{"_id":"611bea598ebc3e42cb0c15c5","slug":"elders-above-80-years-will-be-able-to-vote-from-home-gonda-news-lko5916734171","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुजुर्गों को नहीं लगानी होगी लाइन, घर बैठे वोट डाल सकेंगे 42 हजार बुजुर्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुजुर्गों को नहीं लगानी होगी लाइन, घर बैठे वोट डाल सकेंगे 42 हजार बुजुर्ग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। इस बार विधानसभा चुुनाव में बुजुर्गों व दिव्यांगों को लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। विधानसभा चुनाव 2022 में जिले के 42 हजार बुजुर्ग व नौ हजार दिव्यांग मतदाताओं को पहली बार अपने घर से ही वोट डालने का मौका मिलेगा।
कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव आयोग ने 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधा दी है। निर्वाचन विभाग ऐसे मतदाताओं की अलग से सूची तैयार करा रहा है।
हालांकि अभी तक स्पष्ट गाइड लाइन नहीं आई कि वे पोस्टल बैलेट से या फिर अन्य तरीके से वोट डालेंगे। यह जरूर तय हो गया है कि 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग व दिव्यांगों को घर पर वोट डालने का मौका मिलेगा। जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं।
विज्ञापन
करीब 26 लाख मतदाता हैं। इन मतदाताओं में 42 हजार 80 साल से अधिक उम्र के मतदाता हैं, जबकि 9 हजार दिव्यांग मतदाता हैं। इस बार बूथों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। बूथों की संख्या इस बार 22 सौ से अधिक हो जाएगी।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आयोग ने पिछले दिनों बूथों के गठन को लेकर आदेश जारी किया था। इसमें एक बूथ पर अधिकतम मतदाताओं की संख्या 1200 करने के निर्देश दिए गए थे।
एक बूथ पर अधिकतम 1400 मतदाता मतदान करते थे। एक और नया आदेश आ गया है। इससे बूथों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। कोरोना के चलते बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को घर से वोट डालने की सुविधा मिलेगी।
बूथों से मतदाताओं की संख्या कम करने के लिए यह आदेश जारी हुए हैं। मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू होने वाला है। मतदाताओं की संख्या और बढ़ सकती हैं जिसमें बुजुर्ग मतदाता की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि घर से वोट डालने के संबंध में आदेश तो आ गया है, लेकिन मतदान की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। पोस्टल बैलेट या किसी अन्य व्यवस्था से मताधिकार का मौका मिलेगा। जिले में अनुमानित 42 हजार ऐसे मतदाता हैं, जिन्हें यह फायदा मिलेगा।
इसमें 9 हजार दिव्यांग व 42 हजार 80 साल की आयु से अधिक के हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में यह संख्या घट-बढ़ भी सकती है। आयोग से आगे जैसे भी आदेश मिलेंगे, उनका पालन कराया जाएगा।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव आयोग ने 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए सुविधा दी है। निर्वाचन विभाग ऐसे मतदाताओं की अलग से सूची तैयार करा रहा है।
विज्ञापन
हालांकि अभी तक स्पष्ट गाइड लाइन नहीं आई कि वे पोस्टल बैलेट से या फिर अन्य तरीके से वोट डालेंगे। यह जरूर तय हो गया है कि 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग व दिव्यांगों को घर पर वोट डालने का मौका मिलेगा। जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं।
विज्ञापन
करीब 26 लाख मतदाता हैं। इन मतदाताओं में 42 हजार 80 साल से अधिक उम्र के मतदाता हैं, जबकि 9 हजार दिव्यांग मतदाता हैं। इस बार बूथों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। बूथों की संख्या इस बार 22 सौ से अधिक हो जाएगी।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आयोग ने पिछले दिनों बूथों के गठन को लेकर आदेश जारी किया था। इसमें एक बूथ पर अधिकतम मतदाताओं की संख्या 1200 करने के निर्देश दिए गए थे।
एक बूथ पर अधिकतम 1400 मतदाता मतदान करते थे। एक और नया आदेश आ गया है। इससे बूथों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। कोरोना के चलते बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को घर से वोट डालने की सुविधा मिलेगी।
बूथों से मतदाताओं की संख्या कम करने के लिए यह आदेश जारी हुए हैं। मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू होने वाला है। मतदाताओं की संख्या और बढ़ सकती हैं जिसमें बुजुर्ग मतदाता की संख्या में भी इजाफा हो सकता है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि घर से वोट डालने के संबंध में आदेश तो आ गया है, लेकिन मतदान की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। पोस्टल बैलेट या किसी अन्य व्यवस्था से मताधिकार का मौका मिलेगा। जिले में अनुमानित 42 हजार ऐसे मतदाता हैं, जिन्हें यह फायदा मिलेगा।
इसमें 9 हजार दिव्यांग व 42 हजार 80 साल की आयु से अधिक के हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में यह संख्या घट-बढ़ भी सकती है। आयोग से आगे जैसे भी आदेश मिलेंगे, उनका पालन कराया जाएगा।