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Gonda News: हाईकोर्ट के आदेश पर भी नहीं हटवाया अतिक्रमण
Sat, 30 Sep 2023 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 30 Sep 2023 11:49 PM IST
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गोंडा। मनकापुर तहसीलदार ने क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेश का पांच माह बाद भी नियमानुसार अनुपालन नहीं कराया। इस पर याची ने हाईकोर्ट में अवमानना वाद दाखिल किया है। अदालत ने एसडीएम मनकापुर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब मामले की सुनवाई 17 अक्तूबर 2023 को होगी।
मनकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम अगयामाफी निवासी ढोढई चौहान ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल कर कहा कि ग्राम अगयामाफी के रहमत अली ने राजस्व अभिलेखों में गड़ही के रूप में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बना लिया था। 16 सितंबर 2017 को क्षेत्रीय लेखपाल ने इसकी रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर एक जून 2022 को तत्कालीन तहसीलदार ने रहमत अली को भूमि से बेदखल करते हुए 7,200 रुपये क्षतिपूर्ति और 2,500 रुपये निष्पादन व्यय की वसूली का आदेश दिया था। तहसीलकर्मियों ने आदेश का अनुपालन नहीं कराया तो ढोढई चौहान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने याची के कथन, मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि अपने आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी तहसीलदार की है।
18 अप्रैल 2023 को न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने निर्णय सुनाते हुए सक्षम अधिकारी तहसीलदार मनकापुर को उप्र राजस्व संहिता 2006 में प्रावधानित समय सीमा के अंदर आदेश का निष्पादन कराने का आदेश दिया। इसके बावजूद अधिकारियों ने आदेश का निष्पादन नहीं किया और न ही अवैध कब्जा हटाया गया। इस पर ढोढई चौहान ने अधिवक्ता प्रगति सिंह के माध्यम से जिलाधिकारी व अन्य को पक्षकार बनाकर उच्च न्यायालय में अवमानना वाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने उपजिलाधिकारी मनकापुर को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता के माध्यम से आदेश के अनुपालन के संबंध में पूरी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस मामले में आगामी 17 अक्तूबर 2023 को सुनवाई की तिथि निश्चित की गई है।
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मनकापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम अगयामाफी निवासी ढोढई चौहान ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल कर कहा कि ग्राम अगयामाफी के रहमत अली ने राजस्व अभिलेखों में गड़ही के रूप में दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बना लिया था। 16 सितंबर 2017 को क्षेत्रीय लेखपाल ने इसकी रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी थी। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर एक जून 2022 को तत्कालीन तहसीलदार ने रहमत अली को भूमि से बेदखल करते हुए 7,200 रुपये क्षतिपूर्ति और 2,500 रुपये निष्पादन व्यय की वसूली का आदेश दिया था। तहसीलकर्मियों ने आदेश का अनुपालन नहीं कराया तो ढोढई चौहान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने याची के कथन, मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि अपने आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी तहसीलदार की है।
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18 अप्रैल 2023 को न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने निर्णय सुनाते हुए सक्षम अधिकारी तहसीलदार मनकापुर को उप्र राजस्व संहिता 2006 में प्रावधानित समय सीमा के अंदर आदेश का निष्पादन कराने का आदेश दिया। इसके बावजूद अधिकारियों ने आदेश का निष्पादन नहीं किया और न ही अवैध कब्जा हटाया गया। इस पर ढोढई चौहान ने अधिवक्ता प्रगति सिंह के माध्यम से जिलाधिकारी व अन्य को पक्षकार बनाकर उच्च न्यायालय में अवमानना वाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने उपजिलाधिकारी मनकापुर को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता के माध्यम से आदेश के अनुपालन के संबंध में पूरी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस मामले में आगामी 17 अक्तूबर 2023 को सुनवाई की तिथि निश्चित की गई है।
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