{"_id":"676e746f89ba2e86e103c47e","slug":"family-became-homeless-due-to-wrong-inheritance-in-shravasti-and-migrated-to-gonda-2024-12-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP News: गलत वरासत से बेघर हुआ परिवार, जिले से पलायन करने पर हुआ मजबूर; श्रावस्ती से गोंडा पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: गलत वरासत से बेघर हुआ परिवार, जिले से पलायन करने पर हुआ मजबूर; श्रावस्ती से गोंडा पहुंचा
Fri, 27 Dec 2024 03:03 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Fri, 27 Dec 2024 03:03 PM IST
सार
राजस्व कर्मियों की लापरवाही से गलत वरासत होने से परिवार बेघर हो गया। परिवार के लोग जिले से पलायन करने पर मजबूर हो गए। वह श्रावस्ती से गोंडा पहुंचे हैं। यहां रिश्तेदार के घर रुक रहे हैं।
विज्ञापन
परिवार (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : freepik
विस्तार
यूपी के श्रावस्ती में भिनगा तहसील में राजस्व कर्मियों ने ऐसा कारनामा किया, जिससे एक परिवार भटक रहा है। गलत वरासत से उसकी जमीन दूसरे के नाम चली गई, जिसके बाद पूरा परिवार श्रावस्ती से पलायन कर गोंडा के चरसड़ी गांव में अपने रिश्तेदार के यहां रह रहा है।
विज्ञापन
पूरे मामले की शिकायत पर आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने गलत वरासत में कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है। आयुक्त ने एसडीएम भिनगा को खतौनी में अनियमितताओं की जांच कर सुधार करने के निर्देश दिए हैं। मामला ग्रामसभा मसहा कला परगना तुलसीपुर तहसील भिनगा की खतौनी में कथित कूटरचना और अवैध वरासत से जुड़ा है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता राम प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा मसहा कला के भूमि खाता जो मूल रूप से श्यामलाल श्रीवास्तव के नाम दर्ज थी, उनकी मृत्यु के बाद उनके जायज वारिस पुत्र रमेश कुमार श्रीवास्तव, राहुल कुमार श्रीवास्तव, और पत्नी राजकुमारी श्रीवास्तव के नाम पर वरासत दर्ज नहीं की गई।
इसके विपरीत तत्कालीन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने श्यामलाल की संपत्ति को अनुसूचित जाति की महिला चंद्रकला पत्नी मनीराम के नाम पर स्थानांतरित कर दिया, जो मृतक की पुत्री बताई गई। इसके बाद चंद्रकला ने बिना किसी अनुमति के उक्त भूमि को वर्ष 2001 में मंजी देवी उर्फ अनारकली के नाम विक्रय कर दिया।
आयुक्त ने बताया कि शिकायत में आरोप है कि भू-माफियाओं के इस षड्यंत्र के कारण मृतक श्यामलाल के परिजनों को गंभीर प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उनका परिवार श्रावस्ती से पलायन कर गोंडा के चरसड़ी में अपने रिश्तेदारों के पास असहाय जीवन जीने को मजबूर है।
उन्होंने उपजिलाधिकारी भिनगा को आदेशित किया है कि शिकायत में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर अभिलेखीय एवं स्थलीय जांच कराई जाए और नियमानुसार खतौनी को दुरुस्त किया जाए। मामले की जांच रिपोर्ट 10 दिन के भीतर मांगी गई है।
दूसरे की जमीन दिखाकर ठगे 03.50 लाख, जांच के आदेश
दूसरे की 10 बीघे जमीन दिखाकर 03.50 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। नगर कोतवाली के गिर्द गोंडा के कलीम खां ने आयुक्त से शिकायत किया कि दूसरी जमीन दिखाकर इकरारनामा लिखाने के लिए 03.50 लाख रुपये ले लिया। पीड़ित ने साक्ष्य भी दिए हैं।
आरोप लगाया कि जालसाजी में इटियाथोक थाना के हरैया गांव निवासी सुनील मिश्र, गोकरन शिवाला गांव निवासी सूरज, श्रावस्ती जिले के इकौना निवासी प्रमाेद मिश्र, खरगूपुर थाना क्षेत्र के विशुनापुर के रुस्तम मिश्र, मालती देवी व माया देवी पर आरोप लगाया है। आयुक्त ने डीआईजी को पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।