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Gonda News: बिजली विभाग का निजीकरण उपभोक्ताओं पर पड़ेगा भारी
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गोंडा के मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना देते बिजलीकर्मी। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन की मनमानी व निजीकरण के विरोध में गुरुवार को भी बिजलीकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रर्दशन कर रहे अभियंताओं ने कहा कि बिजली आपूर्ति निजी हाथों में सौंपना उपभोक्ताओं के हित में नहीं होगा। निजी कंपनियां उनसे मनमाना बिल वसूल करेंगी।
गुरुवार को टेक्नीशियन से लेकर अभियंता सवंर्ग तक बिजलीकर्मियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। सभी कर्मियों के सामूहिक हड़ताल के चलते बकाया बिल भुगतान व बिल वसूली प्रभावित हो रही है। धरने में संषर्घ समिति के पदाधिकारी संदीप यादव ने कहा कि सभी बिजली कर्मियों को पूर्व की भांति 09 वर्ष, कुल 14 वर्ष एवं कुल 19 वर्ष की सेवा के बाद तीन पदोन्नत पदों के समयबद्ध वेतनमान दिए जाएं।
सभी बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए, ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिए जाएं तथा 765/400 / 220 केवी विद्युत उपकेन्द्रों को ऑउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाने का निर्णय रद्द किया जाए।
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सतीश गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन की ओर से बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। धरने में एसके साहू, विकास शर्मा, पीयूष सिंह, रामसूरत वर्मा, राजेंद्र चौधरी, तारकेश्वर गुप्ता आदि रहे। संवाद
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गुरुवार को टेक्नीशियन से लेकर अभियंता सवंर्ग तक बिजलीकर्मियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। सभी कर्मियों के सामूहिक हड़ताल के चलते बकाया बिल भुगतान व बिल वसूली प्रभावित हो रही है। धरने में संषर्घ समिति के पदाधिकारी संदीप यादव ने कहा कि सभी बिजली कर्मियों को पूर्व की भांति 09 वर्ष, कुल 14 वर्ष एवं कुल 19 वर्ष की सेवा के बाद तीन पदोन्नत पदों के समयबद्ध वेतनमान दिए जाएं।
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सभी बिजली कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाए, ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिए जाएं तथा 765/400 / 220 केवी विद्युत उपकेन्द्रों को ऑउटसोर्सिंग के माध्यम से चलाने का निर्णय रद्द किया जाए।
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सतीश गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन की ओर से बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। धरने में एसके साहू, विकास शर्मा, पीयूष सिंह, रामसूरत वर्मा, राजेंद्र चौधरी, तारकेश्वर गुप्ता आदि रहे। संवाद