फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Every eye became moist after seeing three dead bodies together

Gonda News: एकसाथ तीन शव देख नम हुई हर आंख

Sat, 07 Feb 2026 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 07 Feb 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
Every eye became moist after seeing three dead bodies together
गोंडा के बहराइच रोड ​स्थित घर पर भाइयों का शव पहुंचने के बाद रोते परिजन। - संवाद
गोंडा। बहराइच रोड पर शनिवार शाम जैसे वक्त ठहर गया। जिस गली से रोज हंसी-ठहाके और टेंट हाउस की चहल-पहल सुनाई देती थी, वहीं सन्नाटे को चीरती सिर्फ सिसकियां गूंज रही थीं। दो सगे भाइयों व उनके चालक का शव पहुंचा तो परिजनों के साथ ही आसपास के लोग भी बिलख पड़े। एंबुलेंस का दरवाजा खुला तो लगा जैसे पूरे मोहल्ले का कलेजा फट गया हो।
विज्ञापन

अमन वरुण टेंट हाउस के संचालक राकेश श्रीवास्तव ‘मुम्मू’ और उनके छोटे भाई राधेश श्रीवास्तव की पहचान सिर्फ व्यवसायियों की नहीं थी। वे लोगों के हर सुख-दुख के साथी थे। किसी के घर शादी हो या मोहल्ले का भंडारा दोनों भाइयों की मौजूदगी तय रहती। शुक्रवार सुबह भी वे खुश मन से निकले थे। कानपुर देहात के रसूलाबाद में रिश्तेदार के यहां मुंडन संस्कार था। साथ में भतीजा अभिषेक और चालक इरफान उर्फ करिया भी था। किसी ने सोचा भी न था कि यह आखिरी सफर बन जाएगा। दोपहर बाद खबर आई कि कानपुर देहात में सहबालपुर-भेवान मार्ग पर कार अनियंत्रित होकर रामगंगा नहर में गिर गई। जब तक मदद पहुंचती, तीन जिंदगियां पानी में खामोश हो चुकी थीं। सिर्फ अभिषेक बच सका, वह भी गंभीर हालत में। कानपुर देहात से आई इस खबर से गोंडा के इस मोहल्ले में मातम पसर गया।
विज्ञापन

शव पहुंचे तो फूट पड़ा दर्द का समंदर
शनिवार शाम तीनों शव एकसाथ घर पहुंचे। राकेश की पत्नी नित्या ने जैसे ही पति का चेहरा देखा, बदहवास हो गईं। बेटी सोनल पिता के सीने से लिपटकर चीखती रही “पापा उठो न…” बेटा उत्पल पत्थर की तरह खड़ा सब देखता रहा, जैसे उसे यकीन ही न हो रहा हो। राधेश की पत्नी भावना बार-बार बेहोश हो रही थीं। छह साल का आरूष लोगों को रोता देख खुद भी रो पड़ता। उसे कोई कैसे समझाए कि जिन हाथों से रोज पिता उसे स्कूल छोड़ते थे, वे हाथ अब कभी नहीं थामेंगे। और उधर इरफान का घर जहां तीन नन्ही बेटियां अपनी मां से बस एक ही सवाल कर रही थीं कि अब्बू कब आएंगे?। पत्नी की आंखों में सूखा समंदर था। टेंट हाउस के कर्मचारी चुपचाप खड़े थे। जिन हाथों से कल तक वे शादियों की सजावट करते थे, आज उन्हीं हाथों से अपने मालिकों की अर्थी सजानी थी। बड़े भाई राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को अयोध्या के सरयू तट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, चालक इरफान के शव को सरकुलर रोड स्थित कर्बला में दफन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed