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Gonda News: लेंस खत्म होने से आंखों की सर्जरी बंद
Thu, 02 Jul 2026 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 02 Jul 2026 10:57 PM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में आवश्यक सामग्री का संकट गहरा गया है। आंखों के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले इंट्राऑक्यूलर लेंस (आईओएल) और सर्जरी के दौरान प्रयोग की जाने वाली जरूरी दवाएं खत्म होने से अप्रैल से आंख का एक भी ऑपरेशन नहीं हो सका। इससे मरीजों को इलाज के बजाय केवल सलाह देकर लौटाया जा रहा है।
नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। जांच के दौरान जिन मरीजों को ऑपरेशन की आवश्यकता बताई जाती है, उन्हें सर्जरी की तारीख देने के बजाय इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, विभाग की ओर से लेंस और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला अंधता निवारण समिति और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बजट जारी न होने के कारण नई खरीद नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष खरीदे गए लेंस का भुगतान भी अभी तक लंबित है।
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मरीजों का कहना है कि ऑपरेशन की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने पर उन्हें लौटा दिया जाता है। निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराना हर किसी के लिए संभव नहीं है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि लेंस व अन्य सामग्री की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। बजट उपलब्ध होते ही खरीद प्रक्रिया पूरी करा समस्या का समाधान किया जाएगा।
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नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। जांच के दौरान जिन मरीजों को ऑपरेशन की आवश्यकता बताई जाती है, उन्हें सर्जरी की तारीख देने के बजाय इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
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सूत्रों के अनुसार, विभाग की ओर से लेंस और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला अंधता निवारण समिति और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बजट जारी न होने के कारण नई खरीद नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष खरीदे गए लेंस का भुगतान भी अभी तक लंबित है।
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मरीजों का कहना है कि ऑपरेशन की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने पर उन्हें लौटा दिया जाता है। निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराना हर किसी के लिए संभव नहीं है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि लेंस व अन्य सामग्री की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। बजट उपलब्ध होते ही खरीद प्रक्रिया पूरी करा समस्या का समाधान किया जाएगा।