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चुनाव में रैलियां प्रशासन से तय स्थान पर ही होगी
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गोंडा। विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों को आयोग की बंदिशों के साथ ही चुनाव प्रचार करने होंगे। कोरोना संकट के बीच हो रहे चुनावी घमासान में लोगों के जीवन की रक्षा के लिए भी उपाय होंगे। मनमानी करने पर आयोग की सख्ती का सामना करना पड़ेगा। 15 जनवरी तक तो किसी भी तरह से चुनावी प्रचार पर रोक है, इसके बाद अनुमति भी हुई तो बंदिशें लागू रहेंगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि आयोग के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन होगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। बिना अनुमति के किसी तरह की रैली या नुक्कड़ सभा कोई राजनीति दल करेगा तो उन्हें आगे से कोई अनुमति नहीं मिलेगी। जिले में सात विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पहली फरवरी से अधिसूचना जारी होने के बाद शुरू होगी। आठ फरवरी तक नामांकन होंगे और 10 तक पर्चों की जांच होगी। नाम वापसी 11 फरवरी को होगी, इसके बाद 27 फरवरी को मतदान होंगे।
प्रशासन ने कोविड को देखते हुए तय किया है कि इस बार चुनाव प्रचार में रैलियों के हर विधानसभा क्षेत्र में स्थल तय किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से तय किए गए स्थल पर ही राजनीतिक पार्टियां रैली कर सकेंगी। डीएम ने कहा कि 15 जनवरी के बाद अगर रैलियां होने की अनुमति हुई तो तय किए गए मापदंड को हर हाल में लागू किया जाएगा। हर रैली की वीडियोग्राफी होगी और निगरानी के लिए टीमों को लगाया जाएगा।
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आयोजक को तय करना होगा कि रैली में आने वाले लोग कोविड नियमों का पालन करें। मास्क का प्रयोग करें, सैनिटाइजर का इस्तेमाल हो और एक दूसरे के बीच दूरी रहे। प्रवेश और निकास के लिए अलग- अलग रास्ते तय किए जाएंगे। प्रवेश के समय और निकास के समय आने वालों की थर्मल स्कैनिंग होगी। किसी प्रकार के लक्षण मिलने पर कोविड जांच के लिए सैंपल भी लिए जाएंगे। इसी तरह पार्टी नेताओं की भी जांच होगी और उन्हें भी कोविड नियमों का पालन करना होगा।
विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर विस क्षेत्र में निगरानी के लिए तीन- तीन टीमें तैयार की गई हैं। जिसमें करीब 300 अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी है। जो हर एक गतिविधि पर अभी से ही नजर रखेंगे। राजनीतिक दलों को आयोग के निर्देशों के बारे में जानकारी देने के साथ ही अपील की है कि किसी तरह से नियमों को न तोड़ें। जिससे निर्वाचन कार्य में किसी तरह का व्यवधान न होने पाए।
राजनीतिक दलों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं, आयोग की बंदिशों के कारण वह चुनावी माहौल नहीं बना पा रहे हैं। दल 15 जनवरी के बाद आयोग की नई गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव कहते हैं कि आयोग के निर्देश का पालन किया जाएगा। वर्तमान में कोरोना संकट को देखते हुए संयम से ही चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस के शिवकुमार दूबे ने कहा कि 15 जनवरी के बाद पार्टी कार्यक्रमों को तय करेगी। फिलहाल संगठन के साथ रणनीति तैयार की जा रही है।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि आयोग के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन होगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। बिना अनुमति के किसी तरह की रैली या नुक्कड़ सभा कोई राजनीति दल करेगा तो उन्हें आगे से कोई अनुमति नहीं मिलेगी। जिले में सात विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पहली फरवरी से अधिसूचना जारी होने के बाद शुरू होगी। आठ फरवरी तक नामांकन होंगे और 10 तक पर्चों की जांच होगी। नाम वापसी 11 फरवरी को होगी, इसके बाद 27 फरवरी को मतदान होंगे।
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प्रशासन ने कोविड को देखते हुए तय किया है कि इस बार चुनाव प्रचार में रैलियों के हर विधानसभा क्षेत्र में स्थल तय किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से तय किए गए स्थल पर ही राजनीतिक पार्टियां रैली कर सकेंगी। डीएम ने कहा कि 15 जनवरी के बाद अगर रैलियां होने की अनुमति हुई तो तय किए गए मापदंड को हर हाल में लागू किया जाएगा। हर रैली की वीडियोग्राफी होगी और निगरानी के लिए टीमों को लगाया जाएगा।
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आयोजक को तय करना होगा कि रैली में आने वाले लोग कोविड नियमों का पालन करें। मास्क का प्रयोग करें, सैनिटाइजर का इस्तेमाल हो और एक दूसरे के बीच दूरी रहे। प्रवेश और निकास के लिए अलग- अलग रास्ते तय किए जाएंगे। प्रवेश के समय और निकास के समय आने वालों की थर्मल स्कैनिंग होगी। किसी प्रकार के लक्षण मिलने पर कोविड जांच के लिए सैंपल भी लिए जाएंगे। इसी तरह पार्टी नेताओं की भी जांच होगी और उन्हें भी कोविड नियमों का पालन करना होगा।
विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर विस क्षेत्र में निगरानी के लिए तीन- तीन टीमें तैयार की गई हैं। जिसमें करीब 300 अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी है। जो हर एक गतिविधि पर अभी से ही नजर रखेंगे। राजनीतिक दलों को आयोग के निर्देशों के बारे में जानकारी देने के साथ ही अपील की है कि किसी तरह से नियमों को न तोड़ें। जिससे निर्वाचन कार्य में किसी तरह का व्यवधान न होने पाए।
राजनीतिक दलों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं, आयोग की बंदिशों के कारण वह चुनावी माहौल नहीं बना पा रहे हैं। दल 15 जनवरी के बाद आयोग की नई गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ पप्पू यादव कहते हैं कि आयोग के निर्देश का पालन किया जाएगा। वर्तमान में कोरोना संकट को देखते हुए संयम से ही चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस के शिवकुमार दूबे ने कहा कि 15 जनवरी के बाद पार्टी कार्यक्रमों को तय करेगी। फिलहाल संगठन के साथ रणनीति तैयार की जा रही है।