लोन लिया था।
माह जुलाई 2020 में बैंक द्वारा किसान देवेंद्र प्रसाद को 96 हजार लोन बकाया बताया गया था। जिस पर देवेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने उस बैंक से जुड़े एजेंट नीरज मिश्रा को केसीसी का बकाया 96 हजार बैंक में जमा करने के लिए दिया था।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि एजेंट नीरज मिश्रा ने उक्त रुपयों की फर्जी रसीद किसान देवेंद्र को दे दी थी। मगर बैंक में रूपए नहीं जमा किए। कुछ दिन बाद देवेंद्र बैंक गए और जब अपने लोन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि उसका बकाया पैसा बैंक में जमा ही नहीं हुआ है।
इसपर देवेंद्र ने बैंक में जाकर अपनी समस्या के समाधान के लिए कई बार बैंक मैनेजर व अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। एसपी ने बताया कि देवेन्द्र ने एजेंट नीरज मिश्रा से अपना पैसा वापस मांगा। मगर नीरज ने रूपए वापस नहीं किए।
देवेंद्र प्रसाद ने 10 अगस्त 2021 को जनसुनवाई में एसपी गोंडा से अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताकर अपना पैसा वापस दिलाने की फरियाद की थी। जिसपर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक इटियाथोक संजय दूबे को तत्काल अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही करने एवं पीड़ित को उसका पैसा वापस दिलाने के लिए निर्देश दिये थे। एसपी ने बताया कि इटियाथोक पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते पीड़ित देवेन्द्र को उसका पैसा वापस दिलवा दिया।
विज्ञापन
एसपी संतोष कुुमार मिश्रा ने बताया कि थाना इटियाथोक क्षेत्र के रहने वाले देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी पुत्र सूर्य प्रसाद त्रिपाठी ने जनपद बलरामपुर की स्टेट बैंक शाखा में अपना खाता खुलवाया था। जहां से उन्होंने केसीसी पर डेढ़ लाख लोन लिया था।
विज्ञापन
माह जुलाई 2020 में बैंक द्वारा किसान देवेंद्र प्रसाद को 96 हजार लोन बकाया बताया गया था। जिस पर देवेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने उस बैंक से जुड़े एजेंट नीरज मिश्रा को केसीसी का बकाया 96 हजार बैंक में जमा करने के लिए दिया था।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि एजेंट नीरज मिश्रा ने उक्त रुपयों की फर्जी रसीद किसान देवेंद्र को दे दी थी। मगर बैंक में रूपए नहीं जमा किए। कुछ दिन बाद देवेंद्र बैंक गए और जब अपने लोन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि उसका बकाया पैसा बैंक में जमा ही नहीं हुआ है।
इसपर देवेंद्र ने बैंक में जाकर अपनी समस्या के समाधान के लिए कई बार बैंक मैनेजर व अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। एसपी ने बताया कि देवेन्द्र ने एजेंट नीरज मिश्रा से अपना पैसा वापस मांगा। मगर नीरज ने रूपए वापस नहीं किए।
देवेंद्र प्रसाद ने 10 अगस्त 2021 को जनसुनवाई में एसपी गोंडा से अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताकर अपना पैसा वापस दिलाने की फरियाद की थी। जिसपर एसपी ने प्रभारी निरीक्षक इटियाथोक संजय दूबे को तत्काल अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही करने एवं पीड़ित को उसका पैसा वापस दिलाने के लिए निर्देश दिये थे। एसपी ने बताया कि इटियाथोक पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते पीड़ित देवेन्द्र को उसका पैसा वापस दिलवा दिया।