फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Exam,board,center,gonda

केंद्र तय करने से पहले 485 कॉलेजों की होगी पड़ताल

Thu, 27 Oct 2022 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Exam,board,center,gonda
गोंडा। यूपी बोर्ड 2023 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए स्कूलों को केंद्र बनाने से पहले पड़ताल होगी। जिले के 485 इंटर कॉलेजों का सर्वे होगा। इसके बाद जिलास्तरीय टीम केंद्रों को प्रस्तावित करेगी। इस बार तकनीकी रूप से समृद्ध कॉलेजों को केंद्र बनाया जाएगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनी है। जिसमें पहली बार पुलिस अधीक्षक भी शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन

समिति के जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य सचिव होंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी और तहसीलों में तैनात एसडीएम के साथ जिले के दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य समिति के सदस्य होंगे। इस बार वित्तविहीन स्कूलों के कमरों की खिड़की सार्वजनिक सड़क या संकरी गली में खुलेगी तो उसे परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रति छात्र 20 वर्गफुट का स्थान आवंटित किया जाएगा। एक स्कूल में एक से अधिक स्कूलों के छात्रों का परीक्षा केंद्र बनाया जा सकेगा।
विज्ञापन

स्कूलों की संदिग्ध छवि या प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आने पर एलआईयू से रिपोर्ट ली जाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से स्कूलों की भौगोलिक स्थिति और मूलभूत संसाधनों की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक और फिर जिलाधिकारी की टीम करेगी। इस बार भी बोर्ड परीक्षा वायस रिकार्डर व सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी। परीक्षा केंद्रों की सूची सर्वे करके तैयार की जाएगी। इसमें नीचे रहने वाले स्कूलों के बच्चों के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। 24 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन स्थितियों के कॉलेजों को नहीं बनाएंगे केंद्र
विवाद वाले वित्तविहीन विद्यालयों के साथ अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों में प्रबंधकीय विवाद वालों को इस बार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिन विद्यालयों के प्रधानाचार्य केंद्र निर्धारण के लिए जरूरी सूचनाएं समय से अपलोड नहीं करेंगे और गलत सूचनाएं देंगे, उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिन वित्तविहीन विद्यालयों के परिसर में प्रबंधक, प्रधानाचार्य आवास या छात्रावास हैं, उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा। किसी विद्यालय के प्रवेश द्वार, शिक्षण कक्ष आदि के ऊपर से कोई हाईटेंशन बिजली लाइन गई है तो उन्हें भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा। एक पाली में 125 से कम धारण क्षमता वाले निजी विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे। वर्ष 2022 की परीक्षा में जिन वित्तविहीन कॉलेजों के 30 फीसदी या उससे अधिक छात्र गैर हाजिर रहे हैं, उन्हें भी केंद्र नहीं बनाना है।
सर्वे से तय होगी स्कूलों की मेरिट
स्कूलों की मेरिट बनाने के लिए आठ मानक जारी किए गए हैं। जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होते हैं। उन्हें पांच नंबर मिलेंगे, साथ ही जिला स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाने वाले स्कूलों को पांच और राज्य स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाने वाले स्कूलों को 10 अंक मिलेंगे। ये मानक इस बार नए शामिल किए गए हैं। इस बार कक्षा कक्ष के लिए एक की बजाय 5 अंक दिए जाएंगे। वहीं पिछली बार का परिणाम 90 फीसदी से ज्यादा पर 10 अंक, राजकीय स्कूलों को 50, अशासकीय सहायताप्राप्त को 30 और वित्तविहीन स्कूलों को 10 अंक दिए जाएंगे।

परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 24 अक्तूबर तक प्रधानाचार्यों को पूरी रिपोर्ट भरकर देनी है। इसमें देरी पर कार्रवाई होगी। तय मानक से ही केंद्रों का निर्धारण होगा। - राकेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed